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आशा कार्यकत्रियों ने लगाए अवैध वसूली के आरोप
अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:55 PM IST
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आशा कार्यकत्रियां प्रदर्शन करते हुए
- फोटो : amarujala
स्वास्थ्य विभाग की रीढ कही जाने वाली आशा कार्यकत्रियों ने स्वास्थ्य विभाग के ही कुछ कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाए हैं। इसके विरोध में कार्यकत्रियों ने उप्र आशा कार्यकत्री संघ के बैनरतले 12 सितंबर से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
हसायन व सिकंदराराऊ क्षेत्र की आशा कार्यकत्री नीरेश, ओमवती, शशी कुमारी, प्रवीन, शशीकला, ललतेश, पूनम, राजकुमारी, मंजू देवी, गीता देवी, चंद्रवती, लज्जावती, कांतादेवी, रामबेटी, नीलम, चंद्रप्रभा, सोनू देवी, विजय, मधु, सीमा देवी, संजू देवी व चंद्रभा ने आरोप लगाया है कि वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे काम करती हैं, जिसके बदले उन्हें प्रति कार्य के हिसाब से मानदेय दिया जाता है।
लेकिन विभाग के कुछ बाबू और चिकित्सा प्रभारी उनसे 50 से लेकर 200 रुपये प्रति केस ले रहे हैं।
इसके अलावा लाभार्थी डिलीवरी केस पर स्टाफ नर्स 500 से 800 रुपये, दाई 200 से 250 रुपये और एंबुलेंस वाले भी 100 से 200 रुपये तक लेते हैं। यह भी आरोप है कि लाभार्थी को 1400 रुपये का चैक मिलता है, उसे भी स्टाफ वाले मिलबांटकर बंदरबांट कर लेते हैं।
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इस अवैध वसूली के खिलाफ 12 सिंतबर से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी महकमे की होगी।
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हसायन व सिकंदराराऊ क्षेत्र की आशा कार्यकत्री नीरेश, ओमवती, शशी कुमारी, प्रवीन, शशीकला, ललतेश, पूनम, राजकुमारी, मंजू देवी, गीता देवी, चंद्रवती, लज्जावती, कांतादेवी, रामबेटी, नीलम, चंद्रप्रभा, सोनू देवी, विजय, मधु, सीमा देवी, संजू देवी व चंद्रभा ने आरोप लगाया है कि वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे काम करती हैं, जिसके बदले उन्हें प्रति कार्य के हिसाब से मानदेय दिया जाता है।
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लेकिन विभाग के कुछ बाबू और चिकित्सा प्रभारी उनसे 50 से लेकर 200 रुपये प्रति केस ले रहे हैं।
इसके अलावा लाभार्थी डिलीवरी केस पर स्टाफ नर्स 500 से 800 रुपये, दाई 200 से 250 रुपये और एंबुलेंस वाले भी 100 से 200 रुपये तक लेते हैं। यह भी आरोप है कि लाभार्थी को 1400 रुपये का चैक मिलता है, उसे भी स्टाफ वाले मिलबांटकर बंदरबांट कर लेते हैं।
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इस अवैध वसूली के खिलाफ 12 सिंतबर से कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी महकमे की होगी।