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गोद में खिलाया, चिता में भी साथ सुलाया: दादी-नाती की एक साथ मौत, एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार
Tue, 27 Feb 2024 01:24 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:24 AM IST
सार
जिस दादी ने अपने नाती को गोद में खिलाया, उसको शायद उम्मीद भी नहीं होगी कि उसे अपने साथ चिता में भी सुलाना पड़ेगा। हाथरस में चंदपा के झींगुरा गांव में दादी और नाती की एक साथ मौत हो गई। देर रात नाती व दादी को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी गई।
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मृतक दादी कपूरी देवी अपने नाती अंशुल के साथ
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हाथरस में चंदपा क्षेत्र के गांव झींगुरा निवासी दादी-नाती खुर्जा में रेलवे ट्रैक पार करते हुए ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर मौत हो गई। जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंच गई। सूचना मिलते ही परिजन खुर्जा रवाना हो गए। परिवार में मातम का माहौल छा गया। देर रात दोनों का शव गांव में पहुंचा।
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झींगुरा निवासी 80 वर्षीय कपूरी देवी पत्नी शोभ सिंह अपने नाती 22 वर्षीय अंशुल पुत्र संतोष कुमार के साथ पैसेंजर ट्रेन से खुर्जा जंक्शन आई थीं। उन्हें खुर्जा में गांव मैना स्थित अपनी बहन के यहां जाना था। वह प्लेटफार्म नंबर तीन की ओर तरफ से एक की तरफ को पैदल ट्रैक पार कर रही थीं। इस बीच कपूरी देवी ट्रैक पर गिर गईं। उन्हें उठाने के लिए उनका नाती अंशुल आया। इसी बीच दिल्ली की ओर जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस आ गई। दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद जीआरपी मौके पर पहुंच गई।
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ग्रामीण बोले, गांव ने खो दिया क्षेत्र का नाम रोशन करने वाला खिलाड़ी
गांव के लोगों का कहना है कि 22 वर्षीय अंशुल छोटी सी उम्र में प्रदेश स्तर का कबड्डी खिलाड़ी था। उसकी प्रतिभा क्षेत्र में चर्चा थी। लोग उदास मन से कह रहे थे कि दुर्घटना नहीं होती तो अंशुल हमारे गांव का नाम जरूर रोशन करता। वह हरियाणा मैक्स क्लब की तरफ से खेलता था और प्रदेश स्तर की कबड्डी प्रतियोगितों में भाग लेता था।
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एक ही चिता पर हुआ दोनों का अंतिम संस्कार
देर शाम दोनों के शव गांव में पहुंचे। गांव में कोहराम मचा हुआ था। घर पर आसपास के लोगों की भीड़ थी। लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। देर रात बड़े भाई दीपक ने अंशुल व दादी को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी।