{"_id":"5ede79df8ebc3e902576adb8","slug":"religious-places-open-hardoi-news-knp5644710174","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुले मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्धारे, अरदास के साथ सुनाई दिए जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुले मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्धारे, अरदास के साथ सुनाई दिए जयकारे
विज्ञापन
श्री रामजानकी मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कुछ इस तरह से दर्शन करते श्रद्धालु। सं?
- फोटो : HARDOI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। 75 दिन बाद सोमवार को मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च खुल गए। सुबह से ही लोग दर्शन, नमाज, अरदास और प्रार्थना के लिए पहुंचने लगे। धार्मिक स्थल के व्यवस्थापकों ने नियमों के पालन को पूरी व्यवस्था कर रखी थी। थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन के बाद ही लोगों को धार्मिक स्थलों के अंदर जाने दिया गया। शहर के प्रमुख मंदिरों, जामा मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारों में अलग ही रौनक नजर आई। लोगों ने भी नए नियमों का पालन किया।
सोमवार को रामजानकी मंदिर, खेतुई बालाजी, हनुमान मंदिर, श्रवण देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। इसके लिए व्यवस्थापकों ने पूरी तैयारी की थी। मंदिर में भगवान की मूर्तियों से श्रद्धालुओं को दूर रखने के लिए डोरियां बांधी गईं। गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनिटाइज कराया गया। प्रसाद लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को वापस कर दिया गया। बदले नियमों में ईश्वर के दर्शन हुए। श्री राम जानकी मंदिर के पुजारी मैथलीशरण शास्त्री ने बताया कि नियम जरूर बदलें हैं पर श्रद्धालुओं व उनको सुकून हैं कि कम से कम मंदिर तो खुल गए। मंदिर प्रबंधन द्वारा सारे नियमों का पालन कर एहतियात बरती जा रही है।
मस्जिदों को भी नियमों का पालन कर खोल दिया गया। केवल फर्ज नमाज पढ़ी गई। एक बार में पांच लोग ही नमाज पढ़ते नजर आए। जामा मस्जिद के जनरल सेक्रेटरी हफीज अहमद ने बताया कि मस्जिद के बाहर ही जूते-चप्पल उतरवाए गए। मस्जिद में दाखिल होने पर सबसे पहले हाथ सैनिटाइज कराए गए। नमाज इमाम, मोअज्जिम के अलावा पांच लोगों द्वारा ही सामाजिक दूरी का ख्याल रख अदा की गई। मस्जिद में केवल फर्ज नमाज अदा हुई। सुन्नतें व नवाफिल घर पर ही पढ़ने को कहा गया।
विज्ञापन
पंजाबी कालोनी स्थित गुरुद्वारा भी श्रद्धालुओं के लिए सोमवार से खुल गया। एक बार में अधिकतम पांच लोगों ने ही अरदास की। कीर्तन व लंगर पर पूर्ण पाबंदी रही। सेवादार कुलवंत सिंह ने कहा कि काफी दिन बाद सुखद अनुभूति हो रही है। श्रद्धालुओं के आने व अरदास के बाद उनके चेहरे पर संतुष्टि के भाव हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनिटाइज कराने के बाद ही प्रवेश हो रहा है।
महात्मा गांधी मार्ग स्थित चर्च के व्यवस्थापक अनिल सिंह एडवोकेट ने बताया कि नियमों का पालन करते हुए चर्च सभी के लिए खोल दिया गया है। पांच-पांच लोगों को अंदर आने की अनुमति दी गई। प्रार्थना करके जाने के बाद ही अन्य लोगों को प्रवेश दिया गया। चर्च के गेट पर हाथों को सैनिटाइज किया जा रहा है।
विज्ञापन
सोमवार को रामजानकी मंदिर, खेतुई बालाजी, हनुमान मंदिर, श्रवण देवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। इसके लिए व्यवस्थापकों ने पूरी तैयारी की थी। मंदिर में भगवान की मूर्तियों से श्रद्धालुओं को दूर रखने के लिए डोरियां बांधी गईं। गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनिटाइज कराया गया। प्रसाद लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को वापस कर दिया गया। बदले नियमों में ईश्वर के दर्शन हुए। श्री राम जानकी मंदिर के पुजारी मैथलीशरण शास्त्री ने बताया कि नियम जरूर बदलें हैं पर श्रद्धालुओं व उनको सुकून हैं कि कम से कम मंदिर तो खुल गए। मंदिर प्रबंधन द्वारा सारे नियमों का पालन कर एहतियात बरती जा रही है।
विज्ञापन
मस्जिदों को भी नियमों का पालन कर खोल दिया गया। केवल फर्ज नमाज पढ़ी गई। एक बार में पांच लोग ही नमाज पढ़ते नजर आए। जामा मस्जिद के जनरल सेक्रेटरी हफीज अहमद ने बताया कि मस्जिद के बाहर ही जूते-चप्पल उतरवाए गए। मस्जिद में दाखिल होने पर सबसे पहले हाथ सैनिटाइज कराए गए। नमाज इमाम, मोअज्जिम के अलावा पांच लोगों द्वारा ही सामाजिक दूरी का ख्याल रख अदा की गई। मस्जिद में केवल फर्ज नमाज अदा हुई। सुन्नतें व नवाफिल घर पर ही पढ़ने को कहा गया।
विज्ञापन
पंजाबी कालोनी स्थित गुरुद्वारा भी श्रद्धालुओं के लिए सोमवार से खुल गया। एक बार में अधिकतम पांच लोगों ने ही अरदास की। कीर्तन व लंगर पर पूर्ण पाबंदी रही। सेवादार कुलवंत सिंह ने कहा कि काफी दिन बाद सुखद अनुभूति हो रही है। श्रद्धालुओं के आने व अरदास के बाद उनके चेहरे पर संतुष्टि के भाव हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनिटाइज कराने के बाद ही प्रवेश हो रहा है।
महात्मा गांधी मार्ग स्थित चर्च के व्यवस्थापक अनिल सिंह एडवोकेट ने बताया कि नियमों का पालन करते हुए चर्च सभी के लिए खोल दिया गया है। पांच-पांच लोगों को अंदर आने की अनुमति दी गई। प्रार्थना करके जाने के बाद ही अन्य लोगों को प्रवेश दिया गया। चर्च के गेट पर हाथों को सैनिटाइज किया जा रहा है।