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Hardoi News: अंग्रेजों के जमाने के स्टेशन की टूटने लगी इमारत
Sun, 14 Apr 2024 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sun, 14 Apr 2024 12:54 AM IST
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हरदोई। अंग्रेजी हुकूमत की ओर से 152 साल पुराना रेलवे स्टेशन ध्वस्त हो रहा है। स्टेशन की पुरानी इमारत को मजदूर ध्वस्त करने में लगे हुए है।
अंग्रेजों ने स्थानीय रेलवे स्टेशन का निर्माण वर्ष 1872 में कराया था। इसके बाद वर्ष 1940 में स्टेशन का जीर्णोंद्धार किया गया। रेलवे स्टेशन को 10 पूर्व मॉडल स्टेशन में शामिल किया गया था, लेकिन यात्री सुविधाओं के नाम पर यहां ऐसा कुछ नहीं था, जिसे मॉडल कहा जा सकता। विगत वर्ष रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदलने के लिए इसे अमृत भारत योजना के तहत चयनित किया गया था। इसके लिए रेलवे की ओर से इसके लिए 31 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। नये भवन के निर्माण व यात्रियों से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। स्टेशन को सजाने संवारने का कार्य भी शुरू हो गया है। पुराने स्टेशन भवन को गिराने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल कक्ष, सीसीटीएन कक्ष, कैंटीन, पुराना गेट गिराया जाएगा। पुराना भवन होने के कारण मजूदरों को उसको गिराने सांसें फूल रही हैं। इससे कार्य की गति नहीं बढ़ पा रही है। इसकी जगह अब हाईटेक सुविधा युक्त भवन का निर्माण कराया जाएगा।
एक नजर में-
स्टेशन-
स्टेशन पर प्रतिदिन 66 ट्रेनोंं का आवागमन होता है। यहां से रोज सात हजार यात्री यात्रा करते हैं। यहां पर वैसे तो तीन प्लेटफार्म है। दो संयुक्त और एक सिंगल है। कुल पांच पटरियां बनी हुई है। जिन पर ट्रेन दौड़ती है।
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अंग्रेजों ने स्थानीय रेलवे स्टेशन का निर्माण वर्ष 1872 में कराया था। इसके बाद वर्ष 1940 में स्टेशन का जीर्णोंद्धार किया गया। रेलवे स्टेशन को 10 पूर्व मॉडल स्टेशन में शामिल किया गया था, लेकिन यात्री सुविधाओं के नाम पर यहां ऐसा कुछ नहीं था, जिसे मॉडल कहा जा सकता। विगत वर्ष रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदलने के लिए इसे अमृत भारत योजना के तहत चयनित किया गया था। इसके लिए रेलवे की ओर से इसके लिए 31 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। नये भवन के निर्माण व यात्रियों से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। स्टेशन को सजाने संवारने का कार्य भी शुरू हो गया है। पुराने स्टेशन भवन को गिराने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत प्लेटफार्म नंबर एक पर पार्सल कक्ष, सीसीटीएन कक्ष, कैंटीन, पुराना गेट गिराया जाएगा। पुराना भवन होने के कारण मजूदरों को उसको गिराने सांसें फूल रही हैं। इससे कार्य की गति नहीं बढ़ पा रही है। इसकी जगह अब हाईटेक सुविधा युक्त भवन का निर्माण कराया जाएगा।
एक नजर में-
स्टेशन-
स्टेशन पर प्रतिदिन 66 ट्रेनोंं का आवागमन होता है। यहां से रोज सात हजार यात्री यात्रा करते हैं। यहां पर वैसे तो तीन प्लेटफार्म है। दो संयुक्त और एक सिंगल है। कुल पांच पटरियां बनी हुई है। जिन पर ट्रेन दौड़ती है।
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