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सरकारी दफ्तरों में पानी का संकट

Tue, 09 Jun 2015 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Tue, 09 Jun 2015 11:52 PM IST
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A water crisis in government offices

जिले में पेयजल समस्या को दूर करने को आए दिन

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कलक्ट्रेट में होने वाली बैठकों में डीएम अधीनस्थ अफ सरों को दिशा निर्देश दे रहे हैं, पर उन पर कितना अमल हो रहा, इसका नजारा सरकारी दफ्तरों मेें देखने को मिलता है। आलम यह है कि कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन, बीएसए कार्यालय व डायट मेें लगे हैंडपंप व वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिससे विभागीय अफसरों से लेकर कर्मियों को या तो पानी की बोतल लेकर घर से आना पड़ता है या फिर खरीद कर पीना पड़ता है।

हैरत की बात है कि इन दफ्तरों में दूर दराज से आने वाले फरियादियों व जरूरतमंदों को गला तर करने के लिए पानी नहीं मिल रहा। मंगलवार को कु छ दफ्तरों का जायजा लिया तो हकीकत देखने को मिली। डायट में दूर दराज से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों की भीड़ रहती है।

इसके अलावा यहां पर तैनात स्टाफ और टीचर प्रतिदिन डायट पहुंचते हैं। परिसर में पेयजल के लिए लगा एक मात्र हैंडपंप भी साफ पानी नहीं दे रहा। वहीं यहां रखा वाटर कूलर अर्से से खराब पड़ा। नतीजतन यहां आने वालों को पानी की बोतल साथ लेकर आना पड़ती है। पेयजल समस्या से विभागीय क र्मचारी भी जूझ रहे हैं।

विकास भवन में यहां अफसर और कर्मचारी पूरे जिले की पेयजल समस्या के लिए कार्य योजना तैयार करते हैं, पर उनके लिए पेयजल के लिए कोई भी कार्य योजना नहीं बन रही है। यहां पर लगा वाटर कूलर और हैंडपंप खराब पड़ा है। इससे यहां के कर्मचारियों को पेयजल के लिए कैंटीन तक जाना पड़ता है और वहीं से खरीद कर बोतल बंद पानी पीना पड़ रहा है।

इस संबंध में कोई भी सुध लेने वाला नहीं है। डीएम दफ्तर परिसर में डीएम कार्यालय के सामने कर्मचारियों के लिए हैंडपंप लगा हुआ है, पर यह हैंडपंप भी अर्से से खराब पड़ा। पेयजल के लिए अन्य कोई साधन न होने के कारण कर्मचारियोें को पानी पीने के लिए जिला पंचायत की कैं टीन तक जाना पड़ता है।

वहीं यहां आने वाले फरियादियों को भी पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस ओर आला अफसर भी ध्यान नहीं दे रहे। बीएसए कार्यालय में पेयजल के लिए दो हैंडपंप लगे हुए हैं, पर बोरिंग ऐसे की गई कि उसमें शुरू से ही पानी के साथ बालू आ रहा, पर अब पानी देना भी बंद कर दिया है।

इसके अलावा कार्यालय में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे यहां पर कर्मियों को पानी लेने के लिए डाकघर तक जाना होता है और जो वहां पर नहीं जा पाते हैं, उनको खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है। वहीं कार्यालय आने वाले पेयजल के लिए भटकते रहते हैं।

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