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‘हमले के सात दिन, 70 साल की तरह लगे’
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हरपालपुर/सांडी (हरदोई)। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं तेरा पुरसौली की ग्राम प्रधान वैशाली यादव बृहस्पतिवार को देर रात लखनऊ स्थित अपने आवास पर पहुंचीं।
वैशाली का परिजनों ने तिलक के साथ आरती उतारकर फूल मालाओं से स्वागत किया। वैशाली के मुताबिक, यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान बिताए गए सात दिन उसे 70 साल की तरह लगे, जिसमें हर पल बम के धमाके उसके सिर पर नाचते रहते थे।
हर पल जिंदगी और मौत के बीच बाजी जीतकर घर में परिजनों को देखकर वैशाली की आंखों में खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वैशाली के घर पहुंचते ही उसकी ताई ऊषा ने आरती उतारकर तिलक लगाया।
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बहन मुस्कान, रितिका, पलक व भाई कार्तिकेय ने फूल मालाओं से लादकर गले लगाकर उसका स्वागत किया। वैशाली ने बताया कि 24 फरवरी को शुरू हुई बमबारी के बाद तीन दिन तक अपने फ्लैट में बम के धमाकों की गूंज उसके कानों में होती रही।
बताया कि इसके बाद वह बिना किसी सुरक्षा के 15 किलोमीटर तक जिंदगी और मौत से जूझती हुई पैदल रोमानिया पहुंची। इस बीच उसे पूरे 24 घंटे खड़े रहकर गुजारने पड़े।
भारतीय समयानुसार बुधवार की रात 1:30 बजे की फ्लाइट से दिल्ली पहुंची, जहां से सरकारी कार से बृहस्पतिवार को देर रात अपने लखनऊ आवास पर पहुंचीं।
वैशाली ने बताया कि कटियारी समेत पूरे देश के लोगों की दुआओं से सुरक्षित घर पहुंच पाई हैं। इसमें जिला प्रशासन प्रदेश सरकार व भारत सरकार के प्रयासों के लिए आभार जताया। वैशाली ने मीडिया के प्रयासों की भी सराहना की।
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वैशाली का परिजनों ने तिलक के साथ आरती उतारकर फूल मालाओं से स्वागत किया। वैशाली के मुताबिक, यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान बिताए गए सात दिन उसे 70 साल की तरह लगे, जिसमें हर पल बम के धमाके उसके सिर पर नाचते रहते थे।
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हर पल जिंदगी और मौत के बीच बाजी जीतकर घर में परिजनों को देखकर वैशाली की आंखों में खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वैशाली के घर पहुंचते ही उसकी ताई ऊषा ने आरती उतारकर तिलक लगाया।
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बहन मुस्कान, रितिका, पलक व भाई कार्तिकेय ने फूल मालाओं से लादकर गले लगाकर उसका स्वागत किया। वैशाली ने बताया कि 24 फरवरी को शुरू हुई बमबारी के बाद तीन दिन तक अपने फ्लैट में बम के धमाकों की गूंज उसके कानों में होती रही।
बताया कि इसके बाद वह बिना किसी सुरक्षा के 15 किलोमीटर तक जिंदगी और मौत से जूझती हुई पैदल रोमानिया पहुंची। इस बीच उसे पूरे 24 घंटे खड़े रहकर गुजारने पड़े।
भारतीय समयानुसार बुधवार की रात 1:30 बजे की फ्लाइट से दिल्ली पहुंची, जहां से सरकारी कार से बृहस्पतिवार को देर रात अपने लखनऊ आवास पर पहुंचीं।
वैशाली ने बताया कि कटियारी समेत पूरे देश के लोगों की दुआओं से सुरक्षित घर पहुंच पाई हैं। इसमें जिला प्रशासन प्रदेश सरकार व भारत सरकार के प्रयासों के लिए आभार जताया। वैशाली ने मीडिया के प्रयासों की भी सराहना की।