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Hardoi News: भीषण गर्मी में 12 घंटे में सिर्फ तीन घंटे आई बिजली, रतजगा करना मजबूरी
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हरियावां। प्रदेश में गहराए बिजली संकट का असर सबसे अधिक विद्युत उपकेंद्र हरियावां पर पड़ा है। भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्र के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। मंगलवार रात तो बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त रही जहां 12 घंटे के भीतर उपभोक्ताओं को मात्र तीन घंटे ही बिजली नसीब हुई। नौ घंटे तक रोस्टिंग का हवाला देकर बिजली गायब रखी गई जिससे 15 हजार से अधिक आबादी को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। उपभोक्ताओं में पावर कॉरपोरेशन के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश बढ़ रहा है।
उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच रात भर बिजली न रहने से छोटे बच्चे और बुजुर्ग बेहाल रहे। कस्बे के निवासी अमोद मिश्रा ने बताया कि गर्मी में भी इतनी कटौती नहीं देखने को मिली थी जितनी इस समय हो रही है। वहीं अमित मिश्रा ने दर्द बयां करते हुए कहा कि घर के अंदर गर्मी से दम घुटता है और छत पर जाएं तो जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा रहता है। मजबूरी में पूरी रात जागकर काटनी पड़ रही है। ग्रामीण श्रीकांत का कहना है कि 24 घंटे में कुल मिलाकर केवल छह से आठ घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है।
12 घंटे में चार बार कटी बिजली
शाम 5:00 से 7:00 बजे तक दो घंटे की पहली रोस्टिंग।
शाम 7:00 से 8:00 बजे तक एक घंटे आपूर्ति मिली।
रात 8:00 से 11:00 बजे तक तीन घंटे की फिर रोस्टिंग।
रात 11:00 से 12:00 बजे तक एक घंटे बिजली आई।
रात 12:00 से 2:00 बजे तक और फिर आगे दो-दो घंटे के अंतराल पर रोस्टिंग हुई।
12 घंटे में लोगों को महज तीन घंटे ही बिजली मिल सकी।
ऊपर (ग्रिड) से जितनी बिजली की आपूर्ति मिल पा रही है उसी के हिसाब से स्थानीय सप्लाई दी जा रही है। कटौती हमारे स्तर से नहीं बल्कि उच्च स्तर से हो रही है। -अजय शर्मा, अवर अभियंता, हरियावां
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उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच रात भर बिजली न रहने से छोटे बच्चे और बुजुर्ग बेहाल रहे। कस्बे के निवासी अमोद मिश्रा ने बताया कि गर्मी में भी इतनी कटौती नहीं देखने को मिली थी जितनी इस समय हो रही है। वहीं अमित मिश्रा ने दर्द बयां करते हुए कहा कि घर के अंदर गर्मी से दम घुटता है और छत पर जाएं तो जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा रहता है। मजबूरी में पूरी रात जागकर काटनी पड़ रही है। ग्रामीण श्रीकांत का कहना है कि 24 घंटे में कुल मिलाकर केवल छह से आठ घंटे ही बिजली सप्लाई मिल पा रही है।
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12 घंटे में चार बार कटी बिजली
शाम 5:00 से 7:00 बजे तक दो घंटे की पहली रोस्टिंग।
शाम 7:00 से 8:00 बजे तक एक घंटे आपूर्ति मिली।
रात 8:00 से 11:00 बजे तक तीन घंटे की फिर रोस्टिंग।
रात 11:00 से 12:00 बजे तक एक घंटे बिजली आई।
रात 12:00 से 2:00 बजे तक और फिर आगे दो-दो घंटे के अंतराल पर रोस्टिंग हुई।
12 घंटे में लोगों को महज तीन घंटे ही बिजली मिल सकी।
ऊपर (ग्रिड) से जितनी बिजली की आपूर्ति मिल पा रही है उसी के हिसाब से स्थानीय सप्लाई दी जा रही है। कटौती हमारे स्तर से नहीं बल्कि उच्च स्तर से हो रही है। -अजय शर्मा, अवर अभियंता, हरियावां
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