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अब रेल से सफर की राह हुई और आसान

Fri, 04 Feb 2022 10:18 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 10:18 PM IST
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Now the way of traveling by rail has become easier
हरदोई। रेल प्रशासन द्वारा जारी पिंक बुक में हरदोई-सांडी-गुरसहायगंज के मध्य प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए एक फरवरी को पेश आम बजट में स्वीकृति मिली है।
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रेल प्रशासन द्वारा पूर्व में आवंटित 1302 करोड़ के बजट को इस वर्ष भी जारी रखा गया है। रेल बजट में अंब्रेला वर्क का कार्य कराया जाना दर्शाया गया है।
स्थानीय लोगों के काफी संघर्ष के बाद इस लाइन को बिछाने के लिए स्वीकृति वर्ष 2019 के बजट में दी गई थी। हरदोई-सांडी-गुरसहायगंज रेल लाइन मिलने के बाद हरदोई से कानपुर जाने वाली लोगों और व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
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जनपद के लोग लगातार रेल प्रशासन से जल्द से जल्द इस रेल लाइन का कार्य कराए जाने की मांग करते आ रहे हैं। जनवरी 2021 में दिल्ली की संस्था मेसर्स ट्रांसलिक कंपनी प्रस्तावित इस रेल मार्ग का सर्वे कर चुकी है।
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हरदोई से वाया सांडी-गुरसहायगंज तक 59.30 किलोमीटर की रेल लाइन बनाई जानी है। टीम ड्रोन की मदद से सर्वे कर चुकी है। इसी वर्ष जनवरी में रेल प्रशासन की एक टीम द्वारा रेल लाइन का पिलर लगाकर सीमांकन कार्य भी शुरू कराया गया है।
रेल प्रशासन ने ग्रामीणों को रेल की भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जा ना करने की अपील भी की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्दी रेल प्रशासन इस मार्ग पर रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू कर देगा।
रेल अधिकारियों ने बताया कि पिंक बुक में आए बजट के बाद रेल लाइन बिछाने को लेकर आगे की कवायद शुरू की जाएगी।
अंडरपास के स्थान पर अब ओवरब्रिज
पिंक बुक में रौजा-बालामऊ के समपार संख्या 258 पर अब अंडरपास के स्थान पर ऊपरी सड़क पुल को बजट में स्वीकृति मिली है। इस सम पार पर वर्ष 2021 में अंडरपास पर स्वीकृति दी गई थी।
जिसको इस वर्ष बदल दिया गया है। इस सम पार पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। ओवरब्रिज बनने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
बालामऊ में इलेक्ट्रॉनिक इंटर लॉकिंग
बालामऊ जंक्शन पर अभी तक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य नहीं हुआ है। जिसके चलते ट्रेनों की गति पर अंकुश लगा रहता है। एक फरवरी को जारी बजट में बालामऊ जंक्शन व काकोरी स्टेशन पर पर केंद्रीयकृत पैलन व इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य कराने की स्वीकृति दी गई है।
इसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। बालामऊ व काकोरी में केंद्रीकृत पैनल व इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के कार्य के बाद लखनऊ से मुरादाबाद तक ट्रेनों की गति बढ़ेगी जिससे रेल यात्रियों को फायदा पहुंचेगा।
बालामऊ-सीतापुर मार्ग पर खत्म होगा टोकन सिस्टम
बालामऊ से सीतापुर-उन्नाव ब्रांच लाइनों पर अभी तक टोकन सिस्टम प्रणाली कार्य कर रही है। जिसको रेल प्रशासन ने समाप्त करने की योजना बनाई है। इसके स्थान पर अब यूएफएसबीआई (यूनिवर्सल फेल सेफ ब्लॉक इंटरफेस) सिस्टम लगाने को रेल बजट में स्वीकृति भी मिल गई है।
बालामऊ-उन्नाव, बालामऊ-सीतापुर रेल लाइन पर अभी तक टोकन प्रणाली लागू होने से ट्रेनों की गति पर सीधा असर पड़ता है। ट्रेन अनावश्यक रूप से विलंब से चलती थीं।
यूएफएसबीआई सिस्टम लागू होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी। स्टेशन मास्टर कक्ष में लगे बटन को दबाकर ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे। जिससे ब्रांच लाइन पर चलने वाले रेल यात्रियों को फायदा होगा।
लखनऊ से रौजा के बीच के पुलों का पुनर्निर्माण
रेल बजट में 400 वंदे भारत को संचालित करने को लेकर रेल प्रशासन प्रतिबद्घ है। इसके लिए ट्रैक व रास्ते में पड़ने वाले पुलों को दुरुस्त करने के लिए रेल प्रशासन द्वारा लखनऊ से रौजा तक पड़ने वाले सभी छोटे बड़े पुलों के पुनर्निर्माण को लेकर बजट में स्वीकृति दी गई है।

रेल प्रशासन द्वारा पुल के पुनर्निमाण कार्य कराए जाने के बाद इस रेलमार्ग पर सेमी हाई स्पीड व वंदे भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेन संचालित हो सकेंगी। करना मसीत के मध्य पड़ने वाली सई नदी पर काफी पुराने पुल पुनर्निर्माण होगा।
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