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Hathras News: बीमारियां बढ़ते ही फैला झोलाछाप व अवैध लैब का जाल
Sat, 19 Sep 2026 02:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:13 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके साथ झोलाछापों का धंधा भी खूब फल-फूल रहा है। बिना निर्धारित योग्यता, पंजीकरण और आवश्यक मानकों के क्लीनिक, अस्पताल, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब संचालित हो रहे हैं।
इन प्रतिष्ठानों में मरीजों के उपचार और जांच में गंभीर लापरवाही की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और आर्थिक मजबूरी के कारण इनका सहारा लेते हैं। आरोप है कि झोलाछाप खुद को डिग्रीधारक चिकित्सक या पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन बताते हैं। इनके पास उपचार के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता या वैध पंजीकरण नहीं है।
कई जगह सामान्य से गंभीर बीमारियों तक में गलत दवाएं और इंजेक्शन दिए जाने की शिकायतें हैं। बिना मानकों के पैथोलॉजी लैब भी चल रही हैं, जिनकी गलत रिपोर्ट मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अवैध केंद्रों पर कार्रवाई के दावे करते हैं।
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स्थानीय और जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों द्वारा अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद गली-मोहल्लों में झोलाछाप मरीजों को भर्ती कर उपचार कर रहे हैं। पुरदिलनगर, सलेमपुर, नगला रति, भैंकुरी, जरैरा सहित कई गांवों में झोलाछापों के क्लीनिक चल रहे हैं।
मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
झोलाछापों की लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर परिणाम दे सकती है। गलत दवाएं, अनावश्यक एंटीबायोटिक इंजेक्शन और अवैध पैथोलॉजी लैब की गलत जांच रिपोर्ट से मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से व्यापक जांच की मांग की है।
बिना पंजीकरण के संचालित क्लीनिक, हॉस्पिटल व पैथॉलाजी लैब का अगर संचालन हो रहा है तो टीम भेजकर इनकी जांच और कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ.वेदप्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी
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इन प्रतिष्ठानों में मरीजों के उपचार और जांच में गंभीर लापरवाही की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव और आर्थिक मजबूरी के कारण इनका सहारा लेते हैं। आरोप है कि झोलाछाप खुद को डिग्रीधारक चिकित्सक या पैथोलॉजी लैब टेक्नीशियन बताते हैं। इनके पास उपचार के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता या वैध पंजीकरण नहीं है।
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कई जगह सामान्य से गंभीर बीमारियों तक में गलत दवाएं और इंजेक्शन दिए जाने की शिकायतें हैं। बिना मानकों के पैथोलॉजी लैब भी चल रही हैं, जिनकी गलत रिपोर्ट मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अवैध केंद्रों पर कार्रवाई के दावे करते हैं।
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स्थानीय और जिला स्तर के विभागीय अधिकारियों द्वारा अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद गली-मोहल्लों में झोलाछाप मरीजों को भर्ती कर उपचार कर रहे हैं। पुरदिलनगर, सलेमपुर, नगला रति, भैंकुरी, जरैरा सहित कई गांवों में झोलाछापों के क्लीनिक चल रहे हैं।
मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़
झोलाछापों की लापरवाही मरीजों के लिए गंभीर परिणाम दे सकती है। गलत दवाएं, अनावश्यक एंटीबायोटिक इंजेक्शन और अवैध पैथोलॉजी लैब की गलत जांच रिपोर्ट से मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से व्यापक जांच की मांग की है।
बिना पंजीकरण के संचालित क्लीनिक, हॉस्पिटल व पैथॉलाजी लैब का अगर संचालन हो रहा है तो टीम भेजकर इनकी जांच और कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ.वेदप्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी