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रानीखेड़ा गांव की ओर किया अफसरों ने रुख
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Tue, 05 May 2015 12:29 AM IST
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राव के आने की भनक लगते ही अधिकारी समग्र ग्राम रानीखेड़ा की तैयारियों में
जुट गए। अर्से से बदहाल व्यवस्था में जीवन यापन कर रहे ग्रामीणों को भी
कुछ राहत मिलने की संभावना नजर आ रही है।
सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार सिंह और बीडीओ सुभाष चंद्र ने गांव का जायजा लिया। इस दौरान मिली खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। 7 मई को निरीक्षण के दौरान सब कुछ चकाचक दिखाने को डा. राम मनोहर लोहिया समग्र गांव रानीखेड़ा में अधिकारी मशक्कत करते नजर आ रहे हैं।
विकास कार्य कराने की जल्दबाजी में गांव की नालियों में पीला ईंट का प्रयोग करने के साथ-साथ नाबालिग बच्चों से मजदूरी तक करवाई जा रही है। प्रमुख सचिव के निरीक्षण को लेकर बीडीओ सुभाष चंद्र रानीखेड़ा गांव पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया।
ज्ञात हो कि समग्र ग्राम रानीखेड़ा तक जाने वाले हाईवे से वाया इकनौरा डामर मार्ग अत्यंत खराब है। इसमें जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। गांव से पहले कुछ खंभे तो लगे हैं, पर उन पर तार नहीं बिछे हैं और न ही ट्रांसफार्मर रखा है। जो अब तक गांव में हुए विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं।
गांव को मिले 10 लोहिया आवास अधूरे हैं, टटिया व मिट्टी से निर्मित शौचालयों में गंदगी का अंबार है। गांव में लगे 15 हैंडपंपों में पांच खराब हैं। फिलहाल इन अव्यवस्थाओं पर प्रमुख सचिव की नजर न पड़े, इसको लेकर अफसर कवायद में जुट गए हैं।
सोमवार को जिला पंचायत राज अधिकारी अरविंद कुमार सिंह और बीडीओ सुभाष चंद्र ने गांव का जायजा लिया। इस दौरान मिली खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। 7 मई को निरीक्षण के दौरान सब कुछ चकाचक दिखाने को डा. राम मनोहर लोहिया समग्र गांव रानीखेड़ा में अधिकारी मशक्कत करते नजर आ रहे हैं।
विकास कार्य कराने की जल्दबाजी में गांव की नालियों में पीला ईंट का प्रयोग करने के साथ-साथ नाबालिग बच्चों से मजदूरी तक करवाई जा रही है। प्रमुख सचिव के निरीक्षण को लेकर बीडीओ सुभाष चंद्र रानीखेड़ा गांव पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया।
ज्ञात हो कि समग्र ग्राम रानीखेड़ा तक जाने वाले हाईवे से वाया इकनौरा डामर मार्ग अत्यंत खराब है। इसमें जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। गांव से पहले कुछ खंभे तो लगे हैं, पर उन पर तार नहीं बिछे हैं और न ही ट्रांसफार्मर रखा है। जो अब तक गांव में हुए विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं।
गांव को मिले 10 लोहिया आवास अधूरे हैं, टटिया व मिट्टी से निर्मित शौचालयों में गंदगी का अंबार है। गांव में लगे 15 हैंडपंपों में पांच खराब हैं। फिलहाल इन अव्यवस्थाओं पर प्रमुख सचिव की नजर न पड़े, इसको लेकर अफसर कवायद में जुट गए हैं।