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Hardoi News: गंगा नदी के पानी ने राजघाट पर लाल निशान किया पार, मेला तक पहुंचा
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फोटो 29: करनपुर के पास गंभीरी नदी में आया बाढ़ का पानी। संवाद
हरदोई/बिलग्राम/हरपालपुर। गंगा नदी के पानी ने पांचाल और राजघाट पर लाल निशान को पार कर लिया है। गंगा नदी का पानी राजघाट में मेला स्थल तक पहुंचने लगा है। वहीं रामगंगा नदी के पानी में भी बढ़ोतरी हुई है। पानी से टापू डूबने लगे हैं। रामगंगा नदी में पानी बढ़ने से इसकी सहायक नदियों और बरसाती नालों में भी पानी तेजी से बढ़ा है। इससे कटियारी और कटरी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बलवती हो गई है।
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी और पहाड़ों पर होने वाली बरसात से जिले में प्रवाहित गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी में अब उतार-चढ़ाव नहीं, पानी बढ़ना जारी है। मंगलवार को गंगा नदी में राजघाट पर 24 सेंटीमीटर पानी बढ़ा और पानी चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर गेज से करीब 21 सेंटीमीटर पहुंचकर 124.68 मीटर गेज पर आ गया। इससे राजघाट पर लगने वाले मेला स्थल पर भी पानी पहुंच गया है। वहीं गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर गेज से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर 137 मीटर गेज पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर करीब पांच सेंटीमीटर बढ़ा है। पानी 134.49 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं गर्रा नदी का पानी 143.75 मीटर गेज पर बना हुआ है।
गंगा नदी और रामगंगा नदी का पानी बढ़ने के साथ ही कटियारी क्षेत्र में सहायक नदियों और बरसाती नालों में फैलने लगता है। इससे बाढ़ के हालात बन जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचता है। वहीं कटरी क्षेत्र में राजघाट के पश्चिम तट की तरफ टापू और ऊंचे स्थान पानी से डूब गए हैं। मेला में पानी पहुंचने से दुकानदारों ने सामान समेटना शुरू कर दिया है। मक्कू पुरवा, सोनारी पुरवा, जेरला, बाण, करेहका, महादेवा, कटरी बिलुही आदि गांवों के किसान चिंतित हैं।
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बाढ़ से बचाव के लिए सभी इंतजाम जुटा लिए गए हैं। नदियों में पानी बढ़ने और पानी के फैलाव को देखते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। लेखपालों की ड्यूटी लगी है। सभी को आकस्मिक स्थिति से निपटने और बाढ़ राहत बचाव कार्यों के लिए सजगता बरतने के लिए कहा गया है। -यशवंत सिंह, तहसीलदार बिलग्राम
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी और पहाड़ों पर होने वाली बरसात से जिले में प्रवाहित गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी में अब उतार-चढ़ाव नहीं, पानी बढ़ना जारी है। मंगलवार को गंगा नदी में राजघाट पर 24 सेंटीमीटर पानी बढ़ा और पानी चेतावनी बिंदु 124.47 मीटर गेज से करीब 21 सेंटीमीटर पहुंचकर 124.68 मीटर गेज पर आ गया। इससे राजघाट पर लगने वाले मेला स्थल पर भी पानी पहुंच गया है। वहीं गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा नदी का पानी फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर गेज से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर 137 मीटर गेज पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी शाहजहांपुर के डबरी घाट पर करीब पांच सेंटीमीटर बढ़ा है। पानी 134.49 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं गर्रा नदी का पानी 143.75 मीटर गेज पर बना हुआ है।
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गंगा नदी और रामगंगा नदी का पानी बढ़ने के साथ ही कटियारी क्षेत्र में सहायक नदियों और बरसाती नालों में फैलने लगता है। इससे बाढ़ के हालात बन जाते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचता है। वहीं कटरी क्षेत्र में राजघाट के पश्चिम तट की तरफ टापू और ऊंचे स्थान पानी से डूब गए हैं। मेला में पानी पहुंचने से दुकानदारों ने सामान समेटना शुरू कर दिया है। मक्कू पुरवा, सोनारी पुरवा, जेरला, बाण, करेहका, महादेवा, कटरी बिलुही आदि गांवों के किसान चिंतित हैं।
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बाढ़ से बचाव के लिए सभी इंतजाम जुटा लिए गए हैं। नदियों में पानी बढ़ने और पानी के फैलाव को देखते हुए बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। लेखपालों की ड्यूटी लगी है। सभी को आकस्मिक स्थिति से निपटने और बाढ़ राहत बचाव कार्यों के लिए सजगता बरतने के लिए कहा गया है। -यशवंत सिंह, तहसीलदार बिलग्राम

फोटो 29: करनपुर के पास गंभीरी नदी में आया बाढ़ का पानी। संवाद