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Hardoi News: पता नहीं टंकियों की कब हुई थी सफाई, ब्लीचिंग पाउडर डालकर निभा रहे औपचारिकता
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फोटो 30: पाली नगर पंचायत कार्यालय के पास बनी पानी की टंकी। संवाद
पाली। नगर में पेयजल उपलब्ध कराने वाली पानी की टंकियों की सफाई कब हुई थी आमजन को छोड़िए निकाय के जिम्मेदारों को भी नहीं मालूम है। टंकी की सफाई को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह तक पता नहीं है कि आखिरी बार पानी की टंकी की सफाई कब कराई गई थी। लगभग तीन माह पहले ब्लीच डालने की बात जरूर सामने आई है।
नगर में पानी सप्लाई को लेकर नगर पंचायत में दो पानी की टंकी बनी हैं। 18 हजार लीटर क्षमता की एक टंकी नगर पंचायत कार्यालय के पास बाजार में और दूसरी 65 हजार लीटर क्षमता की बरगद तिराहे के पास बनी है। दोनों टंकियों की पाइपलाइन आपस में जुड़ी हैं। इन दोनों टंकी के साथ ही तीन अन्य नलकूपों के माध्यम से ही नगर के 15 वार्डों की 21,273 आबादी को 643 कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन पानी की सप्लाई की जाती है।
इतने बड़े पैमाने पर लोगों की जरूरत पूरी करने वाली इस टंकी की नियमित सफाई और रखरखाव बेहद जरूरी है लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह कार्य केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गया है। टंकी की सफाई के नाम पर सिर्फ ब्लीचिंग पाउडर डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है। न तो टंकी को पूरी तरह खाली किया गया और न ही अंदर जमी गंदगी, काई और तलछट को हटाया गया। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या केवल ब्लीच डाल देने से ही सफाई हो जाती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है गर्मियों में अक्सर पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आती हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत इस लापरवाही से सबक लेगा और भविष्य में पानी की टंकी की नियमित व पारदर्शी सफाई सुनिश्चित करेगा या फिर नागरिकों को ऐसे ही असुरक्षित पानी पर निर्भर रहना पड़ेगा।
पटल अधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया उन्हें करीब छह माह पहले पटल अधिकारी बनाया गया है। इससे पहले के पटल अधिकारी ने क्या किया जानकारी नहीं है। आखिरी बार नियमित सफाई की जानकारी होने से भी उन्होंने इन्कार किया है। उनका दावा है कि करीब तीन माह पहले दोनों टंकियों में ब्लीच डाली गई थी। नियमित सफाई का भी एस्टीमेट बनाकर भेजा जा रहा है। जल्द सफाई भी कराई जाएगी।
नगर की टीचर्स कॉलोनी निवासी अनूप त्रिपाठी का कहना है कि पेयजल को लेकर नगर पंचायत की ओर से बनी पानी की टंकियां समय-समय पर साफ होनी चाहिए जिससे गुणवत्ता को लेकर संशय न रहे।
मोहल्ला बिराहना निवासी आरेंद्र वाजपेयी ने बताया नियमित टंकियों की नियमित सफाई न करना नगर पंचायत की बड़ी लापरवाही है। इससे नगर के लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां होने का खतरा है। जिम्मेदारों को गंभीरता से नियमित टंकियों की साफ-सफाई करानी चाहिए। समय-समय पर ब्लीच भी डालनी चाहिए जिससे शुद्ध पेयजल मिल सके।
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नगर में पानी सप्लाई को लेकर नगर पंचायत में दो पानी की टंकी बनी हैं। 18 हजार लीटर क्षमता की एक टंकी नगर पंचायत कार्यालय के पास बाजार में और दूसरी 65 हजार लीटर क्षमता की बरगद तिराहे के पास बनी है। दोनों टंकियों की पाइपलाइन आपस में जुड़ी हैं। इन दोनों टंकी के साथ ही तीन अन्य नलकूपों के माध्यम से ही नगर के 15 वार्डों की 21,273 आबादी को 643 कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन पानी की सप्लाई की जाती है।
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इतने बड़े पैमाने पर लोगों की जरूरत पूरी करने वाली इस टंकी की नियमित सफाई और रखरखाव बेहद जरूरी है लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यह कार्य केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गया है। टंकी की सफाई के नाम पर सिर्फ ब्लीचिंग पाउडर डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है। न तो टंकी को पूरी तरह खाली किया गया और न ही अंदर जमी गंदगी, काई और तलछट को हटाया गया। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या केवल ब्लीच डाल देने से ही सफाई हो जाती है।
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स्थानीय लोगों का कहना है गर्मियों में अक्सर पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आती हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत इस लापरवाही से सबक लेगा और भविष्य में पानी की टंकी की नियमित व पारदर्शी सफाई सुनिश्चित करेगा या फिर नागरिकों को ऐसे ही असुरक्षित पानी पर निर्भर रहना पड़ेगा।
पटल अधिकारी राजेश मिश्रा ने बताया उन्हें करीब छह माह पहले पटल अधिकारी बनाया गया है। इससे पहले के पटल अधिकारी ने क्या किया जानकारी नहीं है। आखिरी बार नियमित सफाई की जानकारी होने से भी उन्होंने इन्कार किया है। उनका दावा है कि करीब तीन माह पहले दोनों टंकियों में ब्लीच डाली गई थी। नियमित सफाई का भी एस्टीमेट बनाकर भेजा जा रहा है। जल्द सफाई भी कराई जाएगी।
नगर की टीचर्स कॉलोनी निवासी अनूप त्रिपाठी का कहना है कि पेयजल को लेकर नगर पंचायत की ओर से बनी पानी की टंकियां समय-समय पर साफ होनी चाहिए जिससे गुणवत्ता को लेकर संशय न रहे।
मोहल्ला बिराहना निवासी आरेंद्र वाजपेयी ने बताया नियमित टंकियों की नियमित सफाई न करना नगर पंचायत की बड़ी लापरवाही है। इससे नगर के लोगों को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां होने का खतरा है। जिम्मेदारों को गंभीरता से नियमित टंकियों की साफ-सफाई करानी चाहिए। समय-समय पर ब्लीच भी डालनी चाहिए जिससे शुद्ध पेयजल मिल सके।

फोटो 30: पाली नगर पंचायत कार्यालय के पास बनी पानी की टंकी। संवाद

फोटो 30: पाली नगर पंचायत कार्यालय के पास बनी पानी की टंकी। संवाद