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एनेस्थीसिया देने से हाथरस के सांसद प्रतिनिधि की मौत
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sat, 10 Mar 2018 12:52 AM IST
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मुकेश पाैरुष।
- फोटो : File Photo
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हड्डी के ऑपरेशन से पहले दी गई बेहोशी की दवा से शुक्रवार सुबह सांसद प्रतिनिधि मुकेश पौरुष (47) की हालत बिगड़ गई। आगरा पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पौरुष की पत्नी सुनीता ने शहर के बैनीगंज स्थित सरस्वती नर्सिंग होम के संचालक डॉ. महेश चंद्र गुप्ता, उनके बेटे सौरभ महेश गुप्ता और अस्पताल स्टाफ पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सदर कोतवाली में गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरी ओर आरोपी डाक्टरों का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
हाथरस सांसद राजेश दिवाकर के मुताबिक उनके प्रतिनिधि मुकेश पौरुष की तीन दिन पहले गिरने के कारण बाएं हाथ की हड्डी टूट गई थी। सरस्वती नर्सिंग होम में डॉ. महेश चंद्र गुप्ता और उनके बेटे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ महेश गुप्ता ने ऑपरेशन के लिए शुक्रवार सुबह का समय दिया था। मुकेश अपने परिजनों के साथ तय समय पर अस्पताल पहुंच गए।
उनकी पत्नी का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले आरोपी डॉक्टरों ने अलीगढ़ से बेहोशी का डॉक्टर (एनस्थेटिस्ट) बुलाने की बात कही। आरोप है कि जब बेहोशी का डॉक्टर नहीं आया तो डॉ. एमसी गुप्ता और डॉ. सौरभ गुप्ता ने खुद ही मुकेश को एनस्थीसिया की डोज दे दी, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उखड़ती सांसों को देख परिजन रोने-बिलखने लगे। दिवाकर का कहना है कि सरस्वती नर्सिंग होम के ओटी में ही मुकेश पौरुष ने दम तोड़ दिया था, फिर भी आरोपी डॉक्टरों ने उनको आगरा रेफर कर दिया। परिजन मुकेश को लेकर जल्द आगरा पहुंच गए।
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सांसद का कहना है कि एंबुलेंस में डॉक्टरों ने सांसद प्रतिनिधि की नब्ज टटोली और बताया कि मौत डेढ़ से दो घंटे पहले ही हो चुकी है, जबकि एंबुलेंस को आगरा पहुंचने में केवल एक घंटे का ही समय लगा था। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। शहर में जैसे ही मुकेश की मौत की बात फैली, हर कोई हैरान रह गया।
लापरवाही के आरोपों पर सरस्वती नर्सिंग होम के संचालक डॉ. महेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि उनके और उनके बेटे पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सुबह ऑपरेशन से पहले अलीगढ़ से एनस्थेटिस्ट बुलाकर दवा दिलाई गई। खुद दवा देने के आरोप निराधार हैं। एनस्थेटिस्ट के आने की सच्चाई सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से देखी जा सकती है। सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि डीएम अमित कुमार सिंह के निर्देश पर शव को पोस्टमार्टम के लिए आगरा स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। जब इसकी रिपोर्ट आ जाएगी तो मौत का संभावित कारण का पता चल जाएगा।
- आरोपी डॉक्टर पिता-पुत्र के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। अस्पताल स्टाफ पर भी लापरवाही का आरोप है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार, एएसपी
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हाथरस सांसद राजेश दिवाकर के मुताबिक उनके प्रतिनिधि मुकेश पौरुष की तीन दिन पहले गिरने के कारण बाएं हाथ की हड्डी टूट गई थी। सरस्वती नर्सिंग होम में डॉ. महेश चंद्र गुप्ता और उनके बेटे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ महेश गुप्ता ने ऑपरेशन के लिए शुक्रवार सुबह का समय दिया था। मुकेश अपने परिजनों के साथ तय समय पर अस्पताल पहुंच गए।
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उनकी पत्नी का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले आरोपी डॉक्टरों ने अलीगढ़ से बेहोशी का डॉक्टर (एनस्थेटिस्ट) बुलाने की बात कही। आरोप है कि जब बेहोशी का डॉक्टर नहीं आया तो डॉ. एमसी गुप्ता और डॉ. सौरभ गुप्ता ने खुद ही मुकेश को एनस्थीसिया की डोज दे दी, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उखड़ती सांसों को देख परिजन रोने-बिलखने लगे। दिवाकर का कहना है कि सरस्वती नर्सिंग होम के ओटी में ही मुकेश पौरुष ने दम तोड़ दिया था, फिर भी आरोपी डॉक्टरों ने उनको आगरा रेफर कर दिया। परिजन मुकेश को लेकर जल्द आगरा पहुंच गए।
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सांसद का कहना है कि एंबुलेंस में डॉक्टरों ने सांसद प्रतिनिधि की नब्ज टटोली और बताया कि मौत डेढ़ से दो घंटे पहले ही हो चुकी है, जबकि एंबुलेंस को आगरा पहुंचने में केवल एक घंटे का ही समय लगा था। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। शहर में जैसे ही मुकेश की मौत की बात फैली, हर कोई हैरान रह गया।
लापरवाही के आरोपों पर सरस्वती नर्सिंग होम के संचालक डॉ. महेश चंद्र गुप्ता का कहना है कि उनके और उनके बेटे पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सुबह ऑपरेशन से पहले अलीगढ़ से एनस्थेटिस्ट बुलाकर दवा दिलाई गई। खुद दवा देने के आरोप निराधार हैं। एनस्थेटिस्ट के आने की सच्चाई सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से देखी जा सकती है। सीएमओ डॉ. बृजेश राठौर ने बताया कि डीएम अमित कुमार सिंह के निर्देश पर शव को पोस्टमार्टम के लिए आगरा स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। जब इसकी रिपोर्ट आ जाएगी तो मौत का संभावित कारण का पता चल जाएगा।
- आरोपी डॉक्टर पिता-पुत्र के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। अस्पताल स्टाफ पर भी लापरवाही का आरोप है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अरविंद कुमार, एएसपी