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दलित उत्पीड़न में दो भाइयों को उम्रकैद, आगजनी में दो को दस साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Sat, 17 Dec 2016 12:20 AM IST
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हरदोई। अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट कृष्ण कुमार सिंह ने शुक्रवार को 20 साल पुराने आगजनी के मामले की सुनवाई करते हुए चार को सजा सुनाई। अदालत ने दो भाइयों को दलित उत्पीड़न में उम्रकैद व आगजनी में दो भाइयों को दस-दस साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की और से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बजरंग बहादुर सिंह के अनुसार घटना की रिपोर्ट पाली थाना क्षेत्र के लखमपुर निवासी परसराम ने थाने पर दर्ज कराई थी। घटनाक्रम के अनुसार परसराम अपने भाइयों के साथ एक ही मकान में रहता था। उसके ही गांव के नरवीर व आशाराम से उसका पट्टे की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
इसी रंजिश में 12 मार्च 1996 की रात में नरवीर ,ढेवा पुत्र गण मुलायम और आशाराम ,छोटेलाल पुत्रगण सुमेर ने परसराम के घर में आग लगा दी थी। आगजनी में परसराम की एक गाय, एक बैल, बछड़ा जल कर मर गया था और काफी सामान भी नष्ट हो गया था। अदालत ने नरवीर और ढेवा को आगजनी में दस साल की कैद व आठ -आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने आशाराम और छोटेलाल को आगजनी व हरिजन एक्ट के अपराध में आजीवन कारावास व 18-18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अभियोजन पक्ष की और से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बजरंग बहादुर सिंह के अनुसार घटना की रिपोर्ट पाली थाना क्षेत्र के लखमपुर निवासी परसराम ने थाने पर दर्ज कराई थी। घटनाक्रम के अनुसार परसराम अपने भाइयों के साथ एक ही मकान में रहता था। उसके ही गांव के नरवीर व आशाराम से उसका पट्टे की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
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इसी रंजिश में 12 मार्च 1996 की रात में नरवीर ,ढेवा पुत्र गण मुलायम और आशाराम ,छोटेलाल पुत्रगण सुमेर ने परसराम के घर में आग लगा दी थी। आगजनी में परसराम की एक गाय, एक बैल, बछड़ा जल कर मर गया था और काफी सामान भी नष्ट हो गया था। अदालत ने नरवीर और ढेवा को आगजनी में दस साल की कैद व आठ -आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने आशाराम और छोटेलाल को आगजनी व हरिजन एक्ट के अपराध में आजीवन कारावास व 18-18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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