फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: 40 percent in the city, 60 percent of the theft in the countryside

हाथरस : शहर में 40 प्रतिशत, देहात में हो रही 60 प्रतिशत बिजली की चोरी

Wed, 02 Dec 2020 09:41 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Dec 2020 09:41 PM IST
विज्ञापन
Hathras: 40 percent in the city, 60 percent of the theft in the countryside
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

जिले में बिजली चोरी पर लगाम नहीं लग पा रही है। यही वजह है कि सर्दी में उपकरण ओवरलोड होकर जवाब दे रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक शहर में 40 प्रतिशत व देहात में 60 फीसदी तक बिजली चोरी हो रही है। इससे विभाग को हर महीने लाखों रुपयेे के राजस्व की चपत लग रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 64 बिजलीघरों के 198 फीडरों से सवा दो लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। एक तो पहले से जिले में बिजली चोरी का ग्राफ काफी ऊपर है। सबसे ज्यादा बिजली चोरी कोटा रोड बिजलीघर और बाकी के फीडरों पर तीस प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। देहात में बिजली चोरी का आंकड़ा 60 प्रतिशत है। इतना सबकुछ होने के बावजूद टीमों द्वारा बिजली चोरी पर अफसरों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
विज्ञापन

शाम ढलते ही डल जाती हैं कटिया
हाथरस। शहर से देहात तक काफी इलाकों में सूर्यास्त के बाद बिजली के खंभों पर कटिया डालने वालों का जमघट रहता है। फिर सुबह चार से पांच बजे के बीच तारों को कटियाधारक उतार लेते हैं। जब बिजली टीम चेकिंग करने पहुंचती हैं तो कुछ ही घरों तक बिजली चोरी पकड़ में आती है। इस कारण पूरी तरह बिजली चोरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिजली चोरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा। बृहस्पतिवार को इस संबंध में अधीनस्थों से वार्ता की जाएगी।
पवन कुमार अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed