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आरोप: नौकरी का झांसा दे ठगे ढाई लाख रुपये
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Wed, 16 May 2018 12:11 AM IST
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विदेश ले जाने का झांसा
- फोटो : demo
फिरोजाबाद के कांशीराम विहार कोटला चुंगी मंडी निवासी फूल सिंह ने उपजिलाधिकारी सदर अरुण कुमार सिंह को तहसील दिवस में एक शिकायत सौंपी है। उन्होंने एक शिक्षक और उसके मित्र पर नौकरी के नाम पर 2.30 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि वह शिक्षित बेरोजगार है। परिवार के भरण-पोषण के लिए सरकारी और अर्द्धसरकारी नौकरी की तलाश में है। वर्ष 2015 में उनकी मुलाकात उनके रिश्तेदार से हुई। रिश्तेदार ने कहा कि उनके मित्र एक शिक्षण संस्था का संचालन कर रहे हैं, जोकि इस वर्ष एड पर आ गई है। पहली नियुक्ति करने का अधिकार संस्था के मैनेजमेंट को होता है। यदि तीन लाख रुपये का इंतजाम कर लो तो तुम्हारी नौकरी पक्की हो जाएगी। रिश्तेदार की बातों पर विश्वास करके उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दो लाख तीस हजार रुपये दे दिए। जब उसने कहा कि या तो उसे नौकरी दिलाओ या फिर उसका पैसा वापस करो।
इस पर इन लोगों ने उससे कहा कि उसका खाता अलीगढ़ के किसी बैंक में नहीं है, जिससे परेशानी आ रही है। इन लोगों ने उसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति ली और अलीगढ़ में एक बैंक शाखा में उसका खाता खुलवा दिया। इसकी गवाही भी रिश्तेदार के मित्र ने ही दी। इन लोगों ने छह हजार रुपये लिए और कुछ खाली कागजों पर भी उसके हस्ताक्षर करा लिए। एक नौकरी के प्रारूप पर भी उसके हस्ताक्षर कराए। उसके बाद भी न तो नौकरी मिली और न हीं पैसा वापस मिला। इस तरह इन लोगों ने उसके साथ नौकरी के नाम पर धोखा किया। इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
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शिकायतकर्ता का कहना है कि वह शिक्षित बेरोजगार है। परिवार के भरण-पोषण के लिए सरकारी और अर्द्धसरकारी नौकरी की तलाश में है। वर्ष 2015 में उनकी मुलाकात उनके रिश्तेदार से हुई। रिश्तेदार ने कहा कि उनके मित्र एक शिक्षण संस्था का संचालन कर रहे हैं, जोकि इस वर्ष एड पर आ गई है। पहली नियुक्ति करने का अधिकार संस्था के मैनेजमेंट को होता है। यदि तीन लाख रुपये का इंतजाम कर लो तो तुम्हारी नौकरी पक्की हो जाएगी। रिश्तेदार की बातों पर विश्वास करके उसने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर दो लाख तीस हजार रुपये दे दिए। जब उसने कहा कि या तो उसे नौकरी दिलाओ या फिर उसका पैसा वापस करो।
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इस पर इन लोगों ने उससे कहा कि उसका खाता अलीगढ़ के किसी बैंक में नहीं है, जिससे परेशानी आ रही है। इन लोगों ने उसके शैक्षिक प्रमाण पत्रों की छाया प्रति ली और अलीगढ़ में एक बैंक शाखा में उसका खाता खुलवा दिया। इसकी गवाही भी रिश्तेदार के मित्र ने ही दी। इन लोगों ने छह हजार रुपये लिए और कुछ खाली कागजों पर भी उसके हस्ताक्षर करा लिए। एक नौकरी के प्रारूप पर भी उसके हस्ताक्षर कराए। उसके बाद भी न तो नौकरी मिली और न हीं पैसा वापस मिला। इस तरह इन लोगों ने उसके साथ नौकरी के नाम पर धोखा किया। इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
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