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शौचालय के नाम पर हुए 4.16 करोड़ के गबन की जांच शुरू
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Wed, 07 Oct 2015 11:49 PM IST
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जिले में शौचालय के नाम पर हुए 4.16 करोड़ के गबन के मामले की जांच शुरू हो
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गई है। उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी से माहभर में जांच कराकर रिपोर्ट तलब
किया है। मामला वित्तीय वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 का है। डा. राम मनोहर
लोहिया समग्र ग्राम और निर्मल भारत अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2012-13 और
2013-14 में शौचालयों का निर्माण कराया गया था।
इस मामले में जिले के निवासी मोतीलाल यादव ने उच्च न्यायालय में पीआईएल दायर किया। पीआईएल में तत्कालीन डीपीआरओ हरिशंकर मिश्र (वर्तमान आजमगढ़ डीपीआरओ) को आरोपित किया है। इसमें उन पर मानक विहीन शौचालय का निर्माण करवाकर 41648400 रूपये का गबन करने का आरोप लगाया है। उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोनों वित्तीय
वर्षों के दौरान बनवाए गए शौचालयों की जांच कराने का आदेश दे दिया। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में प्रमुख सचिव पंचायत राज चंचल तिवारी को एक माह में जांच आदेश दिया है। उन्होंने निदेशक के माध्यम से जिलाधिकारी रमेश मिश्र को जांच कर
एक माह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने भी इस संबंध में डीपीआरओ भास्कर दत्त पांडेय को जांच कराने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ ने बताया कि दोनों वित्तीय वर्ष के दौरान शौचालय बनाए गए हैं अथवा नहीं, इसकी जांच होगी और जिम्मेदारों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।
इस मामले में जिले के निवासी मोतीलाल यादव ने उच्च न्यायालय में पीआईएल दायर किया। पीआईएल में तत्कालीन डीपीआरओ हरिशंकर मिश्र (वर्तमान आजमगढ़ डीपीआरओ) को आरोपित किया है। इसमें उन पर मानक विहीन शौचालय का निर्माण करवाकर 41648400 रूपये का गबन करने का आरोप लगाया है। उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए दोनों वित्तीय
वर्षों के दौरान बनवाए गए शौचालयों की जांच कराने का आदेश दे दिया। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में प्रमुख सचिव पंचायत राज चंचल तिवारी को एक माह में जांच आदेश दिया है। उन्होंने निदेशक के माध्यम से जिलाधिकारी रमेश मिश्र को जांच कर
एक माह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने भी इस संबंध में डीपीआरओ भास्कर दत्त पांडेय को जांच कराने के आदेश दिए हैं। डीपीआरओ ने बताया कि दोनों वित्तीय वर्ष के दौरान शौचालय बनाए गए हैं अथवा नहीं, इसकी जांच होगी और जिम्मेदारों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।