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मुड़कर भी नहीं देखा पु लिसकर्मियों ने घायल सीमा को
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, हाथरस।
मंगलवार को गाड़ी से कुचलने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एक बार फिर संवेदनहीनता और हद दर्जे की लापरवाही बरती। इसकी वजह से सीमा की जान चली गई।
सीमा को कुचलने के बाद पुलिसकर्मियों ने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा और चालक ने कैदियोें से भरी गाड़ी को अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां से दौड़ा दिया। यह सीमा को भी शायद यह मालूम नहीं था कि उसके अपने भाई से यह आखिरी मुलाकात होगी।
स्थानीय नगला टीका निवासी 25 वर्षीय सीमा का भाई वेदप्रकाश चोरी के आरोप में जेल में निरुद्द है और सीमा उसी से मिलने के लिए आई थी। इस दौरान उसे पुलिस की गाड़ी ने कुचल दिया।
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बताते हैं कि पुलिसकर्मियों को भी यह जानकारी हो गई थी कि उनकी गाड़ी की चपेट में आकर एक महिला घायल हो गई है लेकिन इसके बाद भी किसी पुलिसकर्मी ने वहां रुकना गवारा नहीं समझा, जबकि गाड़ी में आधा दर्जन से ज्यादा पु लिसकर्मी मौजूद थे।
पुलिस वैन का चालक सीधे गाड़ी को भगाकर ले गया और साथ में बैठे अन्य पुलिसकर्मियों ने भी मानवता नहीं दिखाई। यदि दुर्घटना के बाद पुलिसकर्मी मौके से नहीं भागते और समय रहते सीमा को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवा देते तो सीमा की जान बच सकती थी।
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मंगलवार को गाड़ी से कुचलने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने एक बार फिर संवेदनहीनता और हद दर्जे की लापरवाही बरती। इसकी वजह से सीमा की जान चली गई।
सीमा को कुचलने के बाद पुलिसकर्मियों ने पीछे मुड़कर भी नहीं देखा और चालक ने कैदियोें से भरी गाड़ी को अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां से दौड़ा दिया। यह सीमा को भी शायद यह मालूम नहीं था कि उसके अपने भाई से यह आखिरी मुलाकात होगी।
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स्थानीय नगला टीका निवासी 25 वर्षीय सीमा का भाई वेदप्रकाश चोरी के आरोप में जेल में निरुद्द है और सीमा उसी से मिलने के लिए आई थी। इस दौरान उसे पुलिस की गाड़ी ने कुचल दिया।
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बताते हैं कि पुलिसकर्मियों को भी यह जानकारी हो गई थी कि उनकी गाड़ी की चपेट में आकर एक महिला घायल हो गई है लेकिन इसके बाद भी किसी पुलिसकर्मी ने वहां रुकना गवारा नहीं समझा, जबकि गाड़ी में आधा दर्जन से ज्यादा पु लिसकर्मी मौजूद थे।
पुलिस वैन का चालक सीधे गाड़ी को भगाकर ले गया और साथ में बैठे अन्य पुलिसकर्मियों ने भी मानवता नहीं दिखाई। यदि दुर्घटना के बाद पुलिसकर्मी मौके से नहीं भागते और समय रहते सीमा को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवा देते तो सीमा की जान बच सकती थी।