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Hardoi News: मकान के भरान में सरकारी जिप्सम के इस्तेमाल पर प्राथमिकी
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इंपैक्ट
फोटो-38-15 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर।
- प्राविधिक सहायक और डंपर चालक पर दर्ज हुआ मामला
-ऊसर भूमि सुधार योजना में 425 मीट्रिक टन जिप्सम आई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
भरावन। ऊसर भूमि सुधार योजना में आई जिप्सम का इस्तेमाल भरान में किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी की शिकायत पर विभागीय प्राविधिक सहायक समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भूमि संरक्षण अधिकारी इंद्रसेन नाथ ने बताया कि एसएडीपी योजना के तहत 425 मीट्रिक टन जिप्सम कासिमाबाद प्रक्षेत्र में रखी गई थी। यहां से इस अन्य प्रक्षेत्रों में भेजा जाना था। दावा है कि प्राविधिक सहायक देवेंद्र सिंह को जिप्सम को सभी संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
नौ, 10 और 11 जुलाई को जिप्सम की शिफ्टिंग हुई थी। दावा है कि 13 जुलाई को पता चला कि 31 मीट्रिक टन जिप्सम दो अलग-अलग स्थानों पर अनाधिकृत रूप से डंप की गई है। उन्होंने मौके का जायजा लिया। इस दौरान जगसरा गो आश्रय स्थल के पास कासिमाबाद रोड पर लक्ष्मन के घर के पास और बिरईखेड़ा के कृष्णपाल के अर्द्धनिर्मित मकान के सामने जिप्सम डंप मिली।
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जांच में पता चला कि सहगवां निवासी वसीक डंपर से जिप्सम लेकर निकला था और उसने स्थानीय लोगों की मिलीभगत से जिप्सम जानबूझकर गलत जगह डाल दी गईं। प्राविधिक सहायक को भी जिम्मेदार माना गया है। अतरौली के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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फोटो-38-15 जुलाई के अंक में प्रकाशित खबर।
- प्राविधिक सहायक और डंपर चालक पर दर्ज हुआ मामला
-ऊसर भूमि सुधार योजना में 425 मीट्रिक टन जिप्सम आई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
भरावन। ऊसर भूमि सुधार योजना में आई जिप्सम का इस्तेमाल भरान में किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। भूमि संरक्षण अधिकारी की शिकायत पर विभागीय प्राविधिक सहायक समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
भूमि संरक्षण अधिकारी इंद्रसेन नाथ ने बताया कि एसएडीपी योजना के तहत 425 मीट्रिक टन जिप्सम कासिमाबाद प्रक्षेत्र में रखी गई थी। यहां से इस अन्य प्रक्षेत्रों में भेजा जाना था। दावा है कि प्राविधिक सहायक देवेंद्र सिंह को जिप्सम को सभी संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
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नौ, 10 और 11 जुलाई को जिप्सम की शिफ्टिंग हुई थी। दावा है कि 13 जुलाई को पता चला कि 31 मीट्रिक टन जिप्सम दो अलग-अलग स्थानों पर अनाधिकृत रूप से डंप की गई है। उन्होंने मौके का जायजा लिया। इस दौरान जगसरा गो आश्रय स्थल के पास कासिमाबाद रोड पर लक्ष्मन के घर के पास और बिरईखेड़ा के कृष्णपाल के अर्द्धनिर्मित मकान के सामने जिप्सम डंप मिली।
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जांच में पता चला कि सहगवां निवासी वसीक डंपर से जिप्सम लेकर निकला था और उसने स्थानीय लोगों की मिलीभगत से जिप्सम जानबूझकर गलत जगह डाल दी गईं। प्राविधिक सहायक को भी जिम्मेदार माना गया है। अतरौली के प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है।