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गले, मुंह में घाव से पनप सकता कैंसर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 07 Feb 2015 12:38 AM IST
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कैं सर का एक कारण तंबाकू व सिगरेट का सेवन भी है,
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जिसमें महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। इसके पीछे कारण चाहे सिगरेट व बीड़ी का
बढ़ता क्रेज रहा हो या फिर अपने स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती लापरवाही, पर सच
तो यही है कि पुरुषों के अलावा महिलाएं भी लगातार सिगरेट के धुएं के छल्ले
उड़ाने में व्यस्त नजर आ रही है।
जिले के स्वास्थ्य महकमे द्वारा जारी रिपोर्टों पर अपना आकलन बताते हुए भक्ति वेदांता की टीम का अनुमान है जिले में धुएं के छल्ले उड़ा ग्रामीण परिवेश की महिलाएं भी कैंसर को दावत देने में पीछे नहीं हैं। स्वास्थ्य महकमें की रिपोर्टों पर सर्वे कर भक्ति वेदांता के ओकोलाजिस्ट डा. विष्णु अग्रवाल ने कहा कि 13 से 15 आयु वर्ग की आठ फीसदी महिलाओं में तंबाकू से लेकर बीड़ी व सिगरेट का क्रेज बढ़ता जा रहा है।
इससे काफी हद तक महिलाएं कैंसर की चपेट में आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्राें में महिलाओं के अंदर बीड़ी तंबाकू आदि का चलन आज भी कायम है। इनसे होने वाले खतरों से पूरी तरह अनजान यह ग्रामीण महिलाएं लगातार बीडी व तंबाकू का सेवन करती जा रही हैं, जिससे उनके मुंह के अंदर, गले में व जीभ में घाव हो जाता है, जिसे लगातार अनदेखा किया जाता है।
गांव में कोई चेकअप आदि न हो पाने से ऐसे ही इलाज चलता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेता है और कई बार लोगों को इसी शौक के चलते जान से हाथ धोना पड़ता है। इसलिए किसी भी शक हो घाव पुराने हो तो नौ फरवरी को बालाजी हास्पिटल में लगने वाले कैंसर परामर्श शिविर में अवश्य आए।
डा. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि वह स्वयं तो यहां मौजूद रहेंगे ही उनके साथ कैंसर विशेषज्ञ डा. विष्णु मोहन, डा. अमोल व सहायक नेत्रपात्र भी मौजूद रहेंगे और जिले के पीड़ितों का परीक्षण करने के साथ उनको परामर्श भी देंगे। इसको लेकर तिथि व स्थान का निर्धारण कर दिया गया है।
एक दिवसीय फ्री कैंसर शिविर नौ फरवरी को न्यू सिविल लाइन, अस्पताल रोड स्थित बाला जी हास्पिटल में आयोजित कराया जाएगा। मरीजों का परीक्षण सुबह 10 बजे से शुरू करा दिया जाएगा। शिविर में बाला जी हास्पिटल भी सहयोग कर रहा है।
जिले के स्वास्थ्य महकमे द्वारा जारी रिपोर्टों पर अपना आकलन बताते हुए भक्ति वेदांता की टीम का अनुमान है जिले में धुएं के छल्ले उड़ा ग्रामीण परिवेश की महिलाएं भी कैंसर को दावत देने में पीछे नहीं हैं। स्वास्थ्य महकमें की रिपोर्टों पर सर्वे कर भक्ति वेदांता के ओकोलाजिस्ट डा. विष्णु अग्रवाल ने कहा कि 13 से 15 आयु वर्ग की आठ फीसदी महिलाओं में तंबाकू से लेकर बीड़ी व सिगरेट का क्रेज बढ़ता जा रहा है।
इससे काफी हद तक महिलाएं कैंसर की चपेट में आ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्राें में महिलाओं के अंदर बीड़ी तंबाकू आदि का चलन आज भी कायम है। इनसे होने वाले खतरों से पूरी तरह अनजान यह ग्रामीण महिलाएं लगातार बीडी व तंबाकू का सेवन करती जा रही हैं, जिससे उनके मुंह के अंदर, गले में व जीभ में घाव हो जाता है, जिसे लगातार अनदेखा किया जाता है।
गांव में कोई चेकअप आदि न हो पाने से ऐसे ही इलाज चलता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले लेता है और कई बार लोगों को इसी शौक के चलते जान से हाथ धोना पड़ता है। इसलिए किसी भी शक हो घाव पुराने हो तो नौ फरवरी को बालाजी हास्पिटल में लगने वाले कैंसर परामर्श शिविर में अवश्य आए।
डा. विष्णु अग्रवाल ने बताया कि वह स्वयं तो यहां मौजूद रहेंगे ही उनके साथ कैंसर विशेषज्ञ डा. विष्णु मोहन, डा. अमोल व सहायक नेत्रपात्र भी मौजूद रहेंगे और जिले के पीड़ितों का परीक्षण करने के साथ उनको परामर्श भी देंगे। इसको लेकर तिथि व स्थान का निर्धारण कर दिया गया है।
एक दिवसीय फ्री कैंसर शिविर नौ फरवरी को न्यू सिविल लाइन, अस्पताल रोड स्थित बाला जी हास्पिटल में आयोजित कराया जाएगा। मरीजों का परीक्षण सुबह 10 बजे से शुरू करा दिया जाएगा। शिविर में बाला जी हास्पिटल भी सहयोग कर रहा है।