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इन ‘यमदूतों’ से कौन बचाए!

Sun, 03 May 2015 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Sun, 03 May 2015 11:08 PM IST
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These ' Ymduton ' Who afloat !

जिले में मुख्य मार्गों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर

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आवारा जानवर ‘यमदूत’ बनकर घूम रहे हैं। इनको पकड़ने को जिम्मेदार भी ध्यान नहीं दे रहे। लाखोें की लागत से पालिका में खरीदे गए कैटल कै चर वाहनों का भी उपयोग नहीं किया जा रहा है।

इतना ही नहीं आवारा जानवरों को रखने को पालिका क्षेत्रों में बने कांजी हाउस भवन का उपयोग भी अब कामर्शियल भवन में कर लिया गया है। ऐसे में यदि जानवर पकड़े जाते हैं तो उनको रखना भी एक चुनौती बनी हुई है। आवारा जानवरों में शामिल सांड़ के हमले से अब तक दर्जनों लोग चुटहिल हो चुके हैं।

हरपालपुर क्षेत्र में ग्राम गदनापुर निवासी अब्दुल (45) 30 अप्रैल को खेत पर भैंस चराने गए थे। खेत के पास एक आवारा सांड़ घूम रहा था, जिसने अब्दुल पर हमला बोल दिया। आस पास के लोग जब तक मौके पर दौडे़ तब तक सांड़ ने उन्हें पटक कर मार डाला।

इसी तरह शाहाबाद के पठकाना निवासी राजाराम मिश्रा(82) 28 अप्रैल को घर के बाहर खड़े थे। एक सांड़ दौड़ता आया और उन्हें उठाकर फेंक दिया। जब तक वह संभल पाते तब तक उसने दोबारा हमला बोल दिया। आस पास के लोगाें ने जैसे तैसे सांड़ को खदेड़ा।

वहीं पिहानी क्षेत्र के मोहल्ला भाटनटोला निवासी ऋषभ (18) व गोपामऊ चुंगी निवासी शहनूर (30) को करीब दो माह पहले आवारा सांड़ ने हमला किया था। आस पास के लोगों ने जैसे तैसे सांड़ों को खदेड़ा था। इस घटना में दोनों लोगों को काफी चोटें आईं थी।

उधर, सांडी क्षेत्र के गांव भट्योली में करीब आठ माह पहले आवारा सांड़ ने एक अधेड़ को पटक पटक कर मार डाला था। ग्रामीणों ने सांड़ को डंडे फटकार व पानी डालकर खदेड़ा था। शिकायत के बाद भी जब सांड़ को नहीं पकड़ा गया तो एक सप्ताह पहले ग्रामीणों ने उसे भाले से गोदकर मार डाला।

इसी तरह मल्लावां क्षेत्र के मढ़िया गांव निवासी वीरेंद्र की पत्नी को करीब छह माह पहले आवारा सांड़ ने फें क दिया था, जिससे उनको काफी चोटें आई। सीएचसी पर चिकित्सक ने उपचार के बाद उन्हें ट्रामा सेेंटर रेफर कर दिया। जहां करीब छह माह तक उपचार चला।

उधर, नुमाइश चौराहा, घंटाघर रोड, जिला अस्पताल रोड व सिनेमा चौराहा पर आए दिन सांड़ों को लड़ते देखा जाता है। कई बार इनकी लड़ाई में मुख्य मार्ग पर जाम लग जाता है, इससे कुछ लोग चुटहिल हुए। इसके बावजूद इन्हें पकड़वाने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।

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