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रिमझिम बारिश अब ढाएंगी आलू पर कहर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:33 AM IST
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बारिश होने के साथ लगातार पड़ रहे कोहरे से आलू की फसल को नुकसान हो रहा
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है। बारिश से आलू सड़ने के साथ ही झुलसा रोग की चपेट में आने की संभावना
बढ़ गई है। बेमौसम की इस बारिश से गेहूं की फसल को तो फायदा हुआ, पर आलू की
फसल को नुकसान पहुंचा है।
जिले में इस साल करीब 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू व 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं का उत्पादन हो रहा है। फसलों की बुआई के वक्त किसानों को सिंचाई को काफी परेशान होना पड़ा था, पर जब आलू की फसल तैयार हुई तो बेमौसम बारिश किसानोें के सपनों पर पानी फे र रही है।
किसानों का कहना है कि यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो आलू खेत में ही सड़ जाएगा। यदि पाला गिरना बंद न हुआ तो आलू में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी। दोनों ही परिस्थितियों में आलू के उत्पादन पर इसका असर पडे़गा। पाली क्षेत्र के किसान रामऔतार का कहना है कि बीती रात हुई बारिश से पानी खेतों में भर गया है।
यदि इसी तरह बारिश होती रही तो उनका आलू खेत में ही सड़ जाएगा। कृषि वैज्ञानिक डा. अनिल कुमार ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए सोना बरसने जैसी बारिश हुई, तो आलू आदि को नुकसान हुआ है। कहा कि अबकी जिले में गेहूं का अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है। इस बारिश से गेहूं की फसल को लाभ मिला है।
बारिश के अलावा लगातार पड़ रहे कोहरे से आलू के उत्पादन पर विपरीत असर पडे़गा। जिन खेतों में पानी भर गया है वहां पर आलू को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। उधर, पिहानी क्षेत्र में दो दिन से जारी बारिश से इलाकाई किसानों के चेहरों पर चमक है।
कृषकों के अनुसार सिंचाई के समय पर फसलों पर आसमान से पानी के रूप में सोना बरसा है। वहीं सड़कों पर फिसलन से लोग परेशान हो रहे हैं। ज्ञात हो कि 31 दिसंबर 14 की रात से शुरू हुई बारिश यहां शनिवार सुबह तक जारी रही। शुक्रवार की रात तेज बारिश के साथ हवाएं चलने से ठंडक में इजाफा हो गया।
तीन दिन से सूर्य दर्शन न होने से गीली हुई सड़कें वाहन सवारों के लिए दिक्कत बनी रही। करावां तिराहा, अस्पताल और चुंगी के निकट सड़कों पर फिसलन ने दोपहिया वाहन सवारों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उधर, किसान मोहम्मद शकील, शहूद हसन, गजोधर लाल, भारत प्रसाद द्विवेदी, अनिल कुमार, आफाक, आदि ने बताया कि सिंचाई के समय हुई बारिश ने उन्हें काफी फायदा पहुंचाया है।
जिले में इस साल करीब 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू व 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं का उत्पादन हो रहा है। फसलों की बुआई के वक्त किसानों को सिंचाई को काफी परेशान होना पड़ा था, पर जब आलू की फसल तैयार हुई तो बेमौसम बारिश किसानोें के सपनों पर पानी फे र रही है।
किसानों का कहना है कि यदि ऐसे ही बारिश होती रही तो आलू खेत में ही सड़ जाएगा। यदि पाला गिरना बंद न हुआ तो आलू में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी। दोनों ही परिस्थितियों में आलू के उत्पादन पर इसका असर पडे़गा। पाली क्षेत्र के किसान रामऔतार का कहना है कि बीती रात हुई बारिश से पानी खेतों में भर गया है।
यदि इसी तरह बारिश होती रही तो उनका आलू खेत में ही सड़ जाएगा। कृषि वैज्ञानिक डा. अनिल कुमार ने कहा कि गेहूं की फसल के लिए सोना बरसने जैसी बारिश हुई, तो आलू आदि को नुकसान हुआ है। कहा कि अबकी जिले में गेहूं का अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है। इस बारिश से गेहूं की फसल को लाभ मिला है।
बारिश के अलावा लगातार पड़ रहे कोहरे से आलू के उत्पादन पर विपरीत असर पडे़गा। जिन खेतों में पानी भर गया है वहां पर आलू को सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। उधर, पिहानी क्षेत्र में दो दिन से जारी बारिश से इलाकाई किसानों के चेहरों पर चमक है।
कृषकों के अनुसार सिंचाई के समय पर फसलों पर आसमान से पानी के रूप में सोना बरसा है। वहीं सड़कों पर फिसलन से लोग परेशान हो रहे हैं। ज्ञात हो कि 31 दिसंबर 14 की रात से शुरू हुई बारिश यहां शनिवार सुबह तक जारी रही। शुक्रवार की रात तेज बारिश के साथ हवाएं चलने से ठंडक में इजाफा हो गया।
तीन दिन से सूर्य दर्शन न होने से गीली हुई सड़कें वाहन सवारों के लिए दिक्कत बनी रही। करावां तिराहा, अस्पताल और चुंगी के निकट सड़कों पर फिसलन ने दोपहिया वाहन सवारों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। उधर, किसान मोहम्मद शकील, शहूद हसन, गजोधर लाल, भारत प्रसाद द्विवेदी, अनिल कुमार, आफाक, आदि ने बताया कि सिंचाई के समय हुई बारिश ने उन्हें काफी फायदा पहुंचाया है।