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हाथरस : बदलता मौसम कर रहा बीमार, अस्पतालों में मरीजों की भरमार

Wed, 02 Nov 2022 12:01 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Nov 2022 12:01 AM IST
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Hathras: Changing weather is making sick, hospitals are full of patients
हाथरस : बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में मां से जानकारी लेतीं डॉक्टर। संवाद - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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मौसम में परिवर्तन के साथ ही एक बार फिर वायरल बीमारियों का हमला तेज हो गया है। सुबह और शाम को हो रही ठंड बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा है। इनकी सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी, वरना गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इस मौसम में डायरिया और वायरल बुखार और हार्टअटैक का खतरा होने की सबसे अधिक संभावना रहती है। जिला अस्पताल के वाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में ही अकेले डेढ़ हजार मरीज रोजाना आ रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की है।
नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम में तेजी के साथ परिवर्तन होने लगा है। मौसम में उतार-चढ़ाव से बच्चों और बुजुर्गों को वायरल बीमारियां भी तेजी से जकड़ने लगी हैं। बच्चों को डायरिया, वायरल फीवर, निमोनिया का खतरा है। बुजुर्गों को सबसे अधिक खतरा एलर्जिक ब्रोंकाइटिस (सांस फूलने की बीमारी) का है।
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दरअसल मौसम में दिन में गर्मी आ गई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार का कहना है कि सुबह शाम अब ठंड हो रही है। दिन में गर्मी रहती है, इससे लोग ठंड से बचाव में लापरवाही करने लगे हैं, यही कारण है कि बच्चे और बुजुर्ग बीमारी की चपेट में अधिक आ रहे हैं। संवाद
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बच्चों में वायरल इन्फेक्शन का खतरा अधिक
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमन सिरोही ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।

ऐसे करें बचाव
- बच्चों को सुबह शाम फुल अस्तीन के ऊनी कपड़ा पहनाकर रखें, रात में पंखा कूलर आदि न चलाएं।
- हर बार दूध देने से पहले बोतल कम से कम पांच मिनट तक पानी में खौलाएं।
- पानी में बच्चों को न खेलने दें और ठंडी चीजें खाने को न दें, दूध भी गुनगुना करके दें।
- बुजुर्ग सुबह जल्दी बाहर टहलने न निकले, हलकी धूप के बाद हल्का ऊनी कपड़ा पहनकर निकलें।
- जब बाहर टहलने निकलें तो जहां तक संभव हो, मास्क लगा लें। धूल और धुआं से बचकर रहें। इससे फेफड़ों में संक्रमण की संभावना कम होगी।
- हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सर्तक रहें। समय से दवा ले सांस लेने में परेशानी पर डॉक्टर की सलाह लें।
बेटा सर्दी की चपेट में आ गया है। उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल आई हूं। बदलता मौसम बच्चों को ज्यादा परेशान कर रहा है।
-पूजा, तीमारदार
पिछले कई दिनों से दिन के बाद रात को ठंड अधिक हो गई है। बच्चे इससे बीमार हो रहे हैं। बेटी को बुखार आ गया है।
-रजिया, तीमारदार
पिछले कई दिनों से ओपीडी में प्रतिदिन बुखार के 175 से 200 बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर ठंड से होने वाले वायरल के शिकार हैं। यह मौसम बड़ों को भी बीमार कर रहा है। हमारे पास उपलब्ध संसाधनों से अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा रहा है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस, जिला अस्पताल
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