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हाथरस : कोविड-19 टीकाकरण के लिए लागू होगा क्लस्टर मॉडल-2.0
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम को गति प्रदान देने लिए एक नवंबर से क्लस्टर मॉडल-2.0 लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं। क्लस्टर मॉडल -2.0 से संबंधित दिशा-निर्देश अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद की ओर से जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भेजे गए हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया नये क्लस्टर मॉडल में जहां वर्तमान व्यवस्थाएं यथावत लागू रहेंगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्र पर फोकस बढ़ाने लिए पहले लेखपालों के जरिये टीकाकरण का आंकलन कराया जाएगा। उसके बाद कवरेज के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग साझीदार संस्थाओं के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करेगा। क्लस्टर मॉडल-2.0 लागू करने के साथ ही शहरी क्षेत्र में कवरेज बढ़ाने के लिए फ्लैक्सी टाइमिंग व्यवस्था के तहत रात को आठ से 10 बजे तक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि रोजगार की व्यस्तता के चलते टीकाकरण केंद्रों पर न पहुंच पाने वाले लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।
डॉ. विजेंद्र ने बताया कि वर्तमान में लागू टीकाकरण की व्यवस्थाएं फिक्स बूथ, क्लस्टर एप्रोच और मेगा वैक्सीनेशन डे यथावत रहेंगी। कोविड टीकाकरण की पहली खुराक का लक्ष्य पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र पर फोकस बढ़ाया जाएगा। शासन से मिले निर्देश के मुताबिक जिले के सभी राजस्व ग्रामों में टीके की पहली खुराक का आकलन लेखपाल करेंगे और फिर उसी आधार पर 95 प्रतिशत या उससे अधिक, 80 से 95 प्रतिशत और 80 प्रतिशत से कम प्रथम खुराक वाले ग्रामों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
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सबसे पहले 80 प्रतिशत से अधिक प्रथम डोज टीकाकरण वाली दोनों श्रेणियों के ग्रामों को संतृप्त किया जाएगा और जिस गांव के सौ फीसदी लाभार्थियों को पहली खुराक लग जाएगी उसे ‘प्रथम डोज संतृप्त गांव’ कहा जाएगा। प्रथम डोज से संतृप्त होने वाले गांव के प्रधान को सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार दोनों खुराक पूर्ण करने वाले गांव को ‘कोविड सुरक्षित गांव’ की संज्ञा दी जाएगी। इसके साथ ही ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स, शिक्षा, पंचायतराज, आईसीडीएस, ग्राम विकास विभाग आदि के सहयोग से तीसरी श्रेणी वाले ग्रामों को भी प्रथम डोज संतृप्त ग्राम की श्रेणी में लाया जाएगा। संवाद
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कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम को गति प्रदान देने लिए एक नवंबर से क्लस्टर मॉडल-2.0 लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं। क्लस्टर मॉडल -2.0 से संबंधित दिशा-निर्देश अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद की ओर से जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को भेजे गए हैं।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया नये क्लस्टर मॉडल में जहां वर्तमान व्यवस्थाएं यथावत लागू रहेंगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्र पर फोकस बढ़ाने लिए पहले लेखपालों के जरिये टीकाकरण का आंकलन कराया जाएगा। उसके बाद कवरेज के हिसाब से स्वास्थ्य विभाग साझीदार संस्थाओं के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करेगा। क्लस्टर मॉडल-2.0 लागू करने के साथ ही शहरी क्षेत्र में कवरेज बढ़ाने के लिए फ्लैक्सी टाइमिंग व्यवस्था के तहत रात को आठ से 10 बजे तक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि रोजगार की व्यस्तता के चलते टीकाकरण केंद्रों पर न पहुंच पाने वाले लाभार्थी इसका लाभ उठा सकें।
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डॉ. विजेंद्र ने बताया कि वर्तमान में लागू टीकाकरण की व्यवस्थाएं फिक्स बूथ, क्लस्टर एप्रोच और मेगा वैक्सीनेशन डे यथावत रहेंगी। कोविड टीकाकरण की पहली खुराक का लक्ष्य पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र पर फोकस बढ़ाया जाएगा। शासन से मिले निर्देश के मुताबिक जिले के सभी राजस्व ग्रामों में टीके की पहली खुराक का आकलन लेखपाल करेंगे और फिर उसी आधार पर 95 प्रतिशत या उससे अधिक, 80 से 95 प्रतिशत और 80 प्रतिशत से कम प्रथम खुराक वाले ग्रामों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा।
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सबसे पहले 80 प्रतिशत से अधिक प्रथम डोज टीकाकरण वाली दोनों श्रेणियों के ग्रामों को संतृप्त किया जाएगा और जिस गांव के सौ फीसदी लाभार्थियों को पहली खुराक लग जाएगी उसे ‘प्रथम डोज संतृप्त गांव’ कहा जाएगा। प्रथम डोज से संतृप्त होने वाले गांव के प्रधान को सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार दोनों खुराक पूर्ण करने वाले गांव को ‘कोविड सुरक्षित गांव’ की संज्ञा दी जाएगी। इसके साथ ही ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स, शिक्षा, पंचायतराज, आईसीडीएस, ग्राम विकास विभाग आदि के सहयोग से तीसरी श्रेणी वाले ग्रामों को भी प्रथम डोज संतृप्त ग्राम की श्रेणी में लाया जाएगा। संवाद