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डीएम को बदहाल मिला जिला अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:01 AM IST
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निरीक्ष्रण करते डीएम
- फोटो : अमर उजाला
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हरदोई। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान डीएम को जिला अस्पताल बदहाल मिला। इमरजेंसी के बाहर पेयजल के पास गंदगी पसरी थी और कई बेडों पर चादरें नहीं बिछीं थी। मरीजों ने भोजन, दूध न मिलने और इंजेक्शन के लिए वीगो बाहर से मंगाने की शिकायत की। किसी भी वार्ड में ड्यूटी रजिस्टर भी नहीं था। दो नर्स भी गैरहाजिर थीं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और सीएमएस को अस्पताल में सुधार व लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
इमरजेंसी सेवा का जायजा लेने जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय रविवार सुबह करीब 8:55 पर जिला चिकित्सालय पहुंच गए। इमरजेंसी कक्ष में डा. राधेश्याम स्वामी और फार्मेसिस्ट सतीश कुमार मौजूद थे। कक्ष के बाहर पानी की टंकी के पास गंदगी पसरी थी। इमरजेंसी वार्ड के बाद उन्होंने आर्थोपेडिक्स वार्ड का निरीक्षण किया। कुछ मरीजों के बेड पर चादर नहीं थीं।
डीएम ने स्टाफ नर्स को इन बेड पर तुरंत चादर बिछवाने और हर बेड पर रोज चादर बदलने के निर्देश दिए। डीएम ने अलमारियों में रखी बेडशीट भी चेक की। इमरजेंसी वार्ड के मरीजों ने वीगो बाहर से मंगाने की शिकायत की। डीएम ने कहा कि मरीजों को वीगो, दवाएं और इंजेक्शन अस्पताल से ही उपलब्ध कराए जाएं। जिन मरीजों से बाहर से वीगो मंगाई गई है, उनका पैसा सीएमएस वापस करें। इंचार्ज स्टाफ नर्स उर्मिला देवी, वार्ड चार में स्टाफ नर्स कांती अनुपस्थित थीं। किसी भी वार्ड में ड्यूटी रजिस्टर नहीं मिला। डीएम ने लापरवाही बरतने वालों पर सीएमएस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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मरीजों ने कहा, नहीं मिलता खाना
इमरजेंसी और अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों ने दूध और भोजन न मिलने की शिकायत की। इस डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ठेकेदार को बुलाकर भोजन एवं दूध वितरण की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव और सीएमएस से कहा कि अगर ठेकेदार मरीजों को समय पर व ठीक से भोजन न दे तो ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई करें और नया टेंडर कराएं। सीएमएस ने कहा कि इमरजेंसी के मरीजों को वार्डों में शिफ्ट करने के बाद भोजन दिया जाता है। इस पर डीएम ने इमरजेंसी के मरीजों को भी भोजन देने का निर्देश दिया। डीएम भंडार कक्ष पहुंचे तो वहां मात्र 70 लोगों का ही भोजन बना था। डीएम ने सीएमएस को टाइट किया और सभी मरीजों को भोजन देने को कहा। उन्होंने अस्पताल में बेडों, मरीजों की संख्या और कितने मरीजों का भोजन बनाया जा रहा है इसका ब्यौरा भी शाम तक तलब किया।
छुट्टी के दिन भी कराएं एक्स-रे
इमरजेंसी डाक्टर ने बताया कि छुट्टी के दिन मरीजों के एक्स-रे नहीं किए जाते हैं। जवाब तलब करने पर सीएमएस ने बताया कि अवकाश में इमरजेंसी के केस होने पर चिकित्सक को बुलवाकर एक्स-रे कराया जाता है। इस पर डीएम ने कहा कि अवकाश के दिनों में भी एक्स-रे की व्यवस्था करें ओर इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का उसी दिन एक्स-रे कराएं।
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इमरजेंसी सेवा का जायजा लेने जिलाधिकारी विवेक वार्ष्णेय रविवार सुबह करीब 8:55 पर जिला चिकित्सालय पहुंच गए। इमरजेंसी कक्ष में डा. राधेश्याम स्वामी और फार्मेसिस्ट सतीश कुमार मौजूद थे। कक्ष के बाहर पानी की टंकी के पास गंदगी पसरी थी। इमरजेंसी वार्ड के बाद उन्होंने आर्थोपेडिक्स वार्ड का निरीक्षण किया। कुछ मरीजों के बेड पर चादर नहीं थीं।
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डीएम ने स्टाफ नर्स को इन बेड पर तुरंत चादर बिछवाने और हर बेड पर रोज चादर बदलने के निर्देश दिए। डीएम ने अलमारियों में रखी बेडशीट भी चेक की। इमरजेंसी वार्ड के मरीजों ने वीगो बाहर से मंगाने की शिकायत की। डीएम ने कहा कि मरीजों को वीगो, दवाएं और इंजेक्शन अस्पताल से ही उपलब्ध कराए जाएं। जिन मरीजों से बाहर से वीगो मंगाई गई है, उनका पैसा सीएमएस वापस करें। इंचार्ज स्टाफ नर्स उर्मिला देवी, वार्ड चार में स्टाफ नर्स कांती अनुपस्थित थीं। किसी भी वार्ड में ड्यूटी रजिस्टर नहीं मिला। डीएम ने लापरवाही बरतने वालों पर सीएमएस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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मरीजों ने कहा, नहीं मिलता खाना
इमरजेंसी और अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों ने दूध और भोजन न मिलने की शिकायत की। इस डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ठेकेदार को बुलाकर भोजन एवं दूध वितरण की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। डीएम ने सीएमओ डा. एके श्रीवास्तव और सीएमएस से कहा कि अगर ठेकेदार मरीजों को समय पर व ठीक से भोजन न दे तो ब्लैकलिस्ट की कार्रवाई करें और नया टेंडर कराएं। सीएमएस ने कहा कि इमरजेंसी के मरीजों को वार्डों में शिफ्ट करने के बाद भोजन दिया जाता है। इस पर डीएम ने इमरजेंसी के मरीजों को भी भोजन देने का निर्देश दिया। डीएम भंडार कक्ष पहुंचे तो वहां मात्र 70 लोगों का ही भोजन बना था। डीएम ने सीएमएस को टाइट किया और सभी मरीजों को भोजन देने को कहा। उन्होंने अस्पताल में बेडों, मरीजों की संख्या और कितने मरीजों का भोजन बनाया जा रहा है इसका ब्यौरा भी शाम तक तलब किया।
छुट्टी के दिन भी कराएं एक्स-रे
इमरजेंसी डाक्टर ने बताया कि छुट्टी के दिन मरीजों के एक्स-रे नहीं किए जाते हैं। जवाब तलब करने पर सीएमएस ने बताया कि अवकाश में इमरजेंसी के केस होने पर चिकित्सक को बुलवाकर एक्स-रे कराया जाता है। इस पर डीएम ने कहा कि अवकाश के दिनों में भी एक्स-रे की व्यवस्था करें ओर इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का उसी दिन एक्स-रे कराएं।