Hathras News: जिला अस्पताल के स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों का नुकसान
ओपीडी के बगल में स्थित स्टोर रूम में आग लगी थी, जिससे धुआं रोशनदान से ओपीडी में भी पहुंच रहा था। इससे वहां मौजूद मरीज व उनके तीमारदार भी घबरा गए। आग लगने की सूचना पर सभी बाहर निकल आए। इधर चिकित्सक भी अपने कक्ष से बाहर आ गए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस के बागला संयुक्त जिला चिकित्सालय में उस समय अफरातफरी मच गई, जब 4 जून दोपहर वहां के स्टोर रूम में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते स्टोर रूम में रखा लाखों रुपये का सामान जल गया। इस अग्रिकांड से अस्पताल परिसर में धुएं का गुबार छा गया, जिससे ओपीडी व दवा काउंटर के पास मौजूद मरीजों और तीमारदारों के बीच शोर-शाराबा मच गया। आनन-फानन में दमकल को बुलाया गया।
जिला अस्पताल की ओपीडी के पीछे स्टोर रूम है, जिसकी दीवारें केवल दो तरफ हैं तथा शेष दो तरफ लोहे का जाल है। छत के लिए टिनशेड पड़ा है। लोहे के जाल से जिला अस्पताल को बिजली सप्लाई देने वाली मोटी केबल गुजर रही हैं। रख-रखाव के अभाव व बंदरों के झूलने के कारण केबल जर्जर हो चुकी हैं। गर्मी के कारण सीटी स्कैन व एसी को सप्लाई देने वाली बंच्ड केबल पिघल गई। दोपहर एक बजे यह केबल स्टोर रूम के लोहे के जाल से छू गई और शाॅर्ट-सर्किट हो गई, जिससे आतिशबाजी की तरह धमाके होने लगे और चिंगारियां उठने लगीं। यह शॉर्ट सर्किट इतनी भयानक थी कि स्टोर रूम के लोहे के मुख्य गेट में भी हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया।
करंट के चलते शुरूआत में ही इस आग पर काबू नहीं पाया जा सका। चिंगारी से गेट पर लगी फाइबर शीट ने आग पकड़ ली और फिर स्टोर रूम के अंदर रखे स्ट्रेचर, एसी, कुर्सी-टेबल आदि सामान जलने लगा। ऊंची लपटें व धुआं देखकर कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन दमकल को फोन किया गया। कर्मी अस्पताल में रखे आग बुझाने वाले उपकरण लेकर दौड़े।
घटना के वक्त स्टोर रूम के गेट पर ताला लगा था, जो करंट के कारण खोला नहीं जा सका। बाहर से ही आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। इसी बीच एफएसओ दीपक कुमार दो दमकल वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे। पीछे का जाल तोड़कर दमकल ने 15 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग लगभग आधा घंटे तक लगी रही, जिससे अफरा-तफरी का माहौल रहा।
धुएं से घबराए मरीज व तीमारदार
ओपीडी के बगल में स्थित स्टोर रूम में आग लगी थी, जिससे धुआं रोशनदान से ओपीडी में भी पहुंच रहा था। इससे वहां मौजूद मरीज व उनके तीमारदार भी घबरा गए। आग लगने की सूचना पर सभी बाहर निकल आए। इधर चिकित्सक भी अपने कक्ष से बाहर आ गए। दवा काउंटर पर भी मरीज व तीमारदारों में अफरा-तफरी मची रही। धुएं के कारण घुटन व आंखों में जलन होने लगी। हालांकि अन्य वार्डों तक धुआं नहीं नहीं पहुंचा।
बंदरों के तारों पर लटकने के कारण शॉर्ट सर्किट हुई, जिससे आग लगी है। स्टोर रूम में रखा निष्प्रयोज्य सामान जल गया है। लगभग 15 से 20 मिनट बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालात पूरी तरह से सामान्य है।-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।