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हाथरस: रोडवेज बसों में रुकेगी डीजल की चोरी
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रोडवेज बसों में रुकेगी डीजल की चोरी
डीजल टैंक पर लगाई गई आरएफआईडी रिंग
डीजल डलने के बारे में आला अफसरों को रहेगा पता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अब रोडवेज बसों में चालक व कर्मी डीजल की चोरी नहीं कर सकेंगे। सभी बसों के डीजल टैंक पर आरएफआईडी रिंग लगाई गई है। अब निगम के अफसरों को भी पता रहेगा कि किस बस में कितना डीजल है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 84 बसें हैं, जिसमें करीब 40 बसें लोकल और बाकी बसें लंबे रूट पर संचालित होती हैं। इन बसों के संचालन में करीब प्रतिदिन सात सौ लीटर डीजल की खपत होती है। डीजल की चोरी को रोकने के लिए अब आरएफआईडी रिंग का सहारा लिया है। यह रिंग डीजल टैंक पर लगाई गई है। डीजल पंप का नोजल टैंक की रिंग पर टच होने के साथ अपना काम शुरू कर देगी।
साथ ही वर्कशॉप में लगे कम्प्यूटर में सारी जानकारी अपने आप अंकित हो जाएगी कि किस बस में कितना डीजल है। रात को 12 बजे के बाद पूरा डॉटा अपने आप मुख्यालय को ट्रांसफर हो जाएगा। इससे अफसरों को पता रहेगा कि किस बस में कितना डीजल डला है। इस मामले में एआरएम शशी रानी का कहना है कि बसों के टैंक पर आरएफआईडी रिंग लगाई गई है, जिससे मुख्यालय पर अधिकारियों को पता रहेगा कि किस बस में कितना डीजल है।
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डीजल टैंक पर लगाई गई आरएफआईडी रिंग
डीजल डलने के बारे में आला अफसरों को रहेगा पता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अब रोडवेज बसों में चालक व कर्मी डीजल की चोरी नहीं कर सकेंगे। सभी बसों के डीजल टैंक पर आरएफआईडी रिंग लगाई गई है। अब निगम के अफसरों को भी पता रहेगा कि किस बस में कितना डीजल है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस डिपो में वर्तमान में 84 बसें हैं, जिसमें करीब 40 बसें लोकल और बाकी बसें लंबे रूट पर संचालित होती हैं। इन बसों के संचालन में करीब प्रतिदिन सात सौ लीटर डीजल की खपत होती है। डीजल की चोरी को रोकने के लिए अब आरएफआईडी रिंग का सहारा लिया है। यह रिंग डीजल टैंक पर लगाई गई है। डीजल पंप का नोजल टैंक की रिंग पर टच होने के साथ अपना काम शुरू कर देगी।
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साथ ही वर्कशॉप में लगे कम्प्यूटर में सारी जानकारी अपने आप अंकित हो जाएगी कि किस बस में कितना डीजल है। रात को 12 बजे के बाद पूरा डॉटा अपने आप मुख्यालय को ट्रांसफर हो जाएगा। इससे अफसरों को पता रहेगा कि किस बस में कितना डीजल डला है। इस मामले में एआरएम शशी रानी का कहना है कि बसों के टैंक पर आरएफआईडी रिंग लगाई गई है, जिससे मुख्यालय पर अधिकारियों को पता रहेगा कि किस बस में कितना डीजल है।
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