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Hardoi News: दो माह में 41 ग्राम पंचायतें ही बना पाईं कचरा प्रबंधन की कार्ययोजना
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हरदोई। गांवों को साफ-सुथरा बनाने के लिए सॉलिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एसएलडब्यूएम) में चयनित सभी गांवों की दो माह में कार्ययोजना ही तैयार नहीं हो पाई है। चयनित 537 ग्राम पंचायतों में से दो माह से अधिक बीत गए हैं लेकिन, अभी तक 41 ग्राम पंचायतों की ही कार्ययोजना बना पाई है। शासन ने 25 जून तक कार्ययोजना तैयार कराते हुए इसके प्रस्तुतीकरण की समय सीमा तय की है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में गांवों को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही गांवों से निकलने वाले कूड़ा और गंदे पानी के निस्तारण के एसएलडब्ल्यूएम में काम कराया रहा है। गांवों में एलएलडब्ल्यूएम में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के काम कराए जाने हैं। इसमें खाद का गड्ढा, रिकवरी रिर्सोस सेंटर, वर्मी कंपोस्ट निर्माण और नाडेप, सोकपिट, फिल्टर चैंबर, सिल्ट कैचर, मैजिक पिट और लीज पिट आदि का काम कराया जाएगा।
इससे गांव में सार्वजनिक स्थलों और घरों से निकलने वाले गंदे पानी को भी फिल्टर कराते हुए साफ किया जाएगा। गोबर आदि से कंपोस्ट खाद बनवाई जाती है। यहां पर चालू वित्तीय वर्ष 537 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है, इसमें से 41 ग्राम पंचायतों ने ही कार्ययोजना दी है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी सहायक विकास अधिकारियों से कहा गया है कि चयनित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव और प्रधान से मिलकर कार्ययोजना समय से प्राप्त कराएं। इसमें लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ये ग्राम पंचायतें हैं चयनित
एसएनडब्ल्यूएम में विकास खंड टोडरपुर में 40, टड़ियावां में 24, सुरसा में 20, शाहाबाद में 41, संडीला में 32, सांडी में 35, पिहानी में 35, मल्लावां में 21, माधौगंज में 33, बावन में 32, अहिरोरी में 11, बेहंदर में 26, भरावन में 24, भरखनी में 49, बिलग्राम में 30, हरियावां में 19, हरपालपुर में 27, कछौना में 14 और कोथावां में 24 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। इसमें सभी ब्लाकों में एक से तीन तक ग्राम पंचायतों की ही कार्ययोजना तैयार कराई जा सकी है।
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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण में गांवों को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही गांवों से निकलने वाले कूड़ा और गंदे पानी के निस्तारण के एसएलडब्ल्यूएम में काम कराया रहा है। गांवों में एलएलडब्ल्यूएम में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन के काम कराए जाने हैं। इसमें खाद का गड्ढा, रिकवरी रिर्सोस सेंटर, वर्मी कंपोस्ट निर्माण और नाडेप, सोकपिट, फिल्टर चैंबर, सिल्ट कैचर, मैजिक पिट और लीज पिट आदि का काम कराया जाएगा।
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इससे गांव में सार्वजनिक स्थलों और घरों से निकलने वाले गंदे पानी को भी फिल्टर कराते हुए साफ किया जाएगा। गोबर आदि से कंपोस्ट खाद बनवाई जाती है। यहां पर चालू वित्तीय वर्ष 537 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है, इसमें से 41 ग्राम पंचायतों ने ही कार्ययोजना दी है।
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जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी सहायक विकास अधिकारियों से कहा गया है कि चयनित ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव और प्रधान से मिलकर कार्ययोजना समय से प्राप्त कराएं। इसमें लापरवाही पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ये ग्राम पंचायतें हैं चयनित
एसएनडब्ल्यूएम में विकास खंड टोडरपुर में 40, टड़ियावां में 24, सुरसा में 20, शाहाबाद में 41, संडीला में 32, सांडी में 35, पिहानी में 35, मल्लावां में 21, माधौगंज में 33, बावन में 32, अहिरोरी में 11, बेहंदर में 26, भरावन में 24, भरखनी में 49, बिलग्राम में 30, हरियावां में 19, हरपालपुर में 27, कछौना में 14 और कोथावां में 24 ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया है। इसमें सभी ब्लाकों में एक से तीन तक ग्राम पंचायतों की ही कार्ययोजना तैयार कराई जा सकी है।