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नई रेल लाइन से मिलेगी विकास के सपनों को रफ्तार
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हरदोई। हरदोई से सांडी, बिलग्राम होते हुए कन्नौज के गुरुसहायगंज तक 59 किलोमीटर नई रेलवे लाइन का काम जल्द शुरू होगा। केंद्रीय बजट में इसके लिए 1302 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। अब जल्द ही योजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है।
हरपालपुर, सांडी ब्लाक अंतर्गत नाव, डोंगा और तैर कर नदी पार करने वाले लोगों को जल्द ही आवागमन के लिए ट्रेन की भी सुविधा मिलेगी। पचनद कटरी क्षेत्र विकास के मामले में सबसे ज्यादा पिछड़ा रहा है।
अब इस क्षेत्र में विकास को रफ्तार मिलेगी। यूं तो वर्ष 2016 के बजट में जिले में इस नई रेल लाइन के सर्वे की मंजूरी हो गई थी। इसके बाद से ही रेलवे लाइन के लिए धनराशि की मंजूरी का इंतजार हो रहा था।
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नई रेल लाइन कटरी क्षेत्र के लिए अहम
पांच नदियों वाले कटरी क्षेत्र के लिए रेल लाइन का खासा महत्व है। नदियों पर पुलों की कमी के चलते इस क्षेत्र में हाईवे, सड़क आदि नहीं बन सकी थीं। इस कारण क्षेत्र विकास में काफी पीछे रहा।
बीते कुछ वर्षों में बेडीजोर तथा कुसुमखोर पुल बनने के बाद सड़क मार्ग की व्यवस्थाओं ने क्षेत्र में विकास की उम्मीद को पंख लगा दिए थे। अब बहु प्रतीक्षित अर्जुनपुर पुल भी बन रहा है। रेल लाइन से विकास के नये रास्ते खुलेंगे।
रेल मार्ग के प्रमुख फायदे
नई रेल लाइन बनने पर कन्नौज और हरदोई के रेलवे स्टेशनों के पास रेलवे जंक्शन बनने का रास्ता खुलेगा। आसपास के जनपदों के लोगों के लिए भी सफर आसान होगा। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी।
इस रूट के पास नदियों से घिरे कई गांवों एवं आसपास की लाखों की आबादी सीधे रेल रूट से जुड़ जाएगी। आगरा एक्सप्रेसवे, बिल्लौर कटरा हाईवे, निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलने के कारण यह रेल रूट इलाके में यातायात के लिए सुखद बदलाव वाला होगा।
तेज गति से होना चाहिए कार्य
पचनद विकास संघर्ष समिति के संस्थापक अवनिकांत बाजपेयी ने कहा कि यह रेलमार्ग जिले के सबसे पिछड़े इलाके कटरी के लिए विकास के तमाम रास्ते शुरू करेगा। बजट में इसके लिए व्यवस्था होना बेहद सुखद है।
अब इस पर तेज गति से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व में सांडी तक रेल चलती थी, मगर बाद में बंद हो गई। इसे लेकर पिछले दो दशकों से मांग की जा रही थी। बजट आने के बाद अब विश्वास हो चला है कि वह दिन दूर नहीं जब यहां रेल चलने लगेगी।
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हरपालपुर, सांडी ब्लाक अंतर्गत नाव, डोंगा और तैर कर नदी पार करने वाले लोगों को जल्द ही आवागमन के लिए ट्रेन की भी सुविधा मिलेगी। पचनद कटरी क्षेत्र विकास के मामले में सबसे ज्यादा पिछड़ा रहा है।
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अब इस क्षेत्र में विकास को रफ्तार मिलेगी। यूं तो वर्ष 2016 के बजट में जिले में इस नई रेल लाइन के सर्वे की मंजूरी हो गई थी। इसके बाद से ही रेलवे लाइन के लिए धनराशि की मंजूरी का इंतजार हो रहा था।
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नई रेल लाइन कटरी क्षेत्र के लिए अहम
पांच नदियों वाले कटरी क्षेत्र के लिए रेल लाइन का खासा महत्व है। नदियों पर पुलों की कमी के चलते इस क्षेत्र में हाईवे, सड़क आदि नहीं बन सकी थीं। इस कारण क्षेत्र विकास में काफी पीछे रहा।
बीते कुछ वर्षों में बेडीजोर तथा कुसुमखोर पुल बनने के बाद सड़क मार्ग की व्यवस्थाओं ने क्षेत्र में विकास की उम्मीद को पंख लगा दिए थे। अब बहु प्रतीक्षित अर्जुनपुर पुल भी बन रहा है। रेल लाइन से विकास के नये रास्ते खुलेंगे।
रेल मार्ग के प्रमुख फायदे
नई रेल लाइन बनने पर कन्नौज और हरदोई के रेलवे स्टेशनों के पास रेलवे जंक्शन बनने का रास्ता खुलेगा। आसपास के जनपदों के लोगों के लिए भी सफर आसान होगा। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी।
इस रूट के पास नदियों से घिरे कई गांवों एवं आसपास की लाखों की आबादी सीधे रेल रूट से जुड़ जाएगी। आगरा एक्सप्रेसवे, बिल्लौर कटरा हाईवे, निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलने के कारण यह रेल रूट इलाके में यातायात के लिए सुखद बदलाव वाला होगा।
तेज गति से होना चाहिए कार्य
पचनद विकास संघर्ष समिति के संस्थापक अवनिकांत बाजपेयी ने कहा कि यह रेलमार्ग जिले के सबसे पिछड़े इलाके कटरी के लिए विकास के तमाम रास्ते शुरू करेगा। बजट में इसके लिए व्यवस्था होना बेहद सुखद है।
अब इस पर तेज गति से कार्य किए जाने की आवश्यकता है। सांडी रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. पंकज त्रिवेदी ने कहा कि पूर्व में सांडी तक रेल चलती थी, मगर बाद में बंद हो गई। इसे लेकर पिछले दो दशकों से मांग की जा रही थी। बजट आने के बाद अब विश्वास हो चला है कि वह दिन दूर नहीं जब यहां रेल चलने लगेगी।