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Hardoi News: सीएचसी पर बाहर से लिखी जा रहीं दवाएं, मरीज हो रहे परेशान

Thu, 11 Sep 2025 11:05 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:05 PM IST
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Medicines are being prescribed from outside at CHC, patieMedicines are being prescribed from outside at CHC, patients are getting upsetnts are getting upset
हरदोई। सरकार भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्रयासरत है लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क दवा देने के दावे सरकारी अस्पतालाें में दम तोड़ रहे हैं। मरीजों को लगातार बाहर की दवा लिखी जा रही है। इसकी वजह से मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
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सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन अस्पतालों की स्थिति में कोई सुधार नहीं है। एक ताे अस्पतालों में चिकित्सकों का अभाव वैसे ही बना हुआ है। इससे मरीज को इलाज के लिए जिला मुख्यालय या फिर निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। सर्दी, खांसी, जुकाम और पेट दर्द के मरीज पहुंच भी जाते हैं तो उन्हें गोलियां थमा दी जाती हैं। सिरप का टोटा बना हुआ है बेहतर दवा की मांग की जाती है तो बाहर से दवा लिख दी जाती है। सभी सीएचसी का यही हाल है, चिकित्सक मरीजों को बाहर की दवा लिख रहे हैं। बावन सीएचसी पर भी मरीजों को पेट दर्द के लिए सिरप और बुखार में लगने वाले इंजेक्शन तक मरीजों ने बाहर से खरीद कर लगवाए हैं। इससे मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
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केस-1- जगदीशपुर के पड़ोसी गांव की सीता सीएचसी पर दवा लेने गई थीं। उनको पेट में दर्द हो रहा था। सीएचसी से गोलियां तो दे दी गईं लेकिन सिरप बाहर के मेडिकल स्टोर से लिख दिया गया। यू-डी लिव सिरप लिखा गया। मेडिकल स्टोर पर यह सिरप 80 से सौ रुपये में है।
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केस-2- नस्योली की प्रियंका भी इलाज के लिए सीएचसी पहुंची थीं। उन्हें बीते कई दिनों से बुखार आ रहा था मलेरिया की शिकायत बताई गई। कुछ दवाएं तो सीएचसी से मिल गईं लेकिन अन्य दवाओं के लिए मेडिकल स्टोर का रास्ता बता दिया गया।


इंजेक्शन तक बाहर से खरीद रहे लोग
ग्रामीण क्षेत्रों में यह हाल है कि मरीजाें को खांसी के सिरप से लेकर इंजेक्शन तक बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं। इसके अलावा मल्टीविटामिन सिरप, लिवर टॉनिक, प्रोटिन पाउडर, एंटी बायोटिक इंजेक्शन समेत बुखार में शामिल होने वाली दवाएं तक मरीज बाहर से खरीद रहे हैं।



सीएचसी पर दवाओं की कोई कमी नहीं है। सिरप कम ही आते हैं तो मरीज कई बार खुद से कोई सिरप लिखने की गुजारिश करते हैं तो किसी चिकित्सक ने लिख दी होगी। वैसे सभी मरीजों को सीएचसी से ही दवाएं दी जाती हैं और जांचें भी निशुल्क होती हैं। सीएचसी पहले से बेहतर भी हुई है ओपीडी बढ़ी है। -डॉ. पंकज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक, बावन
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