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कैसे बनेगा साइकिल ट्रैक ‘सरकार’

Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
Hardoi
Hardoi Updated Mon, 24 Nov 2014 05:30 AM IST
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हरदोई। साइकिल यातायात को बढ़ावा देने को प्रदेश भर में साइकिल ट्रैक बनाने का आदेश दिया गया। प्रमुख सचिव ने डीएम को पत्र भेजकर जिले में उन स्थानों पर साइकिल ट्रैक बनाने का आदेश दिया है, जहां वर्तमान में साइकिल यातायात ज्यादा है। मसलन यह स्कूल जाने वाले तथा किसी औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाला मार्ग हो सकता है।
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिले में साइकिल ट्रैक बनाने को डीएम ने निर्देश दिए हैं, पर अतिक्रमण से पटे शहर के फुटपाथों पर शासन की मंशा कारगर हो पाना मुश्किल लग रही है। शहर में किसी भी मार्ग का फुटपाथ हो वह सड़क तक अतिक्रमण से घिरा हुआ है। यहां तक स्कूल, अस्पताल और बैंकों के आगे भी फुटपाथ को प्रबंधन ने अपना निजी वाहन स्टैंड बना लिया। ऐसे में साइकिल ट्रैक के लिए स्थान का चिन्हाकन कर पाना जिले के अफसरों के लिए टेेढ़ी खीर कम साबित होगा। हालांकि, डीएम ने स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। उधर, सड़कों के किनारे साइकिल ट्रैक बनाने के पीछे शासन की मंशा वाहनों के बढ़ते प्रयोग पर लगाम लगाना है। सरकार ने साइकिल को वैकल्पिक वाहन के रूप में प्रयोग करना चाह रही है। ईंधन की खपत कम हो सके और बढ़ते दामों को काबू में किया जा सके।
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साइकिल के प्रयोग से प्रदूषण पर भी लगाम लगने की उम्मीद लगाई जा रही है। सरकार की मानें तो मोटराइज्ड वाहनों के प्रयोग से होने वाले धुएं को कम किया जा सकता है, ऐसे में पर्यावरण भी बेहतर बनेगा। साइकिल ट्रैक की स्थापना के पीछे शासन की मंशा बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर भी रोकथाम लगाना है। ज्ञात हो कि मार्ग दुर्घटना में प्रतिवर्ष सैकड़ों मौतें हो जाती हैं। ऐसे में यदि साइकिल ट्रैक का निर्माण होेता है, तो यह मार्ग साइकिल के लिए आरक्षित हो जाएगा और इस पर पैदल व्यक्ति भी आवागमन भी कर सकेंगे। ऐेसे में दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगाई जा सकती है। उधर, साइकिल ट्रैक स्कूल मार्ग, कई उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों, निजी एवं सरकारी संस्था, शिक्षण संस्थान, फैक्ट्री आदि जाने वाले मार्ग पर विकसित किया जाएगा, जबकि वित्तीय संसाधनों का उपयोग कर संस्थाआें को ही परिसर में साइकिल की सुरक्षा एवं समुचित पार्किंग स्थल का निर्माण कराना होगा।
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इंसेट---
केस-एक- प्रधान डाकघर मार्ग पर निकलना नहीं आसान
हरदोई। बीएसए कार्यालय से होते हुए जीआईसी जाने वाले प्रधान डाकघर मार्ग पर फुटपाथ अब दिखाई ही नहीं देते हैं। अस्थाई रूप से बनाई गईं दुकानें अब स्थायी हो गई हैं, जो सड़क तक फैली हुई है। लोगों का निकल पाना तो मुश्किल हो गया है। साइकिल ट्रैक बन पाना तो बहुत बड़ी बात है।
इंसेट---
केस-दो- अवैध स्टैंड बना जीजीआईसी गेट
हरदोई। घंटाघर मार्ग पर जीआईसी और जीजीआईसी का गेट है और यह मार्ग भी अधिक व्यस्त रहता है, ऐसे में इस मार्ग पर साइकिल ट्रैक की जरूरत है, पर हकीकत यह है कि दोनोें स्कूलों के गेट अवैध ढंग से बड़े वाहनों के स्टैंड बन गए हैं। जिन पर पैदल चलने वालों का ही निकलना मुश्किल है, साइकिल ट्रैक बनना टेढ़ी खीर है।
इंसेट---
केस-तीन- डग्गामार वाहनों का आश्रय बना लखनऊ रोड
