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हाथरस : सात दिन बाद बेटे के जिंदा होने की आस में खुदवाई कब्र, मिली निराशा

Tue, 05 Jul 2022 11:18 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 11:18 PM IST
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Hathras: After seven days, the grave was excavated in the hope of being alive, the disappointment was found
हाथरस : हाथरसी मंदिर के पास युवक का शव निकालते समय जेसीबी से होती खोदाई। संवाद - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शहर के नगला चौबे में 29 जून को सांप के काटने से युवक की मौत हो गई थी। मां को बेटे के जिंदा होने का सपना आया तो पोखर में दफन किए गए शव को कब्र से बाहर निकाले जाने की कवायद शुरू हुई। प्रशासन की अनुमति के बाद करीब दो बजे से लगातार पोखर में गड्ढे को खोदकर शव देखा गया, लेकिन जब लोगों ने यह देखा कि गड्ढे के अंदर शव ही है और वह भी काफी फूला हुआ तो फिर मिट्टी डालकर उस पर दफन कर दिया गया।
कोतवाली सदर इलाके के गांव नगला चौबे निवासी 18 वर्षीय योगेश पुत्र जितेंद्र 29 जून 2022 बुधवार की रात को अपने घर में जमीन पर सो रहा था। इस बीच उसे सांप ने डंस लिया। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो वह उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद भी परिजन कई बायगीरों के पास उसे लेकर गए। सभी ने उसे मृत घोषित कर दिया और फिर उसके शव को गांव के निकट स्थित हाथरसी देवी के मंदिर के पास स्थित पोखर में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। युवक की मां केला देवी ने बताया उसे बेटे की मौत के दो दिन बाद सपना आया। सपने में बेटे ने अपनी मां से कहा कि वह अभी जिंदा है। उसे गड्ढे से बाहर निकलवा लो।
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इस बात पर उसने उस वक्त तो भरोसा नहीं किया। यही सपना मोहल्ले के कई युवकों व महिलाओं को भी आया। वहीं एक दो रिश्तेदार को भी सपना आया। जिस पर मां की ममता जाग कई और फिर वह गड्ढा खोदकर अपनी तसल्ली के लिए शव को बाहर निकाले जाने की जिद करने लगी। इसके बाद परिवार के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और अनुमति लेकर मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे से शव को बाहर निकालने में लग गए। जिस स्थान पर शव को दफनाया गया था, वहां पानी भर गया था। ऐसे में वहां पानी निकलवाया गया और जेसीबी भी मंगवाई गई। शाम को जब यह देखा कि शव गड्ढे में ही मौजूद है और फूल और गया है तो इसे फिर से दफन करा दिया गया। संवाद
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