फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   यहां हो रही थी प्रति माह 2130 लीटर तेल और अनाज की कालाबाजारी

यहां हो रही थी प्रति माह 2130 लीटर तेल और अनाज की कालाबाजारी

Sun, 26 Aug 2018 11:16 PM IST
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
यहां हो रही थी प्रति माह 2130 लीटर तेल और अनाज की कालाबाजारी
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
विज्ञापन

हाथरस। जिले का नाम अनाज की कालाबाजारी को लेकर सुर्खियों में आते ही कई अधिकारियों के पांव तले जमीन खिसक गई है। जिले से 1,065 राशन कार्डों से फर्जी तरीके से खाद्यान्न लिया जा रहा था। हालांकि प्रतिमाह खाद्यान्न जारी होने की रिपोर्ट पर कोटेदार, पर्यवेक्षक और विभागीय अधिकारी भी अपनी मुहर लगा रहे थे, लेकिन कभी भी विभागीय अधिकारियों ने इस मामले में गंभीरता नहीं बरती। इस कारण यह मामला शासन स्तर से खुलकर सामने आया।

हालांकि विभागीय अधिकारियों के पास खाद्यान्न नहीं मिलने और कालाबाजारी होने की शिकायतें तो आईं, लेकिन अधिकारियों ने इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की। इस कारण कोटेदार अन्य लोगों से मिलकर कालाबाजारी करते रहे। जिले से 1,065 राशन कार्डों के सापेक्ष प्रति कार्ड दो लीटर तेल के हिसाब से 2,130 लीटर मिट्टी का तेल ब्लैक किया जा रहा था। वहीं प्रति कार्ड पर कम से कम दो यूनिटों के हिसाब से 4,260 किलो चावल और 6,390 किलो गेहूं की कालाबाजारी की जा रही थी। यह आंकड़े तो मात्र एक औसत हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा कई कार्डों पर तो तीन और चार यूनिट भी दर्ज हैं। खाद्यान्न को पर्यवेक्षक की देखरेख में वितरण करने वाले रजिस्टर पर भी सही तरीके से वितरण होने की रिपोर्ट लगातार लगती चली आ रही थी। पिछले दिनों सासनी क्षेत्र में 355 बोरे चावल के पुलिस अधिकारियों द्वारा रुदायन रोड से पकड़े गए थे। इससे पहले हाथरस में भी मिट्टी का तेल कालाबाजारी को जाते समय पकड़ा गया था, लेकिन इन मामलों में फाइलों को विभागीय जांच के नाम पर दबा दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed