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Hardoi News: पूजन के लिए रुई बत्ती बनाकर आत्मनिर्भर बनने की राह पर बढ़ाया कदम
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फोटो 24 : रुई बत्ती बनाने की मशीन के साथ रामा द्विवेदी। स्रोत : विभाग
हरदोई। रुई बत्ती बनाकर गांव की महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने की राह पर कदम बढ़ाया है। महिलाओं ने घर पर ही मशीन लगाकर रुई से बत्ती बनाने का काम शुरू किया है जिससे उनके समय के सदुपयोग के साथ ही आमदनी का जरिया भी बन गया है।
विकास खंड माधौगंज के कंथरी गांव की रामा द्विवेदी पहले घर के ही कामकाज निपटाने के बाद घर पर ही रहती थीं। समय के साथ उन्होंने घर की चौखट लांघी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं। उन्होंने गांव की ही और 10 महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूह का गठन किया। छोटी-छोटी बचत कर समूह को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। समूह की आय-व्यय अच्छी होने पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से समूह को आर्थिक मदद दी।
रामा द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने घर के कामकाज निपटाने के बाद बचे समय के सदुपयोग और आमदनी बढ़ाने के लिए स्वरोजगार लगाने की सोचीं। बताया कि उन्होंने समूह की महिलाओं के साथ मिलकर रुई बत्ती बनाने, पैकिंग और मार्केटिंग का काम शुरू किया। बताया कि रुई बत्ती बनाने के लिए पैकिंग की मशीन घर पर ही लगा ली। अब वह रुई बत्ती बनाकर आमदनी कर रही हैं।
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रुई बत्ती का उपयोग करीब-करीब प्रत्येक परिवार और मंदिर में होता है जिससे पूजन सामग्री के साथ रुई बत्ती की भी लोग खरीदारी करते हैं। समूह की महिलाओं ने रुई बत्ती बनाकर आत्मनिर्भर बनने का जो रास्ता बनाया है उससे समय का सदुपयोग भी होगा और आमदनी का जरिया भी बना है। -सान्या छाबड़ा, सीडीओ
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विकास खंड माधौगंज के कंथरी गांव की रामा द्विवेदी पहले घर के ही कामकाज निपटाने के बाद घर पर ही रहती थीं। समय के साथ उन्होंने घर की चौखट लांघी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं। उन्होंने गांव की ही और 10 महिलाओं को जोड़कर स्वयं सहायता समूह का गठन किया। छोटी-छोटी बचत कर समूह को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया। समूह की आय-व्यय अच्छी होने पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तरफ से समूह को आर्थिक मदद दी।
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रामा द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने घर के कामकाज निपटाने के बाद बचे समय के सदुपयोग और आमदनी बढ़ाने के लिए स्वरोजगार लगाने की सोचीं। बताया कि उन्होंने समूह की महिलाओं के साथ मिलकर रुई बत्ती बनाने, पैकिंग और मार्केटिंग का काम शुरू किया। बताया कि रुई बत्ती बनाने के लिए पैकिंग की मशीन घर पर ही लगा ली। अब वह रुई बत्ती बनाकर आमदनी कर रही हैं।
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रुई बत्ती का उपयोग करीब-करीब प्रत्येक परिवार और मंदिर में होता है जिससे पूजन सामग्री के साथ रुई बत्ती की भी लोग खरीदारी करते हैं। समूह की महिलाओं ने रुई बत्ती बनाकर आत्मनिर्भर बनने का जो रास्ता बनाया है उससे समय का सदुपयोग भी होगा और आमदनी का जरिया भी बना है। -सान्या छाबड़ा, सीडीओ