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Hardoi News: स्वाइन फ्लू की जांच के लिए किट ही नहीं, तैयारियों का कर रहे दावा
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फोटो- 25- मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर पर मरीजों की भीड़। संवाद
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हरदोई। जिले में वायरल फीवर के साथ ही टाइफाइड, मलेरिया और डेंगू बुखार ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। ओपीडी में रोजाना मरीज भी बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। सरकार ने भी फ्लू को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है लेकिन जिले में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की जांच तो दूर किट तक नहीं है। मरीजों को सामान्य फ्लू से संबंधित उपचार ही दिया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सरकार भले ही तमाम प्रयास कर रही हो लेकिन जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बुखार से पीड़ित मरीज की संख्या में इजाफा हुआ है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल फीवर तो बढ़ा है साथ ही टाइफाइड, मलेरिया और डेंगू के मरीज में आने लगे हैं। इन सबके बीच इन्फ्लुएंजा ए (एच1 एन1) यानी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं। फिर भी जिले में स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
जिले की न तो किसी सीएचसी पर स्वाइन फ्लू से संबंधित आरटी-पीसीआर जांच हो रही है और न ही मेडिकल कॉलेज में अभी जांच शुरू हो पाई है। मरीज बढ़ने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने जांच किट ही नहीं मंगवाई हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को मामूली वायरल इन्फेक्शन का मरीज समझ कर ही उपचार दिया जा रहा है जबकि मरीजों की जांच न होने से सावधानियां भी नहीं बरती जा रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में भी नहीं जांच किट
जिले भर के मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज में भी आरटी-पीसीआर की जांच के लिए किट नहीं आई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जांच किटों के लिए डिमांड भेज दी गई है। जल्द ही किट आ जाएंगी तो अलग से काउंटर बनाकर जांचे शुरू कराई जाएंगी। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई मरीज नहीं आया है जो गंभीर नजर आए। हालांकि स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सीएचसी पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। जिले से सर्विलांस के लिए डिप्टी सीएमओ को नियुक्त किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी को लेकर प्रचार-प्रसार भी शुरू कराया जाएगा। -डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमओ
स्वाइन फ्लू से संबंधित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए डिमांड भेज दी गई है। जैसे ही जांच किट उपलब्ध हो जाएगी, मरीजों की जांच शुरू करवा दी जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सरकार भले ही तमाम प्रयास कर रही हो लेकिन जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बुखार से पीड़ित मरीज की संख्या में इजाफा हुआ है। मौसम में बदलाव के कारण वायरल फीवर तो बढ़ा है साथ ही टाइफाइड, मलेरिया और डेंगू के मरीज में आने लगे हैं। इन सबके बीच इन्फ्लुएंजा ए (एच1 एन1) यानी स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं। फिर भी जिले में स्वास्थ्य विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
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जिले की न तो किसी सीएचसी पर स्वाइन फ्लू से संबंधित आरटी-पीसीआर जांच हो रही है और न ही मेडिकल कॉलेज में अभी जांच शुरू हो पाई है। मरीज बढ़ने के बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने जांच किट ही नहीं मंगवाई हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को मामूली वायरल इन्फेक्शन का मरीज समझ कर ही उपचार दिया जा रहा है जबकि मरीजों की जांच न होने से सावधानियां भी नहीं बरती जा रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में भी नहीं जांच किट
जिले भर के मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं लेकिन अभी तक मेडिकल कॉलेज में भी आरटी-पीसीआर की जांच के लिए किट नहीं आई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि जांच किटों के लिए डिमांड भेज दी गई है। जल्द ही किट आ जाएंगी तो अलग से काउंटर बनाकर जांचे शुरू कराई जाएंगी। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई मरीज नहीं आया है जो गंभीर नजर आए। हालांकि स्वाइन फ्लू से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सीएचसी पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। जिले से सर्विलांस के लिए डिप्टी सीएमओ को नियुक्त किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी को लेकर प्रचार-प्रसार भी शुरू कराया जाएगा। -डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमओ
स्वाइन फ्लू से संबंधित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिया गया है। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए डिमांड भेज दी गई है। जैसे ही जांच किट उपलब्ध हो जाएगी, मरीजों की जांच शुरू करवा दी जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज