{"_id":"59022fad4f1c1bb365c0f597","slug":"three-accused-of-murder-announced-imprisment-till-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या के तीन आरोपियों को उम्रकैद
ब्यूूूराे, अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:21 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : Pintrest
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या एवं एससी/एसटी एक्ट के तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास एवं एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
अर्थदंड जमा नहीं करने पर उनको एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मृतक की पत्नी और उसके माता-पिता को अर्थदंड की 70 प्रतिशत धनराशि प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाने के आदेश न्यायालय ने दिए हैं।
कोतवाली हसायन के गांव नगला सकत निवासी घनश्याम ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा था कि उसका भाई सोनपाल 11 जून 2016 को अपने घर से रात 9 बजे घेर पर सोने के लिए गया था। 12 जून को सुबह 5.30 बजे उसे अपने भाई की मृत्यु की सूचना मिली।
विज्ञापन
उसने देखा कि भाई सोनपाल की लाश गांव के ही भाई बलवीर सिंह निवासी नगला सकत के गुलाब के खेत में चकरोड के किनारे जामुन के पेड़ के नीचे पड़ी है। यह खेत उसके घेर से लगभग 100 मीटर दूर है। आरोप था कि उसके भाई का गांव के ही मुन्नालाल बघेल से जमीन को लेकर विवाद था। रंजिशन मुन्नालाल ने अपने साथी प्रतापभान सिंह और अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके भाई की हत्या करा दी।
मृतक अनुसूचित जाति का है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद मुन्नालाल बघेल, तैमूर और सलमान निवासीगण नगला सकत आदि तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान वादी की ओर से एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय और वादी के निजी अधिवक्ता सुरेश चाहर ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने आरोप पत्र में शामिल तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए अपना निर्णय सुनाया है।
विज्ञापन
अर्थदंड जमा नहीं करने पर उनको एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मृतक की पत्नी और उसके माता-पिता को अर्थदंड की 70 प्रतिशत धनराशि प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाने के आदेश न्यायालय ने दिए हैं।
विज्ञापन
कोतवाली हसायन के गांव नगला सकत निवासी घनश्याम ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा था कि उसका भाई सोनपाल 11 जून 2016 को अपने घर से रात 9 बजे घेर पर सोने के लिए गया था। 12 जून को सुबह 5.30 बजे उसे अपने भाई की मृत्यु की सूचना मिली।
विज्ञापन
उसने देखा कि भाई सोनपाल की लाश गांव के ही भाई बलवीर सिंह निवासी नगला सकत के गुलाब के खेत में चकरोड के किनारे जामुन के पेड़ के नीचे पड़ी है। यह खेत उसके घेर से लगभग 100 मीटर दूर है। आरोप था कि उसके भाई का गांव के ही मुन्नालाल बघेल से जमीन को लेकर विवाद था। रंजिशन मुन्नालाल ने अपने साथी प्रतापभान सिंह और अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके भाई की हत्या करा दी।
मृतक अनुसूचित जाति का है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद मुन्नालाल बघेल, तैमूर और सलमान निवासीगण नगला सकत आदि तीन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान वादी की ओर से एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय और वादी के निजी अधिवक्ता सुरेश चाहर ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने आरोप पत्र में शामिल तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए अपना निर्णय सुनाया है।