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गंगा में डूबकर चंदपा के किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
Updated Mon, 05 Jun 2017 11:24 PM IST
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गंगा में डूबा
- फोटो : अमर उजाला
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चंदपा क्षेत्र के गांव मोतीराय के 16 वर्षीय किशोर अरुण की बीते रविवार को गंगा में डूबने से मौत हो गई। सोमवार सुबह उसके शव को गांव लाया गया। शव के पहुंचने पर गांव में मातम छा गया। कई घंटे तक अरुण के शव पर उसकी मां, पिता और भाई-बहन विलाप करते रहे। इसके बाद सोमवार दोपहर को अंतिम संस्कार किया गया।
अरुण ने इस साल यूपी बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है। गांव के कई लोग शनिवार रात को नरौरा के कलकत्ती घाट के लिए रवाना हुए थे। यहां पहुंचने के बाद रविवार सुबह सभी ने गंगा स्नान के लिए डुबकी लगाई। अरुण भी सभी के साथ गंगास्नान कर रहा था लेकिन किसी को यह पता नहीं चला कि कब अरुण नहाते-नहाते गंगा में डूब गया। काफी देर बाद जब लोगों को अरुण नहीं दिखाई दिया तो उन्होंने उसकी तलाश की। गोताखोरों की मदद ली गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद रविवार रात करीब नौ बजे गोताखोर अरुण का शव नदी से निकाल सके। अरुण का शव गंगा से बाहर आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सोमवार सुबह ग्रामीण शव लेकर गांव पहुंचे।
आखिरी आस में एक बार फिर परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल आए। परिजनों को ऐसा लगा कि अरुण की सांस चल रही है लेकिन डॉक्टरों ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। अरुण के पिता चंद्रपाल मजदूरी करते हैँ। अरुण के अलावा उनकी दो और संतान हैं। इनमें से एक बेटा अरुण से एक साल बड़ा है और बेटी उससे दो साल छोटी है। अरुण की मौत के बाद परिवार में मातम है। गांव में भी शोक का माहौल और कई घरों में शोकाकुल परिवाराें ने खाना नहीं पकाया है, उनके घरों में चूल्हे नहीं जले हैं।
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अरुण ने इस साल यूपी बोर्ड से हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। उसका रिजल्ट अभी आना बाकी है। गांव के कई लोग शनिवार रात को नरौरा के कलकत्ती घाट के लिए रवाना हुए थे। यहां पहुंचने के बाद रविवार सुबह सभी ने गंगा स्नान के लिए डुबकी लगाई। अरुण भी सभी के साथ गंगास्नान कर रहा था लेकिन किसी को यह पता नहीं चला कि कब अरुण नहाते-नहाते गंगा में डूब गया। काफी देर बाद जब लोगों को अरुण नहीं दिखाई दिया तो उन्होंने उसकी तलाश की। गोताखोरों की मदद ली गई। कई घंटे की मशक्कत के बाद रविवार रात करीब नौ बजे गोताखोर अरुण का शव नदी से निकाल सके। अरुण का शव गंगा से बाहर आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सोमवार सुबह ग्रामीण शव लेकर गांव पहुंचे।
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आखिरी आस में एक बार फिर परिजन शव को लेकर जिला अस्पताल आए। परिजनों को ऐसा लगा कि अरुण की सांस चल रही है लेकिन डॉक्टरों ने अरुण को मृत घोषित कर दिया। अरुण के पिता चंद्रपाल मजदूरी करते हैँ। अरुण के अलावा उनकी दो और संतान हैं। इनमें से एक बेटा अरुण से एक साल बड़ा है और बेटी उससे दो साल छोटी है। अरुण की मौत के बाद परिवार में मातम है। गांव में भी शोक का माहौल और कई घरों में शोकाकुल परिवाराें ने खाना नहीं पकाया है, उनके घरों में चूल्हे नहीं जले हैं।
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