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Hathras News: दो साल में आठ घूसखोर दबोचे, फिर भी हौसले बुलंद
Sun, 19 Jul 2026 02:00 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:00 AM IST
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कानूनगो के रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार होने के बाद तहसील में मौजूद परिजन। संवाद
- फोटो : Samvad
जिले में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) का शिकंजा घूसखोर अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगातार कसता जा रहा है। जिले में पिछले दो साल में आठ सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है। बावजूद इसके घूसखोरों का हौसला कमजोर नहीं पड़ रहा।
सिकंदराराऊ क्षेत्र में पिछले कुछ ही दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 22 मई की रात को एंटी करप्शन आगरा और अलीगढ़ की संयुक्त टीम ने सिकंदराराऊ थाने की कचौरा पुलिस चौकी के प्रभारी (उपनिरीक्षक) जगजीत सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था।
दारोगा ने एक पीड़ित महिला रीना से मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के एवज में 500-500 के केमिकल लगे नोटों के रूप में यह घूस मांगी थी। इसके ठीक पहले एक अप्रैल को भी नगर पालिका परिषद की एक महिला कर्मचारी सोनिया को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया था।
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पिछले दो वर्षों में ये पकड़े गए
2 फरवरी 2026 : सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ सहायक बबिता चौहान को एक प्रशिक्षु से सीएचसी पर इंटर्नशिप कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
29 जनवरी 2025 : नगर पालिका परिषद हाथरस के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक महेश कुमार को ठेकेदार के भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये की मोटी रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था।
31 मई 2025 : आगरा रोड चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा को एक झगड़े के मामले में कार्रवाई करने के लिए 10 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।
27 जून 2024 : बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक को शिक्षक से वेतन वृद्धि व प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने दबोचा था।
12 जुलाई 2024 : सीएमओ कार्यालय की महिला लिपिक मधु भाटिया को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया, जिसमें तत्कालीन सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह के खिलाफ भी भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
20 मार्च 2024 : तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) योगेश गौतम को एक किसान से मेड़बंदी के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इसके अलावा बिजली निगम के लिपिक (20 हजार) और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी पूर्व में दबोचा जा चुका है।
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सिकंदराराऊ क्षेत्र में पिछले कुछ ही दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 22 मई की रात को एंटी करप्शन आगरा और अलीगढ़ की संयुक्त टीम ने सिकंदराराऊ थाने की कचौरा पुलिस चौकी के प्रभारी (उपनिरीक्षक) जगजीत सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा था।
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दारोगा ने एक पीड़ित महिला रीना से मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के एवज में 500-500 के केमिकल लगे नोटों के रूप में यह घूस मांगी थी। इसके ठीक पहले एक अप्रैल को भी नगर पालिका परिषद की एक महिला कर्मचारी सोनिया को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन की टीम ने गिरफ्तार किया था।
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पिछले दो वर्षों में ये पकड़े गए
2 फरवरी 2026 : सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ सहायक बबिता चौहान को एक प्रशिक्षु से सीएचसी पर इंटर्नशिप कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
29 जनवरी 2025 : नगर पालिका परिषद हाथरस के मुख्य स्वच्छता निरीक्षक महेश कुमार को ठेकेदार के भुगतान के एवज में 50 हजार रुपये की मोटी रकम लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था।
31 मई 2025 : आगरा रोड चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा को एक झगड़े के मामले में कार्रवाई करने के लिए 10 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया गया था।
27 जून 2024 : बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक को शिक्षक से वेतन वृद्धि व प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के नाम पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने दबोचा था।
12 जुलाई 2024 : सीएमओ कार्यालय की महिला लिपिक मधु भाटिया को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया, जिसमें तत्कालीन सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह के खिलाफ भी भ्रष्टाचार की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
20 मार्च 2024 : तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) योगेश गौतम को एक किसान से मेड़बंदी के नाम पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। इसके अलावा बिजली निगम के लिपिक (20 हजार) और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी पूर्व में दबोचा जा चुका है।