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आशियाने की आस, फिर हुए निराश

Sun, 02 Aug 2015 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई Updated Sun, 02 Aug 2015 12:06 AM IST
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Asiane excursions , were disappointed again

झुग्गी झोपड़ी और छप्पर के नीचे गुजर बसर करने वाले

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गरीब तबके के लोगों को पक्की छत देने के लिए सूबे में प्रदेश सरकार ने डा. राम मनोहर लोहिया ग्रामीण आवास योजना शुरू की। प्रदेश में सरकार बनने के बाद वित्तीय वर्ष 12-13 में शुरू हुई योजना से जिले में वित्तीय 14-15 तक कुल 3333 आवास लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं और उस पर करीब 89 करोड़ रुपये प्रस्तावित हो चुके हैं, पर जिले में डा. राम मनोहर लोहिया आवास योजना दलालों और कमीशनबाजी की भेंट चढ़ी जा रही है।

योजना के तहत आवंटित आवासों के निर्माण के लिए अभी पूरी राशि लाभार्थियों को नहीं मिली है, जिस वजह से लोहिया आवास अधूरे हालत में हैं और जो आवास पूरे हो भी गए हैं उनमें अनियमितता की शिकायतें आई हैं। लोहिया आवास योजना शासन की प्राथमिक योजनाओं में शामिल हैं।

इसके बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही से योजना अपने उद्देश्यों को पूर्ति नहीं कर पा रही है। उधर, प्रदेश सरकार ने गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए डा. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना को शुरू किया। जिसमें विकास से अति पिछडे़ गांवों को चयनित कर विभागों की योजनाएं संचालित की गई।

इन्हीं गांवों में रहने वाले गरीब व्यक्तियों को लोहिया ग्रामीण आवास दिए गए। वित्तीय वर्ष 12-13 के 30 गांव में 121 आवास, वित्तीय वर्ष 13-14 के 41 समग्र गांव में 680 आवास तथा वित्तीय वर्ष 14-15 के 39 समग्र ग्राम में 2,532 आवास लाभार्थियों को दिए गए हैं।

उधर, सूबे की सरकार ने योजना की शुरुआत में लोहिया ग्रामीण आवास बनाने को 1.35 लाख रुपये निर्धारित किए, जिसमें 1.15 लाख रुपये प्रदेश सरकार से और 20 हजार रुपये लाभार्थी को देना था। इसमें ही 25 लाख रुपये सोलर लाइट के शामिल रहे। वहीं वित्तीय वर्ष 13-14 में धनराशि बढ़ाकर 1.60 लाख रुपये कर दी गई।

इसमें 30 हजार रुपये सोलर लाइट के तथा अन्य आवास निर्माण को दी गई। किश्त का आवंटन भी इसी वर्ष से आधी-आधी राशि का किया गया। वित्तीय वर्ष के अंत में धनराशि बढ़ाकर 2.75 लाख रुपयेे निर्धारित हुए। वित्तीय वर्ष 14-15 में 3.05 लाख रुपये आवास निर्माण के लिए दिए जाने लगे, जिससे योजना में कमीशनखोरी और दलालों का वर्चस्व बढ़ गया।

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