हरदोई। शहर के लखनऊ जाने वाले मार्ग पर आईटीआई, तीन बैंक तथा कई कोचिंग व अस्पताल संचालित हो रहे हैं, पर सिनेमा चौराहे से लखनऊ चुंगी तक पूरा मार्ग अवैध रूप से संचालित होने वाले डग्गामार वाहनों का अड्डा बना है और जहां डग्गामार वाहन नहीं हैं, वहां दुकानदारों ने अपना अतिक्रमण फैला रखा है।
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केस-चार- बैंक के बाहर फुटपाथ बने स्टैंड
हरदोई। शासन ने निजी संस्थाओं को वाहनों की पार्किंग के लिए स्वयं के वित्तीय संसाधनों से स्थान बनाने के लिए निर्देश दिए हैं। जिससे स्थिति में सुधार की उम्मीद है, जबकि अभी तक तो स्थिति यह है कि निजी बैंकाें द्वारा भी वाहनों की पार्किंग के लिए उचित स्थन न देने से सड़क तक वाहन खड़े होते हैं।
इंसेट---
केस-पांच- अतिक्रमण का गढ़ बनी सिनेमा रोड
हरदोई। शहर की सिनेमा रोड तो पूरी तरह से अतिक्रमण की गिरफ्त में है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पर दुकानदारों ने सामान सजा रखा है, वहीं ग्राहकों द्वारा अपने वाहन भी खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे स्थिति बदतर हो जाती है कि हर 10 मिनट पर जाम लगता है, जबकि सिनेमा रोड पर भी बैंक और कोचिंग संस्थाएं हैं।
इंसेट---
केस-छह- वाहनों का जाम आम आदमी परेशान
हरदोई। साइकिल ट्रैक बनाने की मंशा पर वाहनों का जाम ग्रहण लगाए है। अस्पतालों के बाहर भी साइकिल व बाइक बेतरतीब खड़े होते हैं, जिससे सड़क तक कोई स्थान नहीं बचता है और जाम से आम आदमी को परेशान होना पड़ता है।
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केस-दो- जिला अस्पताल रोड पर भी मुक्त नहीं फुटपाथ
हरदोई। जिला अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर भी फुटपाथों का अतिक्रमण फैला हुआ है। दुकानदारों ने काफी दूर तक जगह घेर रखी है, तो वाहनों से फुटपाथ खाली नहीं है। इतना ही नहीं टैक्सी स्टैंड वालों ने तो पूरा कब्जा जमा रखा है, जिसे खाली करा पाना प्रशासन के सामने चुनौती है।
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केस-एक- अतिक्रमण से स्टेशन रोड भी जाम
हरदोई। अतिक्रमण से शहर की स्टेशन रोड भी बदहाल है। सड़क तक फैले अतिक्रमण की वजह से वाहनों का सही ढंग से आवागमन नहीं हो पा रहा है। अब प्रशासन को इन्हीं फुटपाथों पर साइकिल ट्रैक का निर्माण कराना होगा, जो चुनौती के समान है।
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ट्रैक निर्माण को निर्धारित की गई नीति
हरदोई। शासन ने साइकिल ट्रैक निर्माण को नीति का निर्धारण कर दिया है। गाइड लाइन के अनुसार ट्रैक के लिए उचित डिजाइन का साइकिल मार्ग, साइकिल के लिए पार्किंग व्यवस्था, यातायात हेतु मार्ग दर्शक चिन्हों एवं संकेतक प्रणाली बनाने को कहा गया है। इसके अलावा साइकिल ट्रैक का रंग लाल रखने को कहा गया, ताकि मोटराईज्ड वाहनाें को मार्ग अलग से दिखे और वह दूर रहें। यह नीति साइकिल यातायात को बेहतर बनाने को बनाई गई है।
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विकसित देशों का लिया उदाहरण
हरदोई। प्रमुख सचिव द्वारा जारी पत्र में साइकिल यातायात के प्रति प्रोत्साहित करते हुए लोगों को विकसित देशोें से उदाहरण लेने की अपील की। बताया कि विश्व में यूएसए, नीदरलैंड, डेनमार्क, जर्मनी तथा यूनाइटेड किंगडम के साथ चीन में भी नागरिकों द्वारा कार्यालय आवागमन तथा फुर्सत के समय भी साइकिल का प्रयोग किया जाता है।

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‘साइकिल ट्रैक के निर्माण को लेकर स्थान चयन कराने की प्रक्रिया शुरू करवा दी गई है। जहां पर ट्रैक की जरूरत अधिक है, वहां पर साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा।’ रमेश मिश्र, डीएम
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