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फर्जी निकला समझौते में दिया साढ़े तीन लाख का ड्राफ्ट
Updated Sat, 15 Jul 2017 11:51 PM IST
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ब्यूुरो, अमर उजाला, हाथरस।
शादी के कई साल बाद जब पति और पत्नी के बीच नहीं बनी तो मामला कोर्ट पहुंच गई। कोर्ट में भी कई साल बीत गए तो दोनों पक्ष तलाक के लिए समझौता करने पर तैयार हो गए। समझौते में लड़के ने लड़की के पिता को साढ़े तीन लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया। बीते साल दिए गए इस ड्राफ्ट का भुगतान बैंक ने करने से मना कर दिया। कई महीने बाद कोर्ट के आदेश पर पीड़िता के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
हनुमान गली निवासी प्रदीप कुमार ने अपनी बेटी प्रीति की शादी जून 2006 में अछनेरा निवासी आकाश अग्रवाल से की थी। शादी के बाद से ही पति, पत्नी में विवाद शुरू हो गया था। कुछ साल पहले आगरा में प्रीति ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, हाथरस में गुजारा भत्ते का वाद दायर किया गया। प्रदीप कुमार के मुताबिक 20 मई 2016 को आकाश और उनके एक बंटी नाम के साथी ने तलाक के लिए समझौते की बात कहकर साढ़े तीन लाख रुपये का ड्राफ्ट थमाया। इसके बाद प्रदीप कुमार समझौते के लिए राजी हो गया।
समझौते की सभी शर्तों को मानते हुए उन्होंने लिखित में समझौता भी कर लिया लेकिन जब प्रदीप कुमार ने इस ड्राफ्ट को भुनाने की कोशिश की तो वह सन्न रह गए। लिखित में समझौता करने के बाद उनको दिया गया ड्राफ्ट फर्जी पाया गया। प्रदीप ने इस बारे में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कई बार कोतवाली के चक्कर काटे लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। हारकर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। पुलिस ने आकाश और बंटी के विरुद्ध धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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शादी के कई साल बाद जब पति और पत्नी के बीच नहीं बनी तो मामला कोर्ट पहुंच गई। कोर्ट में भी कई साल बीत गए तो दोनों पक्ष तलाक के लिए समझौता करने पर तैयार हो गए। समझौते में लड़के ने लड़की के पिता को साढ़े तीन लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया। बीते साल दिए गए इस ड्राफ्ट का भुगतान बैंक ने करने से मना कर दिया। कई महीने बाद कोर्ट के आदेश पर पीड़िता के पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
हनुमान गली निवासी प्रदीप कुमार ने अपनी बेटी प्रीति की शादी जून 2006 में अछनेरा निवासी आकाश अग्रवाल से की थी। शादी के बाद से ही पति, पत्नी में विवाद शुरू हो गया था। कुछ साल पहले आगरा में प्रीति ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, हाथरस में गुजारा भत्ते का वाद दायर किया गया। प्रदीप कुमार के मुताबिक 20 मई 2016 को आकाश और उनके एक बंटी नाम के साथी ने तलाक के लिए समझौते की बात कहकर साढ़े तीन लाख रुपये का ड्राफ्ट थमाया। इसके बाद प्रदीप कुमार समझौते के लिए राजी हो गया।
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समझौते की सभी शर्तों को मानते हुए उन्होंने लिखित में समझौता भी कर लिया लेकिन जब प्रदीप कुमार ने इस ड्राफ्ट को भुनाने की कोशिश की तो वह सन्न रह गए। लिखित में समझौता करने के बाद उनको दिया गया ड्राफ्ट फर्जी पाया गया। प्रदीप ने इस बारे में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कई बार कोतवाली के चक्कर काटे लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। हारकर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। पुलिस ने आकाश और बंटी के विरुद्ध धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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