{"_id":"65357265b2b434825b0f2114","slug":"illegal-mining-done-by-taking-contract-to-lift-silt-report-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-5526-2023-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: सिल्ट उठाने का ठेका लेकर कर डाला अवैध खनन, रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: सिल्ट उठाने का ठेका लेकर कर डाला अवैध खनन, रिपोर्ट
विज्ञापन
हरदोई। सफाई के दौरान नहर से निकली सिल्ट (मिट्टी) उठाने का ठेका लेकर इसकी आड़ में अवैध खनन किए जाने का मामला सामने आया है। डीएम के आदेश पर एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने मौके पर जाकर जांच की। जांच के बाद खनन अधिकारी की तहरीर पर ठेकेदार के खिलाफ लोनार कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही तीन डंपर, दो ट्रैक्टर और एक जेसीबी के पंजीकरण नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रालियों समेत सभी छह वाहनों को सीज कर दिया गया है।
बावन नहर स्केप के किलोमीटर शून्य से छह के बीच नहर सफाई के दौरान निकली सिल्ट को उठाने के लिए ठेका दिया गया था। यह ठेका सवायजपुर निवासी अजीत कुमार सिंह की फर्म मेसर्स अंश कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। नौ लाख 39 हजार 675 रुपये में यह ठेका दिया गया। ठेके के नियम के मुताबिक, सिल्ट का ही उठान किया जाना था। इसके लिए डीएम कार्यालय से 22 मई को अनुमति पत्र जारी हुआ था और पांच नवंबर तक पूरा उठान होना था। इससे इतर उठान की आड़ में बड़े पैमाने पर नहर और नहर पटरी पर खनन कर दिया गया।
इसका खुलासा तब हुआ, जब शनिवार रात लोनार थानाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने रात में मिट्टी खनन कर रही एक जेसीबी, मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर ट्रालियां और एक जेसीबी पकड़ ली। वाहनों को सीज कर मोटर अधिनियम में चालान कर दिया गया और इसकी जानकारी खनन अधिकारी अजीत सिंह को दी गई। पूरा मामला डीएम एमपी सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसडीएम सदर स्वाती शुक्ला, खनन अधिकारी अजीत सिंह, नायब तहसीलदार बावन, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता की टीम मौके पर भेजी।
विज्ञापन
टीम को पता चला कि बड़े पैमाने पर अवैध खनन कराया गया है। खनन अधिकारी अजीत सिंह की तहरीर पर ठेकेदार अजीत कुमार सिंह के खिलाफ खाद्य एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा-4 और धारा-21 के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा-2 और 3 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इनसेट
अवैध खनन की हो रही जांच, रिकवरी होगी
एसडीएम सदर स्वाति शुक्ला ने बताया कि अवैध खनन कितना हुआ है, इसकी जांच कराई जा रही है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। अवैध खनन के घनमीटर का पता चलने पर इसकी कीमत की रिकवरी की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि सिर्फ सिल्ट को उठाने का ठेका दिया गया था, लेकिन इसकी आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया और नहर पटरियां तक क्षतिग्रस्त कर दी गईं।
कोट-- -
अवैध खनन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिस काम का ठेका हुआ था, वही काम करना चाहिए था। आवश्यकता पड़ी तो गैंगस्टर की कार्रवाई भी होगी। संबंधित फर्म की लाइसेंस आईडी ब्लॉक कर दी गई है। जिले भर में जो लोग भी गलत काम कर रहे हैं, वह सुधार कर लें। शासन की मंशा के विपरीत कोई कार्य बर्दाश्त नहीं होगा।
- एमपी सिंह, डीएम।
विज्ञापन
बावन नहर स्केप के किलोमीटर शून्य से छह के बीच नहर सफाई के दौरान निकली सिल्ट को उठाने के लिए ठेका दिया गया था। यह ठेका सवायजपुर निवासी अजीत कुमार सिंह की फर्म मेसर्स अंश कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। नौ लाख 39 हजार 675 रुपये में यह ठेका दिया गया। ठेके के नियम के मुताबिक, सिल्ट का ही उठान किया जाना था। इसके लिए डीएम कार्यालय से 22 मई को अनुमति पत्र जारी हुआ था और पांच नवंबर तक पूरा उठान होना था। इससे इतर उठान की आड़ में बड़े पैमाने पर नहर और नहर पटरी पर खनन कर दिया गया।
विज्ञापन
इसका खुलासा तब हुआ, जब शनिवार रात लोनार थानाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता ने रात में मिट्टी खनन कर रही एक जेसीबी, मिट्टी भरी दो ट्रैक्टर ट्रालियां और एक जेसीबी पकड़ ली। वाहनों को सीज कर मोटर अधिनियम में चालान कर दिया गया और इसकी जानकारी खनन अधिकारी अजीत सिंह को दी गई। पूरा मामला डीएम एमपी सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसडीएम सदर स्वाती शुक्ला, खनन अधिकारी अजीत सिंह, नायब तहसीलदार बावन, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता की टीम मौके पर भेजी।
विज्ञापन
टीम को पता चला कि बड़े पैमाने पर अवैध खनन कराया गया है। खनन अधिकारी अजीत सिंह की तहरीर पर ठेकेदार अजीत कुमार सिंह के खिलाफ खाद्य एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा-4 और धारा-21 के साथ ही सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा-2 और 3 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इनसेट
अवैध खनन की हो रही जांच, रिकवरी होगी
एसडीएम सदर स्वाति शुक्ला ने बताया कि अवैध खनन कितना हुआ है, इसकी जांच कराई जा रही है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम लगाई गई है। अवैध खनन के घनमीटर का पता चलने पर इसकी कीमत की रिकवरी की जाएगी। एसडीएम ने बताया कि सिर्फ सिल्ट को उठाने का ठेका दिया गया था, लेकिन इसकी आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया गया और नहर पटरियां तक क्षतिग्रस्त कर दी गईं।
कोट
अवैध खनन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिस काम का ठेका हुआ था, वही काम करना चाहिए था। आवश्यकता पड़ी तो गैंगस्टर की कार्रवाई भी होगी। संबंधित फर्म की लाइसेंस आईडी ब्लॉक कर दी गई है। जिले भर में जो लोग भी गलत काम कर रहे हैं, वह सुधार कर लें। शासन की मंशा के विपरीत कोई कार्य बर्दाश्त नहीं होगा।
- एमपी सिंह, डीएम।