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शिनाख्त की तलाश में माधौगंज कसबा
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 20 Mar 2015 12:42 AM IST
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सन् 1936 से टाउन एरिया बना माधौगंज कसबा आज भी
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राजस्व अभिलेखों में अपनी शिनाख्त तलाश रहा है। तहसील के अभिलेखों में कहीं
भी माधौगंज कसबा दर्ज नहीं है। बाकायदा मोहल्लों के नाम होने के बावजूद
राजस्व अभिलेखों में अब तक दो ग्राम सभाएं दौलतयारपुर अंडर टाउन तथा रूदामऊ
अंडर टाउन के नाम से ही माधौगंज की जमीनों की पहचान है।
चेयरमैन अनुराग मिश्रा का कहना है कि लगातार शासन में हो रहे प्रयास के बावजूद माधौगंज को अभी तक राजस्व अभिलेखों से वंचित रखा गया है। अभिलेखों पर माधौगंज टाउन एरिया का सृजन वर्ष 1936 में हुआ था, जो इसके भवन पर भी अंकित है, तब से यह लगातार टाउन एरिया के रूप में जाना जा रहा है।
इस कसबे को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने को 79 वर्ष हो रहे हैं, पर शासन की ढिलाई से अब तक इसे राजस्व अभिलेखों के अस्तित्व में लाने को शासनादेश जारी नहीं हुआ है। पूर्व विधायक धर्मज्ञ मिश्रा का कहना है कि उनके द्वारा विधायक रहते हुए उससे पहले तथा उसके बाद भी इस टाउन एरिया की जमीनों को राजस्व अभिलेखों में अंकित करने हेतु पत्राचार हुए और विस में भी मांगे उठाई गईं, पर नाउम्मीदी ही हाथ लगी है।
जमींदारी खत्म होने के बाद माधौगंज कसबे के अंदर आने वाले सभी गाटों का सर्वेक्षण कराकर शासन को भेजे जाने की जानकारी टाउन एरिया के पदाधिकारियों ने दी, परंतु लगातार पत्राचार हो रहा है और शासन की ओर से इस कसबे के लिए प्रयास अभी बौने ही साबित हो रहे हैं।
हाल में नगर पंचायत माधौगंज ने पुन: प्रयास करते हुए चेयरमैन अनुराग मिश्रा व प्रभारी अधिशासी अधिकारी/एसडीएम डा. अशोक शुक्ला ने माधौगंज को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने तथा सीमा वृद्धि के अंकन के बाबत शासन व तहसील जिला स्तरीय अफसरों से पत्राचार किया है।
जहां तक सवाल माधौगंज नगर पंचायत के राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने का है, तो उसमें कही न कही राजस्व विभाग की ढिलाई रही है। नगर पंचायत माधौगंज में उपलब्ध अभिलेखों के मुताबिक नगर विकास विभाग व राजस्व विभाग ने टाउन एरिया के अंदर आने वाले भूमि के गाटों को चिह्नित कर एक गजट जारी किया था कि उक्त गाटों को टाउन एरिया माधौगंज की भूमि के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो।
इस बाबत नगर पंचायत अध्यक्ष अनुराग मिश्र ने बताया कि गजट से संबंधी बड़े अफसरों और राजस्व अफसरों को समस्त अभिलेख भी दिए जा चुके हैं, परंतु दो ग्राम सभाओं के नाम से ही भूमि को अभी भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज रखा गया है।
चेयरमैन अनुराग मिश्रा का कहना है कि लगातार शासन में हो रहे प्रयास के बावजूद माधौगंज को अभी तक राजस्व अभिलेखों से वंचित रखा गया है। अभिलेखों पर माधौगंज टाउन एरिया का सृजन वर्ष 1936 में हुआ था, जो इसके भवन पर भी अंकित है, तब से यह लगातार टाउन एरिया के रूप में जाना जा रहा है।
इस कसबे को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने को 79 वर्ष हो रहे हैं, पर शासन की ढिलाई से अब तक इसे राजस्व अभिलेखों के अस्तित्व में लाने को शासनादेश जारी नहीं हुआ है। पूर्व विधायक धर्मज्ञ मिश्रा का कहना है कि उनके द्वारा विधायक रहते हुए उससे पहले तथा उसके बाद भी इस टाउन एरिया की जमीनों को राजस्व अभिलेखों में अंकित करने हेतु पत्राचार हुए और विस में भी मांगे उठाई गईं, पर नाउम्मीदी ही हाथ लगी है।
जमींदारी खत्म होने के बाद माधौगंज कसबे के अंदर आने वाले सभी गाटों का सर्वेक्षण कराकर शासन को भेजे जाने की जानकारी टाउन एरिया के पदाधिकारियों ने दी, परंतु लगातार पत्राचार हो रहा है और शासन की ओर से इस कसबे के लिए प्रयास अभी बौने ही साबित हो रहे हैं।
हाल में नगर पंचायत माधौगंज ने पुन: प्रयास करते हुए चेयरमैन अनुराग मिश्रा व प्रभारी अधिशासी अधिकारी/एसडीएम डा. अशोक शुक्ला ने माधौगंज को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने तथा सीमा वृद्धि के अंकन के बाबत शासन व तहसील जिला स्तरीय अफसरों से पत्राचार किया है।
जहां तक सवाल माधौगंज नगर पंचायत के राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने का है, तो उसमें कही न कही राजस्व विभाग की ढिलाई रही है। नगर पंचायत माधौगंज में उपलब्ध अभिलेखों के मुताबिक नगर विकास विभाग व राजस्व विभाग ने टाउन एरिया के अंदर आने वाले भूमि के गाटों को चिह्नित कर एक गजट जारी किया था कि उक्त गाटों को टाउन एरिया माधौगंज की भूमि के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो।
इस बाबत नगर पंचायत अध्यक्ष अनुराग मिश्र ने बताया कि गजट से संबंधी बड़े अफसरों और राजस्व अफसरों को समस्त अभिलेख भी दिए जा चुके हैं, परंतु दो ग्राम सभाओं के नाम से ही भूमि को अभी भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज रखा गया है।