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छह दिन तक लड़ी जिंदगी की जंग, फिर हार गया नवीन
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Thu, 01 Mar 2018 09:46 PM IST
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murder
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बीते छह दिनों से जिंदगी की जंग लड़ रहे नवीन की गुरुवार सुबह आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। नवीन की मौत से परिजनों में मातम पसरा है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। नवीन की मौत से पुलिस को भी मायूसी हाथ लगी है।
पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही थी, ताकि उस पर जानलेवा हमला करने वालों का पता लगाया जा सके। एसपी घुले सुशील के मुताबिक बुधवार शाम को कुछ देर के लिए नवीन को होश आया था। इसकी जानकारी होने पर एक पुलिसकर्मी आगरा भेजा गया था लेकिन नवीन अपना स्टेटमेंट नहीं दे सका और बेहोश हो गया। गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस अब इस मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम करेगी लेकिन उसके लिए हमलावरों की पहचान करना काफी मुश्किल हो गया है। मालूम हो कि तमना गढ़ी निवासी नवीन (24) पुत्र धनपत ई-रिक्शा चलाता है।
गुरुवार रात नवीन अपने कमरे में पत्नी व बच्ची के साथ सो रहा था। रात करीब एक बजे आधा दर्जन लोग छत से लोहे का जाल हटाकर आंगन में दाखिल हुए, फिर कमरे में पहुंचे और धारदार हथियार से नवीन का गला रेत दिया। परिजन हमलावरों को पहचान नहीं सके। परिजनों को नवीन पर हुए इस जानलेवा हमले के पीछे कारणों की भी जानकारी नहीं है।
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पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही थी, ताकि उस पर जानलेवा हमला करने वालों का पता लगाया जा सके। एसपी घुले सुशील के मुताबिक बुधवार शाम को कुछ देर के लिए नवीन को होश आया था। इसकी जानकारी होने पर एक पुलिसकर्मी आगरा भेजा गया था लेकिन नवीन अपना स्टेटमेंट नहीं दे सका और बेहोश हो गया। गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस अब इस मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम करेगी लेकिन उसके लिए हमलावरों की पहचान करना काफी मुश्किल हो गया है। मालूम हो कि तमना गढ़ी निवासी नवीन (24) पुत्र धनपत ई-रिक्शा चलाता है।
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गुरुवार रात नवीन अपने कमरे में पत्नी व बच्ची के साथ सो रहा था। रात करीब एक बजे आधा दर्जन लोग छत से लोहे का जाल हटाकर आंगन में दाखिल हुए, फिर कमरे में पहुंचे और धारदार हथियार से नवीन का गला रेत दिया। परिजन हमलावरों को पहचान नहीं सके। परिजनों को नवीन पर हुए इस जानलेवा हमले के पीछे कारणों की भी जानकारी नहीं है।
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