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सत्यापन रिपोर्ट न आने से खफा
Hardoi
Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। तत्कालीन प्रदेश सरकार में संचालित गरीब आर्थिक मदद योजना के लाभार्थियों का सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। जिम्मेदारों की लापरवाही से अभी तक गरीब आर्थिक मदद योजना का सत्यापन कई ब्लाकों व नगर क्षेत्र से नहीं आया है, जबकि विभाग द्वारा कई बार पत्र जारी किए जा चुके हैं।
हालांकि, अब योजना के लाभार्थियों का सत्यापन करके देना होगा। जिसके लिए सीडीओ के निर्देश पर सभी संबंधित ब्लाकों के बीडीओ व नगर क्षेत्र के ईओ को पत्र भेजा गया है। साथ ही एक सप्ताह में सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई है। गरीबों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश की बसपा सरकार ने महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना का संचालन किया था, जिसके तहत किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा से वंचित लाभार्थियों को प्रति माह चार सौ रुपए से 24 सौ रुपए छमाही पेंशन दी जाती है। बताते चलें कि गरीब आर्थिक मदद योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रथम वित्तीय वर्ष में तो पेंशन दे दी गई। वहीं द्वितीय वित्तीय वर्ष की पेंशन 52,190 लोगों को दी गई, लेकिन जब द्वितीय किश्त देने का मामला सामने आया तो उसका सत्यापन सभी बीडीओ अज्ञैर नगर क्षेत्रों के ईओ से कराने के लिए पत्र भेजा गया।
हालांकि इस बीच सरकार बदल गई, तो जिले के आठ ब्लाकों के बीडीओ और सात नगर क्षेत्रों के ईओ ने सत्यापन करवाकर नहीं भेजा। अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण कार्यालय से अधिकारियों को कई बार पत्र और रिमाइंडर भी भेजे गए, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। सत्यापन अभी तक अहिरोरी, टड़ियावां, शाहाबाद, हरपालपुर, सांडी, माधौगंज, कोथावां व कछौना आदि ब्लाकों से नहीं आया। नगर क्षेत्रों में कछौना, सांडी, गोपामऊ, सदर, माधौगंज, कुरसठ व बेनीगंज आदि से भी न आने पर अब सीडीओ के निर्देश पर उनकी ओर से सभी संबंधित ब्लाकों के विकास अफसरों व नगर क्षेत्र के ईओ को पत्र भेजे गए हैं। सीडीओ के निर्देश पर भेजे गए पत्र में सत्यापन एक सप्ताह में पूरा कर रिपोर्ट अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण को देने के निर्देश दिए गए हैं।
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हालांकि, अब योजना के लाभार्थियों का सत्यापन करके देना होगा। जिसके लिए सीडीओ के निर्देश पर सभी संबंधित ब्लाकों के बीडीओ व नगर क्षेत्र के ईओ को पत्र भेजा गया है। साथ ही एक सप्ताह में सत्यापन कर रिपोर्ट मांगी गई है। गरीबों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रदेश की बसपा सरकार ने महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना का संचालन किया था, जिसके तहत किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा से वंचित लाभार्थियों को प्रति माह चार सौ रुपए से 24 सौ रुपए छमाही पेंशन दी जाती है। बताते चलें कि गरीब आर्थिक मदद योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रथम वित्तीय वर्ष में तो पेंशन दे दी गई। वहीं द्वितीय वित्तीय वर्ष की पेंशन 52,190 लोगों को दी गई, लेकिन जब द्वितीय किश्त देने का मामला सामने आया तो उसका सत्यापन सभी बीडीओ अज्ञैर नगर क्षेत्रों के ईओ से कराने के लिए पत्र भेजा गया।
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हालांकि इस बीच सरकार बदल गई, तो जिले के आठ ब्लाकों के बीडीओ और सात नगर क्षेत्रों के ईओ ने सत्यापन करवाकर नहीं भेजा। अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण कार्यालय से अधिकारियों को कई बार पत्र और रिमाइंडर भी भेजे गए, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया। सत्यापन अभी तक अहिरोरी, टड़ियावां, शाहाबाद, हरपालपुर, सांडी, माधौगंज, कोथावां व कछौना आदि ब्लाकों से नहीं आया। नगर क्षेत्रों में कछौना, सांडी, गोपामऊ, सदर, माधौगंज, कुरसठ व बेनीगंज आदि से भी न आने पर अब सीडीओ के निर्देश पर उनकी ओर से सभी संबंधित ब्लाकों के विकास अफसरों व नगर क्षेत्र के ईओ को पत्र भेजे गए हैं। सीडीओ के निर्देश पर भेजे गए पत्र में सत्यापन एक सप्ताह में पूरा कर रिपोर्ट अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण को देने के निर्देश दिए गए हैं।
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