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न रजिस्ट्रेशन न लाइसेंस, फर्राटा भर रहे ई-रिक्शा
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई।
Updated Wed, 25 Nov 2015 01:29 AM IST
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जिले में ई- रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे हैं। इन पर ओवरलोडिंग होने के बाद भी जिम्मेदार बेेखबर हैं। यातायात में इनसे जाम की भी समस्या बढ़ गई है। बिना लाइसेंस ई- रिक्शों के नाबालिग चालक सड़कों पर यमदूत बन कर वाहनों को दौड़ा रहे है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। ई-रिक्शा विक्र्रेता भी बिना पंजीकरण के कारोबार कर रहे है।
दो वर्ष पहले प्रदेश सरकार ने गरीब रिक्शा चालकों के लिए ई- रिक्शा योजना लांच की थी। इस योजना के तहत रिक्शा चालकों को तीन सवारी वाले ई- रिक्शा निशुल्क उपलब्ध कराने थे। बैटरी से चलने वाले ई- रिक्शा के लिए शासन ने जिला नगरीय विकास अभिकरण को दो वर्ष पूर्व पत्र भेजकर पात्र रिक्शा चालकों का चयन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे । चयन के लिए वर्ष 2012 तक नगर पालिका तथा नगर पंचायतों में पंजीकृत रिक्शा चालकों का चयन होना था पर एक भी गरीब को योजना का लाभ न मिल सका।
रिक्शा चालकों के लिए रोजी रोटी का संकट
जरूरतमंद रिक्शा चालकों के लिए शुरू की गई ई- रिक्शा योजना का लाभ उन्हें न मिल सका। शहर में आटो और टेंपो के परमिट बंद हुए तो निजी क्षेत्र के लोग ई- रिक्शा के नाम पर बैटरी चालित आटो रिक्शा शहर में यात्री वाहन की तरह दौड़ा रहे है। इससे रिक्शा चालकों को सवारियां मिलना मुश्किल हो गया है। उनके सामने रोजी रोटी का संकट है।
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आयुक्त द्वारा जारी हो चुका पत्र पर अमल नहीं
परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा 9 जुलाई 2015 को जारी पत्र में सभी विभागीय अधिकारियों से कहा जा चुका है कि ई- रिक्शा एवं ई-कार्ट के संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार ई- रिक्शा एवं ई-कार्ट का परिवहन विभाग में अन्य वाहनों की तरह पंजीकरण कराया जाना है साथ ही इनके चालकों के लिए अलग से वाहन लाइसेंस भी जारी होना है। इसके लिए प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी लगना है। इसके अलावा पंजीकरण का शुल्क निर्धारित सवारी क्षमता के अनुसार लगाया जाएगा। ई- रिक्शा एवं ई-कार्ट विक्रेताओं का परिवहन विभाग में पंजीकरण कराया जाएगा ।
लागू होंगे निर्देश, होगी कार्रवाई
इस संबंध में एआरटीओ ट्रैफिक एसके झा और एआरटीओ प्रशासन ओपी सिंह ने माना कि बड़ी संख्या में अवैध रूप से ई- रिक्शा और ई-कार्ट का संचालन जिले में हो रहा है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त के यहां से पत्र आ चुका है। उन्होंने कहा कि अब पंजीकरण एवं निर्धारित नियमों के तहत चालक का लाइसेंस व विक्रेताओं का पंजीकरण आदि की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी । नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी ।
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दो वर्ष पहले प्रदेश सरकार ने गरीब रिक्शा चालकों के लिए ई- रिक्शा योजना लांच की थी। इस योजना के तहत रिक्शा चालकों को तीन सवारी वाले ई- रिक्शा निशुल्क उपलब्ध कराने थे। बैटरी से चलने वाले ई- रिक्शा के लिए शासन ने जिला नगरीय विकास अभिकरण को दो वर्ष पूर्व पत्र भेजकर पात्र रिक्शा चालकों का चयन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे । चयन के लिए वर्ष 2012 तक नगर पालिका तथा नगर पंचायतों में पंजीकृत रिक्शा चालकों का चयन होना था पर एक भी गरीब को योजना का लाभ न मिल सका।
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रिक्शा चालकों के लिए रोजी रोटी का संकट
जरूरतमंद रिक्शा चालकों के लिए शुरू की गई ई- रिक्शा योजना का लाभ उन्हें न मिल सका। शहर में आटो और टेंपो के परमिट बंद हुए तो निजी क्षेत्र के लोग ई- रिक्शा के नाम पर बैटरी चालित आटो रिक्शा शहर में यात्री वाहन की तरह दौड़ा रहे है। इससे रिक्शा चालकों को सवारियां मिलना मुश्किल हो गया है। उनके सामने रोजी रोटी का संकट है।
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आयुक्त द्वारा जारी हो चुका पत्र पर अमल नहीं
परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा 9 जुलाई 2015 को जारी पत्र में सभी विभागीय अधिकारियों से कहा जा चुका है कि ई- रिक्शा एवं ई-कार्ट के संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार ई- रिक्शा एवं ई-कार्ट का परिवहन विभाग में अन्य वाहनों की तरह पंजीकरण कराया जाना है साथ ही इनके चालकों के लिए अलग से वाहन लाइसेंस भी जारी होना है। इसके लिए प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी लगना है। इसके अलावा पंजीकरण का शुल्क निर्धारित सवारी क्षमता के अनुसार लगाया जाएगा। ई- रिक्शा एवं ई-कार्ट विक्रेताओं का परिवहन विभाग में पंजीकरण कराया जाएगा ।
लागू होंगे निर्देश, होगी कार्रवाई
इस संबंध में एआरटीओ ट्रैफिक एसके झा और एआरटीओ प्रशासन ओपी सिंह ने माना कि बड़ी संख्या में अवैध रूप से ई- रिक्शा और ई-कार्ट का संचालन जिले में हो रहा है। इस संबंध में परिवहन आयुक्त के यहां से पत्र आ चुका है। उन्होंने कहा कि अब पंजीकरण एवं निर्धारित नियमों के तहत चालक का लाइसेंस व विक्रेताओं का पंजीकरण आदि की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी । नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी ।