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गोमती के वजूद पर जताई चिंता
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 14 Apr 2015 12:27 AM IST
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धोबिया आश्रम में पहुंची लोक भारती की गोमती अलख
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यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर आश्रम के प्राकृतिक जल स्रोत
का पानी उठाकर दर्जनों लोगों ने गोमती को स्वच्छ बनाए रखने और प्रदूषण
मुक्त रखने का संकल्प लिया।
गोष्ठी के दौरान गोमती के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा कर इसके वजूद की खातिर गांव-गांव आदर्श तालाब बनाकर जल संचयन और गोमती मित्र मंडलों का गठन कर कार्य करने का आह्वान किया गया। आश्रम पर पहुंचते हुए गोमती अलख यात्रा का लोगों की ओर से अवधेेश रस्तोगी, जय सिंह, गोपाल गुप्ता, बृजेश गुप्ता, नीरज वैश्य, गौरव गुप्ता, ओमप्रकाश, घसीटे सिंह, रघुनाथ सिंह, विश्वनाथ सिंह व नारायण स्वामी आदि ने भव्य स्वागत किया।
यहां पर हुई गोष्ठी में बृजेंद्र सिंह, सुभाष ओझा व श्रीकृष्ण चौधरी आदि ने यात्रा के उद्देश्यों पर चर्चा की। बताया कि यात्रा दस अप्रैल से लखनऊ से शुरू हुई। अपने सफर में कई जनपदों से होते हुए 16 अप्रैल को जौनपुर पहुंचेगी। गोष्ठी में तालाब चुनकर इसमें जल संचयन करने की बात रखी गई।
साथ ही गोमती मेें बढ़ते प्रदूषण को रोकने को तटीय गांवों में गोमती मित्र मंडल बनाकर कार्य करने का आह्वान किया गया। साथ ही कुछ स्थानों पर गोमती सूखने के बाद इस के बहाव स्थान पर खेती होने से वजूद को लेकर खतरे पर भी चिंतन किया गया।
अंत में आश्रम में स्थित प्राकृतिक जलस्रोत पर जमा होकर अलख यात्रा से जुड़े लोगों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर गोमती को स्वच्छ बनाए रखने तथा गोमती को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया। इस दौरान श्रीकृष्ण चौधरी, गोपाल उपाध्याय, रामलखन, रजनीकांत, कैप्टन सुभाष ओझा, प्रभाकर सक्सेना, प्रेम शंकर अवस्थी आदि मौजूद थे।
गोष्ठी के दौरान गोमती के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा कर इसके वजूद की खातिर गांव-गांव आदर्श तालाब बनाकर जल संचयन और गोमती मित्र मंडलों का गठन कर कार्य करने का आह्वान किया गया। आश्रम पर पहुंचते हुए गोमती अलख यात्रा का लोगों की ओर से अवधेेश रस्तोगी, जय सिंह, गोपाल गुप्ता, बृजेश गुप्ता, नीरज वैश्य, गौरव गुप्ता, ओमप्रकाश, घसीटे सिंह, रघुनाथ सिंह, विश्वनाथ सिंह व नारायण स्वामी आदि ने भव्य स्वागत किया।
यहां पर हुई गोष्ठी में बृजेंद्र सिंह, सुभाष ओझा व श्रीकृष्ण चौधरी आदि ने यात्रा के उद्देश्यों पर चर्चा की। बताया कि यात्रा दस अप्रैल से लखनऊ से शुरू हुई। अपने सफर में कई जनपदों से होते हुए 16 अप्रैल को जौनपुर पहुंचेगी। गोष्ठी में तालाब चुनकर इसमें जल संचयन करने की बात रखी गई।
साथ ही गोमती मेें बढ़ते प्रदूषण को रोकने को तटीय गांवों में गोमती मित्र मंडल बनाकर कार्य करने का आह्वान किया गया। साथ ही कुछ स्थानों पर गोमती सूखने के बाद इस के बहाव स्थान पर खेती होने से वजूद को लेकर खतरे पर भी चिंतन किया गया।
अंत में आश्रम में स्थित प्राकृतिक जलस्रोत पर जमा होकर अलख यात्रा से जुड़े लोगों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर गोमती को स्वच्छ बनाए रखने तथा गोमती को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया। इस दौरान श्रीकृष्ण चौधरी, गोपाल उपाध्याय, रामलखन, रजनीकांत, कैप्टन सुभाष ओझा, प्रभाकर सक्सेना, प्रेम शंकर अवस्थी आदि मौजूद थे।