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उपचुनाव में इस बार भी हुआ भितरघात

Tue, 30 Jul 2019 01:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jul 2019 01:51 AM IST
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Hathara political news
समर्थक से परिणाम की जानकारी लेते रामवीर उपाध्याय। - फोटो : HATHRAS
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में इस बार भी क्रास वोटिंग हुई। जीत हार का अंतर महज एक वोट रहा। रामवीर उपाध्याय खेमे को महज एक वोट से जीत हासिल हुई। अपनी जीत को बेहद आसान मानकर चल रहे रामवीर उपाध्याय खेमे के नेताओं को जब यह पता चला कि जीत महज एक वोट से हुई है तो उनके चेहरे पर एकबारगी बेचैनी देखी गई। रामवीर खेमा अपने साथ 16 मतदाताओं को निश्चित मानकर चल रहा था लेकिन ऐन वक्त पर तीन वोटर दगा दे गए। भितरघात आखिर किसने किया, सबकी जुबां पर यही सवाल रहा। वहीं रामवीर खेमा भितरघातियों की पहचान में जुट भी गया।
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उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पिछले माह तक सपा की जिलाध्यक्ष ओमवती यादव काबिज थीं। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने राजनीतिक समीकरणों को दुरुस्त कर ओमवती यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। जिला पंचायत के कुल 25 में से 16 सदस्यों ने ओमवती यादव के विपक्ष में मतदान किया और यह कुर्सी उनसे छिन गई।
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रामवीर उपाध्याय ने तभी यह घोषणा कर दी थी कि उनके भाई विनोद फिर से जिला पंचायत का चुनाव लड़ेंगे। आधी जंग तो ओमवती को हटाकर रामवीर खेमे ने जीत ली थी लेकिन उसके बाद आधी जंग जीतना बाकी था। विनोद उपाध्याय को फिर से जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित कराने के लिए रामवीर खेमे ने पूरी तैयारी कर ली थी। सूत्रों की मानें तो उपाध्याय खेमा यह मानकर चल रहा था कि जिन सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है वह तो उनके साथ हैं ही। यही नहीं पूर्व मंत्री रामवीर व उनके भाई विनोद उपाध्याय ने अपने साथ 18 से 20 सदस्य होने का दावा किया था। कई सदस्यों को बाहर भेज दिया गया था।
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रामवीर खेमा इस जंग को काफी आसान मान रहा था। वहीं ओमवती खेमे ने ऊपर से तो सुस्ती दिखाई लेकिन अंदरखाने इस खेमे के रणनीतिकारों ने जंग को अपने पक्ष में लाने का हर संभव प्रयास किया। सोमवार को दोनों खेमे मतदान में अपने-अपने वोटरों के साथ मतदान के लिए पहुंचे। विनोद उपाध्याय के खेमे में काफी जोश भरा हुआ था। समर्थकों ने पहले से ही मिठाई, माला आदि मंगा ली थी। मतदान के बाद जब परिणाम सामने आए तो यह खेमा भौचक्का रह गया। हालांकि जीते तो विनोद उपाध्याय ही, लेकिन केवल एक वोट से। विनोद को 13 तो ओमवती यादव को 12 वोट मिले। परिणाम घोषित होने के बाद ओमवती यादव तो निराश होकर चली गईं। आखिर किन सदस्यों ने भितरघात किया, इसकी अब टोह ली जा रही है।

विनोद को 18 वोट मिलने ही उम्मीद थी। कुछ लोग क्रास वोटिंग कर गए। जिन लोगों ने हमें वोट दिया, उन्हें बधाई देते हैं। अब जिले में जमकर विकास के काम होंगे। पिछले दो साल से विकास के यह काम बंद पड़े थे।
रामवीर उपाध्याय, विधायक सादाबाद
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