{"_id":"5b5cb63e4f1c1bbd298b6889","slug":"girl-sink-and-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"शौचालय के लिए खोदे गड्ढे में डूबी बालिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शौचालय के लिए खोदे गड्ढे में डूबी बालिका
hardoi
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:00 AM IST
विज्ञापन
शौचालय निर्माण के लिए खोदा गया गड्ढा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कछौना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गैसिंहपुर में शौचालय निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर बालिका की मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
विज्ञापन
कछौना विकास खंड की ग्राम पंचायत उत्तरधैंया गैसिंहपुर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। गैसिंहपुर में संदीप पाल के घर में भी शौचालय के लिए 20 दिन पहले ग्राम प्रधान ने गड्ढा खुदवाया था। तब से यहां कोई कार्य शुरू नहीं हुआ था। जगह न होने के कारण संदीप ने आंगन में ही शौचालय निर्माण कराने का निर्णय लिया था। शनिवार सुबह उसकी तीन वर्षीय पुत्री सृष्टि छत पर जाने के लिए रखी सीढ़ी पर बैठी थी। संदीप पास ही स्थित कच्चे मकान से घरेलू सामान कमरे में रखने के लिए लेने गया था, जबकि पत्नी गीता चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान सृष्टि सीढ़ी से गिरकर शौचालय निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में जा गिरी और डूब गई। कुछ देर तक जब सृष्टि नजर नहीं आई तो मां गीता ने उसे खोजना शुरू किया। जब वह गड्ढे के पास पहुंची तो सृष्टि का कपड़ा दिखा। पता चला कि सृष्टि गड्ढे में डूब गई है। जब तक उसे बाहर निकाला गया, उसकी सांसें थम गईं थीं। मृतका दो बहनों में छोटी थी।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत में बनने हैं 700 शौचालय
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत उत्तरधैंया गैसिंहपुर में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 700 घरों में शौचालयों का निर्माण होना है। इनमें से 200 शौचालय ग्राम गैसिंहपुर में ही बनने हैं। बताया जाता है कि ग्राम प्रधान ने उन सभी घरों में गड्ढे खुदवा दिए हैं, जिनके घर में शौचालयों का निर्माण होना है। अपने पास से ईंट, सीमेंट व अन्य निर्माण सामग्री देने की बात ग्राम प्रधान ने कही थी, लेकिन यह सब न मिलने के कारण लाभार्थियों ने शौचालय का निर्माण शुरू नहीं कराया। ग्राम प्रधान की लापरवाही के चलते ही उक्त घटना होने की चर्चा है।
विज्ञापन
इनकी भी सुनिए
- ग्राम प्रधान अनिल सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बच्ची की मौत शौचालय निर्माण कराने के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर नहीं हुई है। मौत कैसे हुई, इस सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली।
- ग्राम पंचायत अधिकारी मोहम्मद सलीम ने बताया कि संदीप के घर में शौचालय निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर बच्ची की मौत होने की जानकारी मिली है। उन्होंने ग्राम प्रधान से कहा है कि अब किसी भी घर में तब तक गड्ढे न खोदे जाएं जब तक शौचालय निर्माण की पूरी सामग्री उन्हें उपलब्ध नहीं हो जाती।
तो प्रधान कर रहे ठेकेदारी
जनपद को दो अक्टूबर तक खुले में शौच से मुक्त बनाने की मुहिम चल रही है। इसी मुहिम को अमली जामा पहनाने के लिए हर संभव प्रयास प्रशासन और पंचायत राज विभाग कर रहा है। पंचायत राज विभाग की इस मुहिम को पूरा करने की आड़ में प्रधान ठेकेदारी करने लगे हैं। नियम तो यह है कि पंचायत राज विभाग शौचालय निर्माण के लिए बजट ग्राम पंचायत के खाते में भेजेगा। ग्राम प्रधान को यह धन लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित करना चाहिए, लेकिन ऐसा किया नहीं जाता।