फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   The toilet flush in half year

डेढ़ साल में ही शौचालय जमींदोज

Fri, 24 Jul 2015 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई Updated Fri, 24 Jul 2015 12:09 AM IST
विज्ञापन
निर्मल भारत अभियान कमीशनबाजी की भेंट चढ़ रहा है। यह इसी से साबित हो जाता
विज्ञापन
है कि करोड़ों रुपये खर्च करके गांवों में बनवाए गए शौचालय डेढ़ साल में ही जमींदोज होने लगे हैं। घटिया निर्माण से इनकी हालत जर्जर हो गई है। दूसरी ओर जिले में योजना का प्रचार-प्रसार भी ठीक ढंग से नहीं किया गया।

इससे गांव-गांव स्वच्छता का संदेश नहीं पहुंच पाया। लोग अभी भी खुले में शौच कर रहे हैं।लोगों के जागरूक न होने से बचे-खुचे शौचालयों में कंडा-भूसा भरा जा रहा है। इन हालात में पूरी योजना ही अपने मकसद से भटक गई है। वित्तीय वर्ष 12-13 के दौरान शौचालयों के निर्माण में जो खेल हुआ, अधिकारी उसके प्रति भी गंभीर नहीं हैं।

शौचालयों का निर्माण मानक के अनुरूप नहीं कराया गया। इसी से कहीं शौचालयों की छत गायब है, तो कहीं सीट व दरवाजे ही नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में अभी तक 85 हजार शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इस पर 52 करोड़ 76 हजार रुपये से अधिक खर्च हो रहे हैं।

उधर, निर्मल भारत अभियान योजना के अंतर्गत शौचालय निर्माण की राशि अब 10 हजार रुपये कर दी गई है। इसी के साथ कमीशनबाजी का खेल भी बढ़ गया। शौचालय निर्माण के 10 हजार रुपये में 32 सौ रुपये केंद्रांश, 14 सौ रुपये राज्यांश, 45 सौ रुपये मनरेगा से तथा 900 रुपये लाभार्थी को देना पड़ता है।

इसमें जमकर खेल होता है। उधर, जिले में प्री-कास्ट शौचालय के निर्माण पर भी विचार किया गया। प्री-कास्ट शौचालय में विभाग द्वारा कंकरीट से निर्माण कराया जाना था। इसके लिए एडीओ के निर्देशन में पंचायत राज उद्योग से कारीगरों का दल महाराष्ट्र में प्रशिक्षण भी लेने गया, पर इसकी लागत 14,500 रुपये आई।

शुरुआत में तो प्री-कास्ट शौचालय पर कार्य हुआ, पर बाद में इसमें भी कमीशनबाजी शुरू हो गई और तत्कालीन सीडीओ आरएनएस यादव ने प्री-कास्ट शौचालय के निर्माण पर रोक लगा दी। जितने शौचालय बन गए उनमें भी काफी कमीशनबाजी की शिकायतें आईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed