{"_id":"5c6eea54bdec22120179bdb2","slug":"155077292311-sikandhra-rahu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस के लिये गले की हड्डी बना पाइंदापुर काण्ड।","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस के लिये गले की हड्डी बना पाइंदापुर काण्ड।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
कोतवाली क्षेत्र के गांव पाइंदापुर निवासी दो युवतियों की मौत का मामला सबूतों के अभाव में लटक गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद प्रथमदृष्टया मामला हत्या में तब्दील होने के बाद पुलिस एक ग्रामीण से भी पूछताछ कर चुकी है। मृतका के ससुरालीजनों से भी लंबी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन कोई भी ऐसा सबूत नहीं मिला है, जिससे मामले की जांच आगे बढ़ सके। इधर, दोनों मृतकों की कॉल डिटेल पुलिस खंगाल चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
बता दें कुछ दिन पूर्व पाइंदापुर निवासी दो युवतियों के शव आम के बाग में आम के पेड़ पर लटके मिले थे। इनमें एक की कुछ माह पूर्व ही शादी हुई थी। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का महसूस हुआ था। एक मृतका के पिता ने कोतवाली में जो तहरीर दी थी, उसमें आत्महत्या की ही बात कही गई थी। पुलिस ने कानूनन दोनों का पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट चौंकाने वाली आई।
उसमें हत्या का कारण गला दबाकर मौत होना आया। लिहाजा पुलिस ने मामला हत्या में तरमीम करते हुए विवेचना शुरू कर दी। मृतका के सुसुरालीजनों को बुलाकर गहन पूछताछ की गई। इधर, मृतका के परिजनों से पुलिस ने व्यापक पूछताछ की। एक-एक गांव वाले से पूछताछ की गई। नाते-रिश्तेदारों से भी बात करके पुलिस ने हत्याकांड की तह तक जाने की कोशिश की।
विज्ञापन
दोनों युवतियां जिस मोबाइल नंबर पर लंबी बातें करती थीं, उनकी कॉल डिटेल भी निकलवाकर खंगाली गई, लेकिन उसमें भी कुछ नहीं निकला। अधिकांश कॉल डिटेल में सुरभि और शीतल के बीच बातचीत की बात जरूर पुष्ट हो गई। अब सवाल उठता है कि क्या इस हत्याकांड को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि कोई सवाल नहीं उठा सके। कोतवाल मनोज कुुमार शर्मा का कहना है कि हर बिंदु से मामले की विवेचना की जा रही है।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के गांव पाइंदापुर निवासी दो युवतियों की मौत का मामला सबूतों के अभाव में लटक गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद प्रथमदृष्टया मामला हत्या में तब्दील होने के बाद पुलिस एक ग्रामीण से भी पूछताछ कर चुकी है। मृतका के ससुरालीजनों से भी लंबी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन कोई भी ऐसा सबूत नहीं मिला है, जिससे मामले की जांच आगे बढ़ सके। इधर, दोनों मृतकों की कॉल डिटेल पुलिस खंगाल चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
बता दें कुछ दिन पूर्व पाइंदापुर निवासी दो युवतियों के शव आम के बाग में आम के पेड़ पर लटके मिले थे। इनमें एक की कुछ माह पूर्व ही शादी हुई थी। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का महसूस हुआ था। एक मृतका के पिता ने कोतवाली में जो तहरीर दी थी, उसमें आत्महत्या की ही बात कही गई थी। पुलिस ने कानूनन दोनों का पोस्टमार्टम कराया। पीएम रिपोर्ट चौंकाने वाली आई।
विज्ञापन
उसमें हत्या का कारण गला दबाकर मौत होना आया। लिहाजा पुलिस ने मामला हत्या में तरमीम करते हुए विवेचना शुरू कर दी। मृतका के सुसुरालीजनों को बुलाकर गहन पूछताछ की गई। इधर, मृतका के परिजनों से पुलिस ने व्यापक पूछताछ की। एक-एक गांव वाले से पूछताछ की गई। नाते-रिश्तेदारों से भी बात करके पुलिस ने हत्याकांड की तह तक जाने की कोशिश की।
विज्ञापन
दोनों युवतियां जिस मोबाइल नंबर पर लंबी बातें करती थीं, उनकी कॉल डिटेल भी निकलवाकर खंगाली गई, लेकिन उसमें भी कुछ नहीं निकला। अधिकांश कॉल डिटेल में सुरभि और शीतल के बीच बातचीत की बात जरूर पुष्ट हो गई। अब सवाल उठता है कि क्या इस हत्याकांड को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि कोई सवाल नहीं उठा सके। कोतवाल मनोज कुुमार शर्मा का कहना है कि हर बिंदु से मामले की विवेचना की जा रही है।